परंपरागत पूजा अर्चना कर महिलाओं ने मनाया तीजा पर्व
- सिंधी समाज की महिलाओं ने तीजा व्रत में पति की दीर्घायु और खुशहाली के लिए की कामना
मंडला महावीर न्यूज 29. पति की दीर्घायु और खुशहाली की कामना के लिए सिंधी समाज की महिलाओं ने तीजा का व्रत रखा, सुहागन महिलाएं पति की लंबी उम्र एवं कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए तीजा व्रत रखती हैं,इसके लिए एक दिन पूर्व मेहंदी रस्म अदायगी की गई, मंगलवार की सुबह महिलाओं ने ब्रह्म मुहूर्त में सरगी का सेवन किया, नए परिधानों में सोलह श्रृंगार से सज्जित होकर,हाथों में पूजा की थाली लेकर महिलाएं सामाजिक पुरोहित के घर विधिवत पूजन अर्चन के लिए एकत्र हुईं,पुरोहित के अनुसार पूजा में कलश का विशेष महत्व है,सुबह तीज माता का फुलेहरा झूले में बांधा गया, जिसमें महिलाओं ने परंपरागत रूप से झूला झुलाया इस फुलहरे में फल, फ्रूट एवं पूजन सामग्री का समावेश किया जाता है। तीज के अवसर पर सामाजिक महिलाओं के द्वारा जल चढ़ाते हुए विधिवत पूजन अर्चन किया गया।

शाम को हुई तीजड़ी माता की कथा
शाम को सामाजिक पुरोहित के घर तीजड़ी माता की कथा हुई जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने शामिल होकर कथा का श्रवण किया। महिलाओं के तीजा पर्व में इस कथा का बहुत महत्व है इसको जीवन में अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया गया है। कथा के समय एक थाल में नारियल एवं विभिन्न प्रकार के फ्रूट्स शामिल किए जाते हैं। एक शगुन के तौर पर इन सभी सामग्री की पूजा अर्चना की जाती है। इसके पश्चात सामाजिक महिलाओं ने महिला पुरोहित के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और पुरोहित उनको टीका लगाते हुए सदा सुहागन का आशीर्वाद दिया।
चंद्रमा को अर्क देकर पूजा अर्चना
रात्रि को चंद्र देव की पूजा की गई, चंद्रदेव को अर्क देकर पति की पूजा की एवं उनके हाथों से जल ग्रहण करके व्रत को पूर्ण किया। इस अर्क में पके चावल, कच्चा दूध,शक्कर एवं शामिल किया जाता है। इसके साथ ही चंद्र देवता पूजन किया गया।तीजा के अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया और घर के बड़ो के मार्गदर्शन में परंपराओं का निर्वहन किया गया,इस अवसर पर पति ने पत्नियों को उपहार भेंट किया।










