मानसून में भी गुलजार रहेगा कान्हा नेशनल पार्क
- टाइगर सफारी के साथ मिलेगी एडवेंचर एक्टिविटीज़
- जबलपुर से कान्हा पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा
- कान्हा में कार्यशाला आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के सभी नेशनल पार्कों में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, मानसून के दौरान भी पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन व्यवसाय को गति देने के उद्देश्य से कान्हा टाइगर रिजर्व के एमपीटी के बघीरा रिजॉर्ट, मोचा में शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य जोर टाइगर सफारी के अतिरिक्त अन्य विविध गतिविधियों को बढ़ावा देना और वर्षाकाल में भी पर्यटकों की चहल-पहल सुनिश्चित करना था। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में वाइल्ड लाइफ हैबिटेट में सस्टेनेबल ट्रैकिंग प्रैक्टिस, एडवेंचर एक्टिविटीज इंश्योरेंस, वेलनेस टूरिज्म, स्काई गेजिंग और साइकिल सफारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर हितधारकों ने गहन चर्चा की।
कार्यशाला का शुभारंभ जिला पंचायत मंडला के सीईओ श्रेयांश कूमट, कान्हा वन मंडल बफर जोन की उप संचालक अमिता केबी, एमपीटीबी के साहसिक खेल विभाग के संयुक्त संचालक डॉ एसके श्रीवास्तव, बिछिया की एसडीएम सोनाली देव, यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी रविशंकर और होटल-लॉज संघ, कान्हा के अध्यक्ष तरुण भाटी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बिछिया एसडीएम सोनाली देव ने मंडला के पर्यटन विकास में साहसिक खेलों और आदिवासी संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन की उप संचालक अमिता केबी ने इको तथा रिस्पांसिबल टूरिज्म पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने बताया कि पर्यटन से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो सकती है।
मंडला अध्यात्म, लोक संस्कृति और इको टूरिज्म का संगम
जिला पंचायत मंडला के सीईओ श्रेयांश कूमट ने मंडला को अध्यात्म और लोक संस्कृति का संगम बताया। उन्होंने पुरातत्व पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और महाकाल लोक की तर्ज पर भविष्य में नर्मदा लोक विकसित करने की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने बताया कि महिष्मति घाट की पंच चौकी महाआरती मंडला में प्रयागराज और वाराणसी की झलक प्रस्तुत कर रही है। श्री कूमट ने चौगान की मढिय़ा को गोंड संस्कृति का एक प्रमुख आस्था का केंद्र बताया और रामनगर क्लस्टर में आर्कियोलॉजिकल स्ट्रक्चर्स तथा काला पहाड़ में ट्रेकिंग ट्रेल्स के विकास पर जोर दिया। उन्होंने मंडला में इको टूरिज्म की अपार संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
एमपीटीबी के डॉ एस के श्रीवास्तव ने बताया कि टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध निदेशक शिव शेखर शुक्ल के मत के अनुसार, मंडला में पंचारण्य भी बनाया जाएगा, जिसकी संरचना विकसित करने के लिए प्रशासन से दो एकड़ भूमि ली जाएगी। यह पंचारण्य लोक संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
ग्रीन डेस्टिनेशन और साहसिक खेलों में मध्यप्रदेश का बढ़ता कद
डॉ एस के श्रीवास्तव ने बताया कि ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल ने पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में प्रमाणित किया है, जो प्रदेश के पर्यटन विकास के दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने धार जिले के कुच्छी से गुजरात के स्टैचू ऑफ यूनिटी तक जल्द ही क्रूज सेवा शुरू होने की भी जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में सफलतापूर्वक संचालित स्काई डाइविंग जैसी गतिविधियों के बारे में बताया और कहा कि मध्य प्रदेश अब साहसिक खेलों के लिए देश-विदेश में नाम कमा रहा है। उन्होंने अप्रैल माह में मंडला जिले में सफलतापूर्वक संचालित झील महोत्सव का भी जिक्र किया। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि साहसिक खेलों को बरगी बांध में संचालित करने के लिए एमपीटीबी ने जबलपुर के स्पोर्ट्स स्टूडियो के संचालक आशीष अग्रवाल को लाइसेंस प्रदान किया है, जो पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से पर्यटन बोर्ड के विकास को दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ पेंच और अलीराजपुर में ट्रैकिंग करा रहे इंडिया हाइक्स के प्रमुख नीतेश कुमार जे ने बताया कि उनके साथ ट्रैकिंग करने वाले लोग कचरा एकत्र करने के लिए एक थैला लेकर चलते हैं। भोपाल से आए फिल्म और डॉक्यूमेंट्री निर्माता निशांत कपूर ने वाइल्ड लाइफ को आकार देने में फिल्मों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस दौरान फिल्म निर्माता और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर फरहान खान की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गईं। इस अवसर पर एडवेंचर इंश्योरेंस कंपनी एएससी 360 की प्रमुख पूजा सिंघल, साइकिल सफारी का संचालन कर रहे रोहित त्रिवेदी व सायरन्स स्पोर्ट्स के राहुल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। कार्यशाला में एमपीटीबी के सलाहकार केके सिंह, परियोजना अधिकारी अवनीश यादव, पर्यटन प्रबंधक जबलपुर तरुण मिश्र तथा पर्यटन प्रबंधक बालाघाट रत्नदीप आदि उपस्थित रहे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल, हेलीकॉप्टर से जबलपुर से कान्हा
एमपीटीबी के डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध निदेशक श्री शुक्ल का मानना है कि कान्हा नेशनल पार्क तक जल्द पहुंचने के लिए बोर्ड जल्द ही जबलपुर से कान्हा तक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करेगा। कान्हा में मोचा या खटिया गेट के निकट एक हेलिपैड का निर्माण होगा। डॉ एस के श्रीवास्तव ने बताया कि इस क्षेत्र में ईको टूरिज्म के लिए भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने हाल ही में पचमढ़ी में शुरू की गई रॉक क्लाइंबिंग एडवेंचर और उज्जैन में ट्रेनर्स के साथ कराई गई स्काई डाइविंग का जिक्र किया।
खटिया गेट के नाम बदलने का सुझाव
कार्यशाला में उपस्थित होटल, रिजॉर्ट संचालकों ने सुझाव दिया कि खटिया गेट का नाम बदल दिया जाए जिससे पर्यटकों की गलतफहमी दूर हो कि यहां कोर क्षेत्र नहीं है और खटिया गेट से प्रवेश करने पर बाघ नहीं दिखते।













