पुलिस ने सुलझाई दिव्यांग सहायता सामग्री चोरी की गुत्थी

पुलिस ने सुलझाई दिव्यांग सहायता सामग्री चोरी की गुत्थी, 2 गिरफ्तार

  • 70 हजार रुपये की मशीनें और बैटरियां बरामद
  • एक विधि विरुद्ध बालक पर भी कार्रवाई
  • चौकी हिरदेनगर पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश

मंडला महावीर न्यूज 29. हिरदेनगर पुलिस चौकी ने आदि उत्सव कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों के लिए लाई गई सहायता सामग्री की चोरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की गई लगभग 70,000 रुपये मूल्य की मशीनें और बैटरियां बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त, इस प्रकरण में एक विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

जानकारी अनुसार प्रार्थी राजकुमार पटेल सचिव रामनगर ने चौकी हिरदेनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आदि उत्सव कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को वितरित की जाने वाली इलेक्ट्रिक साइकिलें और कान की मशीनें रामनगर स्थित मोती महल में रखी गई थीं। अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर कुछ साइकिलें और कान की मशीनें चोरी कर ली थीं। इस शिकायत के आधार पर थाना महाराजपुर में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तीन लोग चोरी की गई गाड़ी की बैटरी और मशीनें बेचने की फिराक में हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम रामनगर बस स्टैंड से संदिग्ध अवस्था में खड़े इन तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने चोरी की गई सामग्री को आपस में बांटकर बेचने के लिए छिपाने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 नग बैटरी और 7 नग कान की मशीनें, इसके साथ ही कुल 30 मशीनों की सेल जब्त की हैं। इन सभी वस्तुओं की कुल कीमत 70 हजार रुपये आंकी गई है।

इस मामले में पुलिस ने तिलक राम झारिया और विनोद उर्फ भूरा यादव, दोनों निवासी रामनगर चौकी हिरदेनगर को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में एक विधि विरुद्ध बालक के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में निरीक्षक ममता परस्ते, उपनिरीक्षक चौकी हिरदेनगर प्रभारी विकास सिंह तोमर, सउनि शिवशंकर सिंह राजपूत, दुर्गा प्रसाद बिसेन, प्रआर महेश यादव, देवी सिंह मरकाम, आरक्षक आनंद गौतम, अंशु, रतिराम बंजारा, रशीद, देवेंद्र, दयाशंकर टांडिया, महिला आरक्षक दीपाली धमेडिय़ा और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


 

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