मोहगांव की समस्याओं पर आर-पार की जंग
- मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 13 फरवरी से बड़ चौराहा पर होगा अनिश्चितकालीन धरना
- राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
- जर्जर स्कूल, सड़कों की बदहाली और कृषि महाविद्यालय की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने खोला मोर्चा
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड मोहगांव के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं के अभाव और लंबित समस्याओं का निराकरण न होने से क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। विभिन्न मांगों को लेकर विगत कई वर्षों से किए जा रहे पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने पर, अब समस्त क्षेत्रवासियों ने सामूहिक हड़ताल और आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इस संबंध में महामहिम राज्यपाल के नाम एक विस्तृत सूचना ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर 19 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 13 फरवरी से बड़ चौराहा मोहगांव में अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। बताया गया कि मांगों में झुरगी, आमाटोला, रमपुरी, पड़ादर, सकरी और कुण्डाटोला सहित दर्जन भर गांवों में प्राथमिक शालाओं के भवन जर्जर हैं या भवन ही उपलब्ध नहीं हैं। बच्चे एक ही अतिरिक्त कक्ष में 1 से 5वीं तक की कक्षाएं पढऩे को मजबूर हैं। आदिवासी अंचल मोहगांव से उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 50-70 किमी दूर मण्डला या डिण्डौरी जाना पड़ता है, जिससे कई छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। अत: मोहगांव में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग की गई है। ग्राम झुरगी, पोंडी और भानपुर जैसे गांवों में उद्वहन सिंचाई व्यवस्था, क्षेत्र में सब्जी व गल्ला मंडी की स्थापना, और विभिन्न ग्रामों में पहुंच मार्ग व पुलिया निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इसके साथ जर्जर आंगनवाड़ी भवनों का नवनिर्माण, गांवों में खराब विद्युत ट्रांसफार्मर बदलना और स्कूलों से शिक्षकों के संलग्नीकरण को समाप्त कर उन्हें मूल शाला में वापस भेजने की मांग की गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और किसान बदहाल हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।









