नल-जल योजना की सुस्त रफ्तार
- पाइप बिछे पर सूखे हैं नल, ग्रामीण बूंद-बूंद को तरसे
- निवास के महरासिवनी में एक किमी दूर से ला रहे पानी
- घुघरी के नैझर और बिजोरा में अधूरी पड़ी योजनाएं
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी की आहट से पहले ही पेयजल संकट गहराने लगा है। निवास और घुघरी जनपद के कई गाँवों में करोड़ों की लागत से शुरू हुई नल-जल योजनाएं कागजों और पाइपों तक ही सिमट कर रह गई हैं, जिससे ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं।
निवास विकासखंड के ग्राम मेहरासिवनी के वार्ड नंबर 8 में हालात बदतर हैं। यहाँ पाइपलाइन तो बिछ गई है, लेकिन ट्यूबवेल न होने के कारण योजना शोपीस बनी हुई है। वार्डवासी एक किलोमीटर दूर जाकर कुंआ और झिरिया से पानी ला रहे हैं। वहीं झिरिया का मटमैला पानी छानकर पीने से क्षेत्र में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने विभाग से तत्काल ट्यूबवेल खनन की मांग की है।
तीन साल बाद भी अधूरी है योजना
घुघरी जनपद की ग्राम पंचायत नैझर में तीन साल पूर्व पानी की टंकी तो बन गई, लेकिन पाइपलाइन का जाल आज भी अधूरा है। ग्रामीण बताते हैं कि पोषक ग्राम पीपरदौन में उपलब्ध बोर से टंकी भरने की योजना थी, लेकिन वहाँ के लोग पानी साझा करने से मना कर रहे हैं। जल स्रोत न होने से नैझर की बड़ी आबादी जल संकट से जूझ रही है।
बिजोरा में कार्य अधूरा छोड़कर भागा ठेकेदार
घुघरी की पाटन पंचायत अंतर्गत ग्राम बिजोरा में भी लापरवाही का आलम है। यहाँ नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम बीच में ही छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर नाले और कुओं से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।









