कॉलोनाइजर की लापरवाही, महाराजपुर में मंगलेश्वर मंदिर की बाउंड्री वॉल ढही, प्रशासन पर भी उठे सवाल
- प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी
- नागरिकों की चेतावनी के बावजूद गिरी ऐतिहासिक मंदिर की दीवार
मंडला महावीर न्यूज 29. महाराजपुर के वार्ड क्रमांक 21 स्थित प्राचीन मंगलेश्वर मंदिर की बाउंड्री वॉल बुधवार सुबह करीब 4 बजे ढह गई। इस घटना ने कॉलोनाइजर की लापरवाही और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि वार्डवासियों ने 10 जून को ही जनसुनवाई में लिखित आवेदन देकर बाउंड्री वॉल गिरने की आशंका जताई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ज्वाला जी वार्ड के वंशिदोंं ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से चेताया था कि कॉलोनाइजर द्वारा मंदिर प्रांगण की बाउंड्री वॉल से सटी सीमेंट कांक्रीट सड़क के निर्माण के लिए लगभग 10 से 12 फीट गहराई तक खुदाई की गई है। इस खुदाई के कारण वॉल के नीचे की भूमि में कटाव शुरू हो गया था। जैसे-जैसे बरसात का आगमन हुआ, यह कटाव तेजी से बढऩे लगा, जिससे बाउंड्री वॉल तिरछी हो गई थी। जिसके बाद बुधवार की सुबह यह पूरी तरह धराशायी हो गई।
वार्डवासियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कॉलोनाइजर के खिलाफ कोई कार्रवाई की। अब स्थिति यह है कि पूरी बाउंड्री वॉल गिर चुकी है, जिससे न केवल मंदिर परिसर को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि राहगीरों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। मंदिर एक प्राचीन और पूजनीय स्थल है और इसकी बाउंड्री वॉल का गिरना स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द मंदिर की बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण कराया जाए, जिससे मंदिर की पवित्रता और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









