बीजाडांडी में नर्मदा जन जागरण यात्रा का शुभारंभ
- जन अभियान परिषद् की पहल
- नर्मदा तटों का सर्वेक्षण कर किया जा रहा जागरूक
- देवरी से शुरू हुई नर्मदा जन जागरण यात्रा, विभिन्न पंचायतों में पहुंची, ग्रामीणों से जानी जा रही समस्याएं
मंडला महावीर न्यूज 29. जन अभियान परिषद् की यह पहल नर्मदा जन जागरण यात्रा नर्मदा नदी के संरक्षण और उसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यात्रा के दौरान एकत्र की गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नर्मदा नदी और उसके तटों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह यात्रा बीजाडांडी विकासखंड के अन्य पंचायतों का भी दौरा करेगी और लोगों को नर्मदा के प्रति जागरूक करते हुए आगे बढ़ेगी।
मप्र जन अभियान परिषद के तत्वाधान में नर्मदा पथ सर्वेक्षण एवं जन जागरण यात्रा का शुभारंभ जिले के बीजाडांडी विकासखंड के देवरी ग्राम पंचायत से हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी के तटों का सर्वेक्षण करना और लोगों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करना है। यात्रा प्रभारी एवं जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी, विकासखंड समन्वयक मंजुलता पांडेय और जनपद उपाध्यक्ष जन प्रतिनिधि विजेंद्र यादव के नेतृत्व में यात्रा शुरू हुई। इस दौरान मेंटर आदित्य मिश्रा, श्रद्धा तिवारी, देव प्रकाश पांडे, बद्री प्रसाद और नवांकुर प्रमुख जगत परते, हरिलाल परते, दिलीप वरकड़े उपस्थित रहे।
चौपाल में हो रही नर्मदा नदी तटों पर चर्चा
बताया गया कि देवरी ग्राम पंचायत में मां जगत जननी जीवन तारिणी के चित्रण में तिलक लगाकर और मां नर्मदा जी की आरती कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। इसके बाद यात्रा देवरी से बेरपानी पंचायत होते हुए बुदरा पंचायत पहुंची। बुदरा में एक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों के साथ नर्मदा नदी और उसके तटों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। चौपाल के कार्यक्रम के बाद यात्रा मैली पंचायत पहुंची। विश्राम के बाद एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के अगले पड़ाव और सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया।
समस्याओं की जानकारी कर रहे एकत्र
इसके बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव खापा पंचायत की ओर रवाना हुई और फिर जमठार पहुंची, जहां भी ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा दल का विश्राम जमठार में हुआ। इस दौरान यात्रा दल ने ग्राम स्तर पर मां नर्मदा के तटों, ग्राम से तट की दूरी, पारंपरिक रास्तों, धर्मशालाओं, नदियों और मंदिरों इत्यादि का सर्वेक्षण ग्रामवासियों के साथ किया। ग्रामीणों से नर्मदा नदी से जुड़े उनके अनुभव और समस्याओं के बारे में जानकारी एकत्र की गई।











