श्री गणेश, दुर्गा की प्रतिमाओं से महक रही बबलिया की कला
- मूर्तिकार राजेश की कलाकारी से जीवंत हो उठती हैं मूर्तियां
मंडला महावीर न्यूज 29. कला और आस्था का अद्भुत संगम बबलिया गांव में हर वर्ष मूर्तिकार राजेश चक्रवर्ती और भूपेंद्र चक्रवर्ती द्वारा तैयार की गई दुर्गा और श्री गणेश की प्रतिमाओं में देखने को मिलता है। ये कलाकार सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखते हुए मिट्टी से बनी इन प्रतिमाओं में जान फूंक देते हैं। हर साल यहां 200 से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं बनाकर विक्रय करते है। जिन्हें भक्तगण बड़े ही श्रद्धा और प्रेम के साथ अपने घरों और पंडालों में स्थापित करते हैं।
बताया गया कि गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा के आने से पहले ही चक्रवर्ती परिवार के घर पर चहल-पहल शुरू हो जाती है। मिट्टी और रंग की महक पूरे वातावरण में फैल जाती है। राजेश चक्रवर्ती बताते हैं कि मिट्टी से बनी इन मूर्तियों की डिमांड हर साल बढ़ती जा रही है, क्योंकि ये पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। श्रद्धालु भी इन मूर्तियों को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि वे प्राकृतिक होती हैं और पूजा-अर्चना के बाद इनका विसर्जन आसानी से हो जाता है।
बबलिया के स्थानीय लोग इन कलाकारों की बहुत तारीफ करते हैं। वे कहते हैं कि राजेश और भूपेंद्र की कला न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी संजोकर रख रहे है इन मूर्तियों को बनाने में उनका समर्पण और मेहनत स्पष्ट दिखाई देती है।









