वैदिक गुरुकुल में तुलसी जयंती के साथ जल चौपाल का संगम
- जल संरक्षण का दिया संदेश, जन अभियान परिषद की पहल
- बोरी बंधान से संवरेगा जल स्तर, आचार्य भीमदेव ने बताए तुलसी के औषधीय गुण
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जिले में चलाए जा रहे जल संचय अभियान के तहत निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिषद द्वारा चयनित नवांकुर संस्था वैदिक गुरुकुल में तुलसी जयंती के पावन अवसर पर जल चौपाल का विशेष आयोजन किया गया। जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी एवं विकासखंड समन्वयक संतोष कुमार झारिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जन जागरूकता और सह-भोज के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।
जल संचय से आत्मनिर्भर बनेंगे किसान और पशुपालक
जल चौपाल को संबोधित करते हुए विकासखंड समन्वयक संतोष कुमार झारिया ने कहा कि श्रमदान के माध्यम से किए जा रहे बोरी बंधान कार्य से नदी-नालों में पर्याप्त जल भराव हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पहल से न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, बल्कि मवेशियों की प्यास बुझाने और ग्रामीणों के दैनिक निस्तार के लिए भी स्थायी जल संसाधन सुनिश्चित होंगे। यह क्षेत्र में जल संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है।
तुलसी-आयुर्वेद का सुरक्षा कवच
कार्यक्रम में वैदिक गुरुकुल आश्रम के संचालक आचार्य भीमदेव महाराज ने तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आयुर्वेद की बहुमूल्य औषधि बताया। उन्होंने कहा कि तुलसी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीवायरल गुण होते हैं। यह तनाव कम करने, पाचन सुधारने और सर्दी-खांसी जैसे रोगों से लडऩे में सहायक है। आधुनिक स्वास्थ्य दिनचर्या में भी तुलसी का महत्व बढ़ता जा रहा है।
सह-भोज ने बढ़ाई कार्यक्रम की रोचकता
तुलसी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सह-भोज का भी आयोजन किया गया, जिसने सामुदायिक जुड़ाव को और मजबूत किया। कार्यक्रम में परामर्शदाता संतोष कुमार रजक, रागिनी हरदहा, आशीष नामदेव सहित सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।










