झोलाछाप डॉक्टरों का नारायणगंज में आतंक

झोलाछाप डॉक्टरों का नारायणगंज में आतंक, प्रशासन मौन

  • जीवन से खिलवाड़, बीमारियों का बढ़ता खतरा, अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत नारायणगंज और उसके आसपास के क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों की इस निष्क्रियता के कारण इन फर्जी चिकित्सकों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

जानकारी अनुसार ये झोलाछाप डॉक्टर अपने क्लीनिकों पर बिना किसी अधिकृत लाइसेंस के दवाएं बेच रहे हैं और मरीजों से मनमाने तरीके से अनाप-शनाप पैसे वसूल कर रहे हैं। वे बिना किसी विशेषज्ञता के इलाज कर रहे हैं, जिससे मरीजों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। कई ऐसे लोग जो अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते, उनके स्वास्थ्य पर इन फर्जी इलाजों का और भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मजबूरीवश अपनी जान जोखिम में डालकर लोग इन डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं।

लगातार शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं 

ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस अनदेखी के कारण नारायणगंज और आसपास के क्षेत्रों में ये फर्जी डॉक्टर अपनी मनमानी कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि नारायणगंज में एक-दो पैथोलॉजी लैब भी खुले हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि जिम्मेदार लोग कितनी उदासीनता बरत रहे हैं। अभी तक उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण इन डॉक्टरों के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं बना है, जिससे उन पर कोई दबाव डाला जा सके।

अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका 

क्षेत्रीय निवासियों का मानना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दिनदहाड़े ये डॉक्टर खुलेआम मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें और गोलियां अपने पास से दे रहे हैं और उनसे अत्यधिक शुल्क ले रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अक्सर गलत इलाज के बाद इन मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जहां उनकी स्थिति पहले से ही गंभीर हो चुकी होती है। क्षेत्र के लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जिला कलेक्टर से निवेदन किया है कि इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ शीघ्र अति शीघ्र कड़ी कार्रवाई की जाए और उनकी डिग्रियों की गहनता से जांच की जाए, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य को खतरे से बचाया जा सके।



 

Leave a Comment