तेंदुए के शिकार के आरोपी गिरफ्तार, नाखून और हड्डियां बरामद
- वन विभाग की कार्रवाई, बैहर कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
मंडला महावीर न्यूज 29. वन विभाग ने तेंदुए के अवैध शिकार और उसके अंगों की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान धीरसिंह उईके और चैतराम पंद्रे के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से तेंदुए के नाखून, हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद किए हैं। बैहर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बताया गया कि मुखबिर की सूचना पर समनापुर के परिक्षेत्र अधिकारी ने एक टीम गठित कर मलांजखंड के कंचन नगर में घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध धीरसिंह उईके को रोका गया, जिसकी तलाशी में उसकी जेब से 3 नग वन्य प्राणी के नाखून मिले। पूछताछ में धीरसिंह ने बताया कि उसने ये नाखून चैतराम पंद्रे से बेचने के लिए लिये थे। इसके बाद वन विभाग की टीम ने चैतराम पंद्रे को भी पूछताछ के लिए बुलाया। चैतराम ने बताया कि करीब एक साल पहले उसने चीतल के शिकार के लिए करंट लगाया था, जिसमें तेंदुआ फंस गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग ने किसली वन परिक्षेत्र में खुदाई की। इस दौरान शव परीक्षण वन्यजीव विषेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. संदीप अग्रवाल डॉ. आशीष वैध, बैहर द्वारा एनटीसीए के अधिकृत प्रतिनिधि शिवांगी वेन्द्रे, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक द्वारा नांमाकित अशासकीय वन्यप्राणी विशेषज्ञ चन्द्रेश खरे, क्षेत्र संचालक, रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, उप संचालक कोर, बफर अमिता केबी की उपस्थिति में किया गया। इस कार्यवाही की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई। अपराध प्रकरण में शामिल दोनों आरोपियों को न्यायालय बैहर के समक्ष उपस्थित कर उन्हें न्यायालिक रिमांड पर जेल भेजा गया। प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही जारी है।









