कैम्प से लौटी नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ जिम्मेदार रहे नदारत
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाबालिग आदिवासी छात्राओं को अकेला छोड़ भागा बस चालक
- एनसीसी कैंप से लौटने के दौरान अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
- अभिभावकों ने मोबाइल वीडियो बनाकर कलेक्टर और मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. बुधवार तड़के सुबह बीजाडांडी में एनसीसी कैंप से लौट रहीं तीन दर्जन से अधिक नाबालिग आदिवासी छात्राओं को राष्ट्रीय राजमार्ग पर अकेले छोडऩे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने एनसीसी अधिकारियों और संबंधित स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी अनुसार रांझी जबलपुर में आयोजित एनसीसी कैंप से इन छात्राओं को बुधवार देर रात्रि करीब 3.30 बजे एक बस में बिठाकर भेजा गया। बस चालक ने इन छात्राओं को बिना किसी महिला सुरक्षाकर्मी या गार्ड की निगरानी के तड़के करीब 4.40 बजे शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बीजाडांडी के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोड़कर भाग गया। छात्राओं ने किसी तरह अपने परिजनों को फोन कर बुलाया। जिन अभिभावकों के पास साधन थे, वे तुरंत पहुँचे, लेकिन 10 से 15 किमी दूर के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अभिभावकों का आक्रोश
छात्राओं के अभिभावकों ने इस घोर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि लाखों रुपये का वेतन लेने वाले अधिकारियों और स्कूल के जिम्मेदारों को इतनी रात में नाबालिग छात्राओं को बिना सुरक्षा अकेले भेजने में शर्म नहीं आई। एक चिंतित अभिभावक ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया के माध्यम से कलेक्टर सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री को टैग कर कार्रवाई की मांग की है।
जिम्मेदार के विरोधाभासी बयान
जिले के संवेदनशील कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने तत्काल इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं जब एक मीडिया कर्मी ने सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता से बात की तो उनका कहना था कि सभी छात्राओं को महिला शिक्षकों की निगरानी में लाया गया और 5.20 बजे बीजाडांडी में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के सामने छोड़ा गया जिसके बाद छात्राओं के परिजन आए और छात्राओं को लेकर चले गये। हालांकि वीडियो बनाने वाले अभिभावक ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जब वह अपनी बच्ची को लेने गए थे, तब वहां कोई भी महिला शासकीय कर्मचारी मौजूद नहीं थी। उन्होंने लापरवाह कर्मचारियों पर चोरी-छिपे देर रात छात्राओं को लाने और अकेले जाने को मजबूर करने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।










