मंडला में कुम्भकार महोत्सव, समाज की कला और योगदान को मिला सम्मान

मंडला में कुम्भकार महोत्सव, समाज की कला और योगदान को मिला सम्मान

  • पीएचई मंत्री संपतिया उइके ने आत्मनिर्भर भारत में कुम्भकार समाज की भूमिका को सराहा

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के सभागार में अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ और जिला चक्रवर्ती कुम्भकार संघ द्वारा कुम्भकार महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय मंत्री संपतिया उइके शामिल हुईं। महोत्सव का उद्देश्य समाज की कला और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को बढ़ावा देना था। इस दौरान युवक-युवती महासम्मेलन का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहां कि मप्र के 11 जिले अनुसूचित जाति में आ रहे हैं, शेष जिले अन्य पिछड़ा वर्ग में है। इन सभी बातों को लेकर भी कार्यक्रम के दौरान चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके से अतिथियों ने इस बात को कैबिनेट में रखने की बात कही।

आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने कुम्भकार समाज के परिश्रम और कला की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिट्टी से दैनिक उपयोगी वस्तुएं बनाने की यह कला आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करती है और देश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनमें वोकल फॉर लोकल और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना प्रमुख हैं।

समारोह में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, नपा अध्यक्ष विनोद कछवाहा, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभू नाथ चक्रवर्ती, अखिल भारतीय कुंभकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाराम प्रजापति, जिला अध्यक्ष बलराम चक्रवर्ती, बिछिया ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश चक्रवर्ती, कुंभकार संघ अध्यक्ष रामकली प्रजापति घुघरी , कुंभकार संघ जिला उपाध्यक्ष ज्ञानी राम चक्रवर्ती, कोषाध्यक्ष नंदकिशोर चक्रवर्ती, कार्यक्रम संयोजक मंगलेश चक्रवर्ती, मुकेश प्रजापति नगर अध्यक्ष नैनपुर, संतोष चक्रवर्ती, समाजसेवी प्रदीप चक्रवर्ती, चंद्रप्रकाश चक्रवर्ती कोशाधायक, विवेक चक्रवर्ती, मनीष चक्रवर्ती, शैलेंद्र प्रजापति समेत छिंदवाड़ा, रीवा, नैनपुर, कटनी, डिंडोरी, सिवनी, बालाघाट और गोंदिया जैसे विभिन्न जिलों से आए कुम्भकार समाज के सदस्यों ने भाग लिया।


 

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