अतिथि शिक्षकों की मदद के लिए भी नहीं बचे पैसे
- चंदा जुटाकर फरियाद लेकर पहुंचे जनसुनवाई
- 4 महीने से मानदेय न मिलने से आक्रोश
- निवास और मोहगांव के शिक्षकों ने कलेक्टर व जनपद सीईओ को सौंपा ज्ञापन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अतिथि शिक्षक आज स्वयं आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। मंगलवार को निवास विकासखंड के दर्जनों अतिथि शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर अपनी व्यथा सुनाई। अतिथि शिक्षक परिवार के जिलाध्यक्ष पी.डी. खैरवार के नेतृत्व में शिक्षकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पिछले 4 माह से लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की मांग की है।
बताया गया कि जनसुनवाई में पहुँचे शिक्षकों ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई है कि निवास से मंडला तक आने के लिए उनके पास बस का किराया तक नहीं था। शिक्षकों ने आपस में चंदा इक_ा किया, तब कहीं जाकर वे अपनी फरियाद लेकर मुख्यालय पहुँच सके। शिक्षकों ने बताया कि इससे पहले बीईओ निवास को भी आवेदन दिया गया था, लेकिन वहां से केवल आश्वासन ही मिला।
कर्ज के बोझ में दबे अतिथि शिक्षक
शिक्षकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहां कि वेतन न मिलने से दैनिक खर्चों, दवाइयों और बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षकों को कर्ज लेना पड़ रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि पड़ोसी विकासखंडों और डिंडोरी जिले में भुगतान नियमित हो रहा है, तो फिर केवल निवास विकासखंड के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? बार-बार आवेदन देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
नियमितीकरण की भी उठी मांग
एक ओर जहाँ निवास के शिक्षक मानदेय के लिए जूझ रहे हैं, वहीं मोहगांव के अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की लंबित मांग को लेकर जनपद सीईओ को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सेवा शर्तों में सुधार और नियमित भुगतान सुनिश्चित नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
कलेक्टर से की गई मांग
अतिथि शिक्षकों ने कलेक्टर को समस्या बताते हुए मांग की कि बकाया 4 माह का मानदेय तत्काल खाते में डाला जाए। भुगतान के लिए हर महीने की एक निश्चित तिथि तय की जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र गति दी जाए। इस अवसर पर ओमप्रकाश वरकड़े, राममिलन यादव, बालचंद, वचन सिंह, प्रभात झारिया, प्रभु साहू सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।









