परामर्शदात्री समिति की बैठक में भ्रष्टाचार का विस्फोट

परामर्शदात्री समिति की बैठक में भ्रष्टाचार का विस्फोट

  • शिक्षकों ने कहा छुट्टी के लिए भी मांगे जाते हैं पैसे
  • बाबूओं की मनमानी और संलग्नीकरण के खेल पर कर्मचारी संगठनों का हल्लाबोल
  • एडीएम और सीईओ ने सुनीं शिकायतें
  • सहायक आयुक्त और बीईओ कार्यालय पर गंभीर आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार आयोजित सर्व विभागीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक हंगामेदार रही। अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एचएस घोरमारे और जिला पंचायत सीईओ शास्वत सिंह मीणा की उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक में कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने विभिन्न विभागों में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का कच्चा चि_ा खोलकर रख दिया।मोर्चा के जिलाध्यक्ष केडी दुबे के नेतृत्व में शिक्षक संगठनों ने जनजातीय कार्य विभाग सहायक आयुक्त कार्यालय और बीईओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। संगठनों ने आरोप लगाया कि महिला शिक्षकों से मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत करने के लिए दिनों के हिसाब से पैसों की मांग की जाती है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की क्रमोन्नति की फाइलें महीनों से धूल खा रही हैं, और कई बार कार्यालय से फाइलें गायब तक हो जाती हैं। स्थानांतरण पर रोक के बावजूद संलग्नीकरण की आड़ में एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में नियम विरुद्ध तबादले किए जा रहे हैं।

कोषालय और स्वास्थ्य विभाग भी निशाने पर 

बैठक में कोष एवं लेखा विभाग (कोषालय) पर भी सवाल उठाए गए। संगठनों का आरोप है कि एरियर बिलों पर बेवजह आपत्ति लगाकर उन्हें रिजेक्ट किया जाता है और संपर्क करने के बाद उन्हीं बिलों को पास कर दिया जाता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की एएनएम जिलाध्यक्ष ने पिछले 5 वर्षों से नियम विरुद्ध एचआरए की कटौती करने और वरिष्ठता सूची जारी न करने का मुद्दा उठाया। पीएचई विभाग में बाबूओं की जगह आउटसोर्स कर्मचारियों से काम कराने पर भी आपत्ति जताई गई।

मंडला बीईओ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी 

शिक्षक संगठनों ने मंडला बीईओ के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए कहा कि तीन-तीन प्रभार होने के कारण वे शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, जिससे बाबू बेलगाम हो चुके हैं और बिना लेन-देन के कोई काम नहीं होता। भ्रष्ट कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग को भी लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है।

कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग 

बैठक के समापन पर संयुक्त मोर्चा ने जिला कलेक्टर से मिलकर परामर्शदात्री समिति की बैठक बहाल करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने निवेदन किया कि अगली बैठक में कलेक्टर स्वयं उपस्थित रहें ताकि विभागों में व्याप्त इस गहरे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


 

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