अमगंवा गौशाला को नियम विरुद्ध खाली करने पर भड़का आक्रोश
- अमगंवा गौशाला में भ्रष्टाचार और गौ-वंश की मृत्यु का आरोप
- विहिप और बजरंग दल ने कलेक्टर और पशुपालन मंत्री को सौंपा ज्ञापन
- मनरेगा से बनी 27 लाख की गौशाला में अनियमितता की जांच की मांग
- वित्तीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला गौ रक्षा विभाग ने कलेक्टर और पशुपालन मंत्री मंडला को ज्ञापन सौंपकर ग्राम अमगंवा बिझौली स्थित गौशाला में हो रही भारी अनियमितताओं और गौ-वंश की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बताया गया कि वर्ष 2018 में मनरेगा योजना के अंतर्गत लगभग 27 लाख रुपये की लागत से इस गौशाला का निर्माण हुआ था, जिसका संचालन ग्राम पंचायत अमगंवा द्वारा किया जा रहा है।
आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से गौशाला में गौ-वंश को न तो पर्याप्त चारा-भूसा दिया जा रहा है और न ही पानी की समुचित व्यवस्था है, जिसके कारण गायों की लगातार मृत्यु हो रही है। विहिप कार्यकर्ताओं ने बताया कि लगभग 8 माह पूर्व गौशाला में गौ-वंश की संख्या 113 थी, जो अब घटकर मात्र 45 रह गई है । शेष गौ-वंश की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है ।
गौशाला में सुधार का दिया था आश्वासन
बताया गया कि गौशाला की बदहाली के विरोध में स्थानीय निवासी अनिल महाराज बाबा ने 9 से 12 दिसंबर 2025 तक आमरण अनशन और चक्का जाम किया था। तब अधिकारियों ने 15 दिनों में सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन आरोप है कि मामले को दबाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत ने रातों-रात नियमों के विरुद्ध गौ-वंश को वाहनों में भरकर दूसरी गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया और परिसर खाली कर दिया।
वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप
संगठन ने मांग की है कि गौ-संवर्धन मद के अंतर्गत पंचायत को प्राप्त होने वाली लाखों रुपये की राशि की विस्तृत वित्तीय जांच की जाए । यह भी जांच का विषय है कि जब प्रति गाय 40 रूपए की दर से प्रतिमाह लाखों रूपए की राशि मिल रही थी, तो गौ-वंश भूख और प्यास से क्यों मरता रहा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला गौ-रक्षा प्रमुख रेनू कछवाहा, विहिप प्रांत कार्यकारणी अरविंद पाण्डेय, निलेश सिंगरौरे, रोहित झारिया, अंबिका प्रसाद, बाबा अनिल पटेल, गोपाल, हिमांशु ठाकुर, अनिल पटेल, मनीष समेत ग्रामवासी शामिल रहे, जिन्होंने दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है ।










