बाबा महाकाल की भव्य पालकी और झंडा यात्रा में सनातनियों का उमड़ा सैलाब

बाबा महाकाल की भव्य पालकी और झंडा यात्रा में सनातनियों का उमड़ा सैलाब

  • आचार्य युवराज पांडेय के पचरा गीत से भक्तिमय हुआ मंडला
  • शोभायात्रा में दिखा अद्भुत नजारा

मंडला महावीर न्यूज 29. सावन माह के अवसर पर मंडला शहर बाबा महाकाल की भक्ति में सराबोर हो गया। झंडा यात्रा एवं महाकाल सवारी समिति द्वारा आयोजित विशाल झंडा यात्रा और बाबा महाकाल पालकी शोभायात्रा ने पूरे नगर में भक्ति और उत्साह का संचार कर दिया। यह भव्य शोभायात्रा महिष्मति घाट से शुरू हुई और नगर का भ्रमण करते हुए किला वार्ड स्थित व्यास नारायण मंदिर पहुँची, जहाँ विधि-विधान से झंडा की स्थापना और पूजन-अर्चन किया गया।

बताया गया कि पालकी और झंडा यात्रा का मुख्य आकर्षण उज्जैन के महाकाल के समरूप बाबा महाकाल की भव्य पालकी रही। इसके साथ ही विशाल भगवा ध्वज, शहनाई, सुप्रसिद्ध डीजे, आईप्रो एवं लाइट शो, जिले का सुप्रसिद्ध डीजे एवं लाइट शो, सुप्रसिद्ध बैंड, साउंड सिस्टम और विशेष इवेंट शो का प्रदर्शन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। विभिन्न प्रकार की झाँकियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवा जयकारे लगाते हुए उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

शोभायात्रा नेहरू स्मारक, स्टैंड बैंक, लालीपुर चौराहा, बस स्टैंड, चिलमन चौक, उदय चौक, राम मंदिर सराफा और बुधवारी चौक होते हुए व्यास नारायण मंदिर राजराजेश्वरी किले पहुँची, जहाँ ध्वज स्थापना के साथ महाआरती की गई। बाबा महाकाल की सवारी में बैंड-बाजे और भजन मंडलियों के साथ अलग-अलग जनजाति के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देते दिखाई दिए, जिससे भोलेनाथ की भक्ति के साथ लोक संस्कृति का रंग बढ़-चढ़कर देखने को मिला। भस्मारती में बाबा का पंचामृत अभिषेक करने के बाद, भांग, चंदन, सूखे मेवे और आभूषणों से महाकाल का राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। समूह के कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आचार्य युवराज पांडेय ने मोहा धर्मप्रेमियों का मन 

धार्मिक आयोजन के दौरान सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं छत्तीसगढ़ के जाने-माने पचरा गीत गायक पंडित युवराज पांडेय ने उदय चौक में अपने मधुर पचरा गीत गाकर धर्मप्रेमियों का मन मोह लिया। श्रृद्धालुओं ने आचार्य युवराज का भव्य स्वागत किया। जैसे ही पंडित जी उदय चौक पहुँचे, श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। पंडित युवराज पांडेय ने मंच पर आते ही अपने मधुर स्वर में परंपरागत पचरा गीतों की प्रस्तुति दी, जिसकी गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। उनके गीतों में देवी-देवताओं की महिमा और लोकभक्ति की ऐसी छाप थी कि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे, कुछ तो भावावेश में झूमने भी लगे। आयोजकों ने उन्हें मंडला आने के लिए आभार जताया और कहा कि उनके आगमन से नगर का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। कार्यक्रम के अंत में पंडित जी ने सभी श्रद्धालुओं को धार्मिक सद्भाव, भक्ति और संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

सनातनी युवाओं ने उठाया बीड़ा

बताया गया कि विगत पाँच वर्षों से जिले के अनेक युवाओं द्वारा हर वर्ष सावन मास में झंडा यात्रा एवं बाबा महाकाल पालकी सवारी का आयोजन किया जाता है। इस समिति में न कोई अध्यक्ष है और न कोई पदाधिकारी, चंद युवाओं ने आज से पाँच साल पहले बैठक की और बाबा महाकाल की सवारी निकालने का संकल्प लिया। समय के साथ उनका कारवाँ बढ़ता गया और आज इस समिति में सैकड़ों युवा जुड़ चुके हैं। झंडा यात्रा और बाबा महाकाल की पालकी यात्रा को लेकर महीनों पहले से तैयारियां चलती हैं। यह धार्मिक आयोजन अब शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल हो गया है। उज्जैन बाबा महाकाल की तर्ज पर आयोजित इस महाकाल सवारी के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से धर्मप्रेमी नगर पहुँचते हैं।

शेषनाग मंदिर में हुआ स्वागत 

झंडा यात्रा एवं महाकाल सवारी समिति द्वारा निकाली गई इस विशाल झंडा यात्रा और बाबा महाकाल पालकी शोभायात्रा का जिला पंचायत के सामने स्थित हनुमान शेषनाग मंदिर में भी स्वागत किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना की और पुष्पवर्षा की। बाबा महाकाल को 101 किलो भोग प्रसादी अर्पित की गई, जिसे बाद में भक्तों में वितरित किया गया।



 

Leave a Comment