जयप्रकाश ने बनाया अद्भुत महाकाल शिवलिंग

जयप्रकाश ने बनाया अद्भुत महाकाल शिवलिंग

  • बिखेरी कला की अनुपम छटा
  • पितृ-परंपरा को आगे बढ़ा रहे युवा मूर्तिकार
  • संस्कृति संरक्षण में निभाई अहम भूमिका

मंडला महावीर न्यूज 29. पवित्र श्रावण मास में जहां चारों ओर शिव आराधना का दौर चल रहा है, वहीं मंडला शहर के सिंहवाहिनी वार्ड निवासी जयप्रकाश रावत ने अपनी अनूठी कला से सबका ध्यान आकर्षित किया है। जयप्रकाश ने शिवलिंग पर गीली मिट्टी का उपयोग करते हुए महाकाल की अद्भुत आकृति को साकार किया है, जो उनकी गहन भक्ति और कलात्मक कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मंडला जिले में कलाकारों की कोई कमी नहीं है, और जयप्रकाश रावत जैसे कलाकार इस बात को साबित करते हैं। उनके पिता स्वयं एक प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं और जयप्रकाश अपने पिता की इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान समय में जब युवा पीढ़ी परंपराओं और संस्कृति से विमुख होती जा रही है, ऐसे में जयप्रकाश रावत जैसे कलाकार बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। वे न केवल अपनी पैतृक कला को जीवित रख रहे हैं, बल्कि अपनी रचनात्मकता से इसे एक नया आयाम भी दे रहे हैं।

गीली मिट्टी से महाकाल की आकृति को इतने सजीव रूप में ढालना निश्चित तौर पर असाधारण प्रतिभा का परिचायक है। समाज सेवी सुधीर कासंकार का कहना है कि मंडला में ऐसी कई छिपी हुई प्रतिभाएं हैं, जिन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने पर वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकते हैं। जयप्रकाश का यह कार्य न केवल उनकी व्यक्तिगत भक्ति, बल्कि समाज में कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ अन्य लोगों के लिए प्रेरणा भी है। ऐसे युवा कलाकारों को पहचान और समर्थन मिलना चाहिए जिससे वे अपनी कला को और निखार सकें और अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें।


 


 

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