महिलाओं ने पोल्ट्री फीड यूनिट से लिखी सफलता की नई कहानी

प्रेरणादायक पहल

  • महिलाओं ने पोल्ट्री फीड यूनिट से लिखी सफलता की नई कहानी
  • ग्रामीण सशक्तिकरण की मिसाल बनी देवरी कला की चंद्रावती और रूपकली

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज ब्लॉक के देवरी कला गाँव में एक नए युग की शुरुआत के साथ अपना सपना सकार करने दो मेहनती महिलाएं चंद्रावती भलावी और रूपकली ने पहल की है, जो अब पूरे इलाके की महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। इन दोनों मेहनती और दूरदर्शी महिलाओं ने गाँव में एक पोल्ट्री फीड यूनिट की स्थापना की है, जिसने न केवल उनके अपने जीवन में बल्कि स्थानीय पोल्ट्री किसानों के लिए भी सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
जानकारी अनुसार इस प्रेरणादायक यात्रा की शुरुआत नारायणगंज आजीविका मिशन, आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन और प्रदान संस्था के सहयोग से हुई। इन संस्थाओं ने चंद्रावती और रूपकली को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और बाजार से जुडऩे के तरीके भी सिखाए। उन्होंने पोल्ट्री फीड के निर्माण की बारीकियों, पोषण संतुलन और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना सीखा।

बताया गया कि दोनों महिलाओं ने धीरे-धीरे अपनी यूनिट से तैयार किए गए फीड को आसपास के गाँवों तक पहुँचाना शुरू किया। उनके फीड की उत्कृष्ट गुणवत्ता का सकारात्मक असर स्थानीय पोल्ट्री किसानों को जल्द ही दिखने लगा। मुर्गियाँ अधिक स्वस्थ रहने लगीं, बीमारियों में कमी आई और अंडा व मांस उत्पादन में सुधार हुआ, जिससे किसानों की आय में सीधा लाभ हुआ। चंद्रावती और रूपकली ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और आत्मविश्वास मिलने पर महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। आज उनकी पोल्ट्री फीड यूनिट एक सफल उद्यम बन चुकी है, जो हर महीने दर्जनों किसानों को गुणवत्तापूर्ण चारा प्रदान कर रही है।

अन्य गांव की महिलाओं को बनाना चाहती है आत्मनिर्भर 

बताया गया कि इस यूनिट का विस्तार अभी जारी है। चंद्रावती और रूपकली की इच्छा है कि आने वाले वर्षों में वे इस यूनिट को पूरे नारायणगंज ब्लॉक में फैलाएँगी। उनकी योजना है कि वे और अधिक महिलाओं को इस पहल से जोड़ें, उन्हें पोल्ट्री पालन में प्रशिक्षित करें और गुणवत्तापूर्ण फीड उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएँ। दोनों महिलाएं चाहती हैं कि देवरी कला जैसे अन्य गाँवों की महिलाएँ भी आत्मनिर्भर बनें, अपने स्वयं के पोल्ट्री फार्म शुरू करें और एक-दूसरे का सहयोग करते हुए सामूहिक रूप से आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ें। आने वाले समय में वे फीड की उत्पादन क्षमता बढ़ाना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और महिला समूहों के माध्यम से वितरण प्रणाली को और व्यवस्थित करना चाहती हैं।

दोनों महिलाएं नवाचार की एक मिसाल 

आजीविका मिशन के विकासखंड प्रबंधक श्रुति सागर उपाध्याय ने बताया कि चंद्रावती भालावी और रूपकली आज पूरे नरायणगंज ब्लॉक की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं। उनके साहस, समर्पण और दूरदर्शिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण भारत में भी उद्यमिता की अपार संभावनाएँ हैं, बस एक सही शुरुआत की आवश्यकता है। दोनों महिलाएं नारी शक्ति, सामूहिक प्रयास और ग्रामीण नवाचार की एक मिसाल है, जिसमें आने वाले समय में सैकड़ों महिलाओं के जीवन को बदलने की क्षमता रखती है।



 

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