स्व सहायता समूह से जुड़कर कपूरिया बनीं आत्मनिर्भर

स्व सहायता समूह से जुड़कर कपूरिया बनीं आत्मनिर्भर, हजारों महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्त्रोत

  • छोटे-छोटे ऋण लेकर की शुरुआत, समूह की भावना से मिला हौसला
  • छोटे ऋण से की शुरुआत, मासिक आय 45 हजार पहुंची

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड की टिकरिया ग्राम पंचायत के बम्होरी गांव की कपूरिया विकडे उन हजारों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं जिन्होंने अभावों के बावजूद अपने सपनों को साकार किया है। एक समय था जब कपूरिया दीदी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिससे उन्हें रोजमर्रा के जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

कपूरिया बताती हैं कि ज्योति आजीविका स्व सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। समूह और ग्राम संगठन में अपनी बात रखने पर आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें एक कृषि उद्यमी के रूप में शांति महिला आजीविका ग्राम संगठन से चुना गया। इस चयन के बाद कपूरिया को 35 दिनों का विशेष प्रशिक्षण मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें एक नई दिशा प्रदान की।

अन्य समूह की दीदियों को भी दिया प्रशिक्षण 

प्रशिक्षण के बाद कपूरिया ने अपने समूह से पहली बार में 50 हजार और फिर 90 हजार रूपए का ऋण लेकर मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया, बल्कि एक कृषि उद्यमी के रूप में उन्होंने ग्राम संगठन की अन्य समूह दीदियों को भी उन्नत कृषि का प्रशिक्षण दिया और उन्हें भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। कपूरिया ने 8-10 अन्य दीदियों को भी मुर्गी पालन का कार्य शुरू करने में मदद की, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हुई।

दूसरों के लिए बनी प्रेरणा स्त्रोत 

कपूरिया ने बताया कि अब उनकी मासिक आय 45 से 48 हजार रूपए है और उन्हें लखपति दीदी के रूप में भी चुना गया है। कपूरिया का मानना है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और सामुदायिक सहयोग से कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकता है। कपूरिया की सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण है कि कैसे छोटे कदम और सामूहिक प्रयास से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।



 

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