पारंपरिक चाक पर मिट्टी की कलाकृतियां गढ़ रहे कलाकार

कला और माटी का संगम, कैनवास पर उतरी मंडला की सुंदरता

3 दिवसीय रजा उत्सव का आगाज, रंगों के माध्यम से दी जा रही सैयद हैदर रजा को श्रद्धांजलि

  • रजा कला वीथिका में जल रंग कार्यशाला शुरू
  • पारंपरिक चाक पर मिट्टी की कलाकृतियां गढ़ रहे कलाकार

मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रजा की स्मृति में आयोजित तीन दिवसीय रजा उत्सव 2026 का शुक्रवार को शुभारम्भ हुआ। जिला एवं सत्र न्यायालय के समीप स्थित रजा कला वीथिका में 22 फरवरी तक चलने वाले इस उत्सव में कला प्रेमी अपनी रचनात्मकता के जरिए पसंदीदा कलाकार को याद कर रहे हैं।रजा फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस उत्सव के प्रथम दिन विशेष रूप से जल रंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें यश भोपटे, अनुज आर्य, आरिफ खान, अभिनाश यादव और दीपक जूरी सहित अनेक युवा कलाकार अपने कैनवास पर मंडला की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को पेंट कर रहे हैं। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाली इस कार्यशाला में कला के शौकीन बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं।

बारीकियों से रूबरू हो रहे कला प्रेमी 

कार्यक्रम में वरिष्ठ कलाकार आशीष कछवाहा, गरिमा ताम्रकार और अशोक सोनवानी मौजूद रहकर चित्रकारी सीखने वाले लोगों को कला की बारीकियों और तकनीकों से अवगत करा रहे हैं। इसके साथ ही, उत्सव में वरिष्ठ कलाकार श्री अखिलेश की विशेष उपस्थिति ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

माटी पर रंग और परंपरा का संरक्षण 

उत्सव का एक मुख्य आकर्षण माटी पर रंग कार्यशाला है। यहाँ धनेश्वर प्रजापति पारंपरिक चाक पर मिट्टी के दीये, गमले, सुराही और गुल्लक बनाना सिखा रहे हैं। लोग स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की वस्तुएं तैयार कर रहे हैं और उन पर चित्रकारी कर उन्हें यादगार स्वरूप अपने साथ ले जा रहे हैं।

संयोजक की अपील 

रजा उत्सव के संयोजक योगेन्द्र त्रिपाठी ने जिले के समस्त कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और नागरिकों से अपील की है कि वे इस तीन दिवसीय आयोजन में सम्मिलित होकर मंडला की इस कलात्मक विरासत को सफल बनाएं। कला प्रेमी ड्राइंग शीट, कैनवास और मिट्टी के पात्रों पर चित्रकारी कर सैयद हैदर रजा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।



 

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