आंतरिक सुरक्षा में नागरिकों की भूमिका पर जोर, सेना को सहयोग और राष्ट्रीय चेतना जगाने का संकल्प
- राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
- मंडला में मातृशक्तियों ने निकाली शौर्य सम्मान यात्रा
मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी मुख्यालय में मातृशक्तियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक शौर्य सम्मान यात्रा का आयोजन किया। बीजाडांडी स्थित मंगल भवन से खैरमाई मंदिर तक निकाली गई इस यात्रा के बाद आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवियों ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाजसेवियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से राष्ट्रविरोधी शक्तियों द्वारा सामाजिक एकता और समरसता को भंग करने के किसी भी षडयंत्र को विफल करने के लिए निरंतर सतर्क रहने का आग्रह किया।
इस अवसर पर समाजसेविका अलका कुम्हरे ने मार्मिक अपील करते हुए कहा कि सेना सीमा पर लड़ सकती है, लेकिन आंतरिक सुरक्षा का काम हमारा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब हमारी सेना सीमा पर देश की सुरक्षा में समर्पित है, तब आंतरिक सुरक्षा के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने समस्त मातृशक्तियों और बंधुओं से अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना को जहां भी और जैसे भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहने का अनुरोध किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने आसपास हो रही अराष्ट्रवादी गतिविधियों पर नजर रखने, सतर्क रहने और समाज को जागृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और युवा मातृशक्तियों में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चेतना का राष्ट्रभाव जागृत करना उनका मनोबल बढ़ाएगा, जिससे भारतीय सेना को नागरिकों की तरफ से शक्ति प्राप्त होगी।
इस कार्यक्रम में समाजसेविका अलका कुम्हरे, हेमलता यादव, ममता साहू, सोनम नामदेव, बबीता कुलस्ते, मनीता नंदा, रश्मि साहू, छोटा बाई पट्टा, रेणुका बैरागी, आधार बैरागी, सुनीता परिहार सहित समस्त मातृशक्ति उपस्थित रहीं। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं में हीरानंद चंद्रवंशी, अरविंद शर्मा, विजय यादव, सेन कुमार, मयंक नामदेव, भागवत मरकाम, जगदीश झारिया, निखिल साहू, विकास यादव, देव पांडे, अंबिका सिंह मरकाम, सुभाष कुलस्ते आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।









