40 डिग्री के पार नहीं पहुंच सका पारा

40 डिग्री के पार नहीं पहुंच सका पारा

  • नौतपा रहा बेअसर
  • सूर्य की तपन की जगह बारिश और उमस ने किया परेशान
  • नौतपा रहा ठंडा, उमस से बढ़ी बेचैनी
  • दिन और रात में जमकर बरसे बदरा

मंडला महावीर न्यूज 29. ज्येष्ठ माह में पडऩे वाला नौतपा आमतौर पर भीषण गर्मी और सूर्य की तीखी किरणों के लिए जाने जाता हैं, इस वर्ष मंडला जिले में नौतपा के नौ दिन कुछ अलग ही मिजाज में बीते। नौतपा के अंतिम दिन भी सूर्य की वह प्रचंड आग नहीं बरसी जिसकी अपेक्षा की जाती है, लेकिन नौतपा के अंतिम दिन रुक-रुक कर हुई बारिश ने नौतपा के प्रभाव को काफी हद तक ठंडा कर दिया। हालाकि गर्मी का एहसास कम होने के बाद वातावरण में व्याप्त उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया।

जानकारी अनुसार नौतपा के दौरान मंडला का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। लेकिन इस वर्ष नौतपा के पूरे नौ दिनों के दौरान तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को छू भी नहीं पाया। विगत शुक्रवार 30 मई को जिले में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री रहा जो इस वर्ष नौतपा में सबसे अधिकतम तापमान रहा। इस वर्ष गर्मी के सीजन में मौसम का ऐसा मिजाज अलग ही रहा। लोग पसीने से तरबतर होते नजर नहीं है। कभी भी बारिश होने से मौसम की गरमहाट लोगों को महसूस नहीं हुई, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बैचेन कर दिया।

बताया गया कि नौतपा की शुरुआत 25 मई से हुई थी और इन दिनों में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जिससे माना जाता है कि धरती पर अत्यधिक गर्मी पड़ती है। हालांकि इस बार ऐसा नहीं हुआ। शुरुआती दिनों में हल्की गर्मी का एहसास हुआ, लेकिन जल्द ही मौसम का मिजाज बदल गया। रुक-रुक कर हुई प्री-मॉनसून बारिश ने तापमान को नियंत्रित रखा और सूरज की तपिश को बेअसर कर दिया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने इस अप्रत्याशित रूप से ठंडे नौतपा का अनुभव किया।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और स्थानीय स्तर पर नमी के कारण मंडला सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने दिन के तापमान को नीचे ला दिया, साथ ही इसने हवा में नमी की मात्रा को बढ़ा दिया, जिससे उमस असहनीय हो गई। लोगों को दिनभर पसीने और चिपचिपाहट से जूझना पड़ा, कूलर और पंखे भी इस उमस से पूरी तरह राहत देने में नाकाम रहे।

नौतपा के अंतिम दिन रात्रि में जमकर बरसे बदरा 

ज्येष्ठ माह के नौतपा जो आमतौर पर भीषण गर्मी के लिए जाने जाते हैं, इस साल मंडला में कुछ अलग ही अंदाज में विदा हुए। नौतपा की अंतिम रात्रि में आसमान से झमाझम बारिश हुई, जिसने क्षेत्र को पूरी तरह से भिगो दिया। रात भर हुई इस तेज बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से जारी उमस से थोड़ी राहत मिली। बता दे कि जहां नौतपा के दौरान सूर्य की प्रचंड गर्मी की उम्मीद थी, वहीं इस बार बारिश ने इसके प्रभाव को काफी हद तक कम कर दिया। शुरुआती दिनों में हल्की गर्मी के बाद लगातार हो रही प्री-मॉनसून बारिश ने तापमान को नियंत्रित रखा। अंतिम रात की यह बारिश इस बार नौतपा की जगह बादलों ने मोर्चा संभाला। सुबह होते-होते सड़कें गीली थीं और हवा में ताजगी का अहसास था। इस बारिश से किसानों को भी थोड़ी उम्मीद जगी है, क्योंकि यह मानसून के आगमन का संकेत भी दे रही है।



 

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