अति कुपोषित शिशु को मिला जीवनदान

बीजाडांडी में अति कुपोषित शिशु को मिला जीवनदान

  • डीसीएम हिमांशु की पहल पर नारायणगंज एनआरसी में कराया भर्ती
  • बीजाडांडी में HBYC सत्यापन के दौरान अति कुपोषित शिशु की हुई पहचान, उपचार शुरू

मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने बीजाडांडी के चोराई ग्राम में एक चार माह के अति कुपोषित शिशु को नया जीवन मिला है। मंडला जिले के डीसीएम हिमांशु सिंगौर की पहल पर इस शिशु को तत्काल नारायणगंज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका गहन उपचार शुरू किया गया। डीसीएम हिमांशु ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ बीजाडांडी के चोराई ग्राम में (HBYC ) गृह आधारित छोटे बच्चे की देखभाल सत्यापन कार्य के निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक चार माह के शिशु को अति कुपोषित पाया। शिशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए हिमांशु सिंगौर ने बिना किसी देरी के शिशु को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

जानकारी अनुसार HBYC  के दौरान एक बच्चा अपनी मां की गोद में था, जो बेहद कमजोर दिखाई दे रहा था। स्वास्थ्य टीम ने शिशु का वजन लिया और उसकी लंबाई भी मापी, जिससे उसकी पोषण स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हुई। इसके बाद शिशु को एक महिला स्वास्थ्यकर्मी द्वारा जांच, परीक्षण किया गया। जिसके बाद डीसीएम हिमांशु सिंगौर स्वयं बच्चे की माँ से बातचीत करते हुए और उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।

डीसीएम हिमांशु ने बताया कि HBYC कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है, जिससे कुपोषण जैसे गंभीर मुद्दों की पहचान प्रारंभिक चरण में ही हो सके। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषण के कारण अपनी जान न गंवाए। जैसे ही हमें इस अति कुपोषित शिशु के बारे में पता चला, हमने तत्काल आवश्यक कदम उठाए और उसे नारायणगंज एनआरसी में भर्ती कराया। नारायणगंज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र विशेष रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास के लिए संचालिीत किया जा रहा है। यहां सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल के मार्गदर्शन में बच्चों को पौष्टिक आहार, नियमित चिकित्सा जांच और आवश्यक दवाएं प्रदान की जाती हैं जिससे वे सामान्य वजन और स्वास्थ्य प्राप्त कर सकें। इस पहल से शिशु के जीवन को बचाया जा सका।



 

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