बिछिया में देवारण्य योजना के तहत तुलसी की व्यावसायिक खेती पर प्रशिक्षण
- मंडला में किसानों और स्व-सहायता समूहों को मिला एक दिवसीय प्रशिक्षण, आर्थिक सुदृढीकरण पर जोर
मंडला महावीर न्यूज 29. देवारण्य योजना के अंतर्गत तुलसी की व्यावसायिक खेती पर जिले के बिछिया स्थित आजीविका मिशन के प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा-निर्देशन और आयुष विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य एक जिला एक औषधि-तुलसी पहल को बढ़ावा देना है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री आहाके ने बताया कि यह शासन की एक बहुउद्देशीय एवं महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य तुलसी की व्यावसायिक खेती के माध्यम से किसानों का आर्थिक सुदृढीकरण करना है। शुरुआती चरण में मंडला जिले के चयनित विकासखंडों से कृषक उत्पादक संगठन और महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी कुल 60 किसानों को यह प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि शासन से प्राप्त आदेशानुसार आगे इस परियोजना पर कार्य किया जाएगा और किसानों के उत्पादों को मार्केट लिंकेज प्रदान करने की भी योजना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व आयुष विभाग मंडला के डॉ. शेर सिंह कुडापे, डॉ. मनोज परस्ते, डॉ. गोविंद मरावी और डॉ. ऋचा धुर्वे ने किया, जिसमें आजीविका मिशन मंदाकिनी सीएलएफ अध्यक्ष शशि मसराम का समन्वय एवं सहयोग रहा। विषय विशेषज्ञ के तौर पर ग्राम सेवा ट्रस्ट के क्षेत्रीय समन्वयक योगेंद्र जाटव ने आयुर्वेद और आधुनिक इलाज पद्धति में अंतर बताते हुए तुलसी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही आयुष अधिकारी डॉ. ऋचा धुर्वे ने तुलसी के औषधीय गुणों और वैज्ञानिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में ग्राम सेवा ट्रस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंद्रहास पटेल ने औषधीय खेती और परंपरागत फसल के अंतर व इसके आर्थिक लाभों पर चर्चा की। इसके बाद कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ रंजीत कछवाहा और बाल कल्याण समिति के सदस्य ने बाल कल्याण के लिए सीडब्ल्यूसी द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने तुलसी के व्यवसाय, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मार्केट लिंकेज, व्यावसायिक लाभ और व्यवसाय में रखी जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तृत उद्बोधन दिया। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और यात्रा व्यय प्रदान कर कार्यशाला का समापन किया गया।









