जानलेवा हमले के तीन आरोपी को आजीवन कारावास

जानलेवा हमले के तीन आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित

  • एसटीएससी एक्ट के तहत हुई कड़ी कार्रवाई
  • नेशनल हाईवे जाम कर फैलाई थी दहशत

मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट जिला मंडला ने जानलेवा हमला करने और एससी, एसटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में तीन लोगों को आजीवन कारावास और कुल 7500 रूपए का अर्थदंड सुनाया है। दंडित किए गए आरोपियों में जावेद उर्फ बकरीदी 45 वर्ष उसकी पत्नी शबाना 40 वर्ष और बेटी शहाना याशमीन 18 वर्ष शामिल हैं, सभी खूटा पड़ाव, थाना बीजाडांडी मंडला के निवासी हैं। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत 7 साल के सश्रम कारावास और एससी, एसटी एक्ट की धारा के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

जानकारी अनुसार विगत 2 नवंबर 2020 को फरियादी ने बीजाडांडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह सुबह धनवाही गांव से खुटापड़ाव काम के लिए आ रहा था, तो जावेद उर्फ बकरीदी उसकी पत्नी शबाना और बेटी शहाना ने उसका रास्ता रोका। उन्होंने फरियादी के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अश्लील गालियां दीं। फरियादी ने किसी तरह खुद को बचाया। फरियादी ने बताया कि आरोपीगण नेशनल हाईवे 30 जबलपुर-मंडला मार्ग को जाम कर वाहनों को रोक रहे थे और आने-जाने वालों को धमकी देकर पथराव कर डरा-धमका रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले बकरीदी के बेटे आसिफ ने स्पीकर खरीदने की बात को लेकर फरियादी के घर आकर मारपीट भी की थी।

जान से मारने का किया प्रयास 

बताया गया कि फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, घटना स्थल का निरीक्षण किया गया और नक्शा तैयार किया गया। फरियादी और गवाह विकास यादव के धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायिक बयान भी दर्ज किए गए। 23 नवंबर 2020 को आरोपी बकरीदी उर्फ जावेद को मंडला से गिरफ्तार किया गया और घटना में प्रयुक्त तलवार जब्त की गई। आसिफ को भी 26 नवंबर 2020 को जिला जेल मंडला से गिरफ्तार किया गया और उससे भी तलवार जब्त की गई। शबाना और शहाना को 15 दिसंबर 2020 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। जांच में यह पाया गया कि आरोपीगण 22 अक्टूबर 2020 से लगातार 2 नवंबर 2020 तक फरियादी को डरा-धमका कर प्रताडि़त कर रहे थे और 2 नवंबर 2020 को बकरीदी व अन्य ने जान से मारने का प्रयास किया था।

न्यायालय का फैसला 

थाना बीजाडांडी में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज अपराध और एसटी, एससी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट जिला मंडला ने तीनों आरोपीगण जावेद उर्फ बकरीदी, शबाना और शहाना याशमीन को दोषी पाया और उपर्युक्त दंड से दंडित किया। इस प्रकरण में अभियोजन का संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी सरमन सिंह ठाकुर ने किया।


 

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