तेंदूपत्ता परिपक्व के लिए तेज धूप, तपन की जरूरत
- कुछ क्षेत्रों में तेंदुपत्ता हुआ तैयार, संग्रहण कार्य शुरू
- 400 रूपए प्रति सैकड़ा दर निर्धारित, गुणवत्तायुक्त पत्ता की उम्मीद
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के लोगों की आजीविका और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई प्रकार के साधन होते हैं। वहीं वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र के लोग वनों पर निर्भर रहते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले सभी सामग्री को एकत्र करके बेचना यहां के ग्रामीणो का मुख्य व्यवसाय होता है। इसी क्रम में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शासन के दिशा-निर्देश के अंतर्गत किया जाता है। जिस पर आदिवासी और ग्रामीण अंचल क्षेत्र के लोग संग्रहित करते हैं और वन विभाग द्वारा बनाए गए फड को बेचते हैं। तेंदूपत्ता सीजन 2025 में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए वन समितियों, पेसा एक्स के अंतर्गत ग्राम सभा और फड मुंशीयों को निर्देशित किया गया है। तेंदूपत्ता समिति में फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाएगा। तेंदू पत्ता संग्रहण के लिए प्रति सैकड़ा 400 रूपए शासन स्तर से निर्धारित किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों ने बताया गया कि इस वर्ष बेइमान मौसम के कारण तेंदूपत्ता परिपक्क नहीं हो पाया है, जिसके कारण इस वर्ष भी तेंदूपत्ता प्रभावित होने का डर संग्रहकों को लग रहा है। मार्च के बाद अपै्रल माह से सूर्य देव की प्रंचडता दिखने लगती थी, लेकिन इस वर्ष बेमौसम बारिश के चलते गर्मी की तपन देर से शुरू हुई। विगत दो से मौसम कुछ साफ हुआ है, सूर्य देव भी अपने तीखे तेवर धीरे-धीरे दिखाना शुरू कर दिए है। अब तेंदूपत्ता धीरे-धीरे परिपक्व होना शुरू हुआ है। जिले में जहां तेंदूपत्ता परिपक्व हो चुके है, वहां तेंदु की तुड़ाई शुरू कर दी गई है और जहां तेंदू परिपक्व नहीं हुआ है, वहां दो चार दिन बाद परिपक्व होने के बाद तुडाई कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल तेंदूपत्ता को तेज धूप, तपन की जरूरत है।
बताया गया कि जिले में तेंदुपत्ता की तुड़ाई को लेकर वन विभाग की तैयारी हो चुकी है। शासन स्तर से जारी आदेश के जिले के जंगल से तेंदू पत्ता की तुड़ाई शुरू कर दी गई है। बताया गया कि विगतों वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष तेंदुपत्ता बेहतर गुणवत्तायुक्त मिलने की उम्मीद है। वही जिले में समितियों और ग्राम सभा से प्रस्तावित संग्रहकों द्वारा तेंदू पत्ता तुड़ाई कार्य शुरू किया गया है। पेशा एक्ट के अंतर्गत ग्रामसभा द्वारा पश्चिम वनमंडल एवं 12 समिति पूर्व वनमंडल के संग्रहकों द्वारा तुड़ाई की जाएगी। वन समितियों और ग्राम सभा के माध्यम से वनक्षेत्र के ग्रामीण तेंदुपत्ता का संग्रहण कार्य शुरु कर दिए है। वही कुछ क्षेत्रों में तेंदू पत्ता संग्रहण कार्य शुरु नहीं हुआ है। यहां भी एक दो दिन में तेंदू संग्रहण शुरू हो जाएगा।
विगत तीन वर्ष पहले ज्यादा नहीं मिला लाभ
जानकारी अनुसार विगत वर्ष 2020-2021 में तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य प्रभावति रहा। जिससे वन क्षेत्रो के ग्रामीणो अधिक लाभ नहीं मिल सका। गत वर्ष मई के सिर्फ पन्द्रह दिन ही संग्रहण कार्य हो सका था। ग्रामीणो को काम देने के लिए पत्ता तुड़वाया गया लेकिन उसका लाभ ग्रामीण को नहीं मिल सका। कुछ जगह पत्ता रखा रह गया और ठेकेदार ने लेने से इंकार तक कर दिया। इसके बाद वर्ष 2022 के सीजन में ग्रामीणो में काफी उत्साह देखा गया। क्योंकि फरवरी 2022 में मौसम अच्छा रहा। जिससे तेंदु पेड़ों में कर्तन का काम किया गया। जिसके बाद मई माह की पहली तपन से नई पत्तियां आना शुरू हो गई थी और मौसम अच्छा होने के कारण विगत वर्ष गुणवत्तायुक्त तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया। यह वनवासियों के रोजगार के हिसाब पत्ता तुड़ाई का काम किया जाता है। पिछले एक दशक से प्रति सैंकड़ा से मानक बोरा मामूली इजाफा ही हुआ था। वहीं विगत वर्ष 2024 के सीजन में शासन ने चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित किया था। इस वर्ष चार हजार प्रति मानक बोरा किया गया है।
एकत्र किया जाएगा फड में तेंदू पत्ता
संग्रहकों को अभी तक कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। जिसके कारण ग्रामीणों क्षेत्रो में पत्ता तोडऩे वालों में कमी भी देखी जा रही है। वन विभाग के द्वारा यह काम वन समितियो के माध्यम से कराया जाता है। मंडला के जंगल में छोटे झाड़ में मिलने वाला यह पत्ता मूल रूप से बीड़ी बनाने के काम आता है लेकिन यह ग्रामीणों की आर्थिक आय का मुख्य जरिया भी है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही तेंदूपत्ता की तोड़ाई शुरू हो जाती है। फिलहाल तेंदू पत्ता तोडऩे का कार्य शुरु हो गया है। विभाग द्वारा बनाए गए फड में तेंदू पत्ता एकत्र किया जाएगा।
ग्रामीणो की आय का जरिया जंगल
ग्रामीण व वनांचल के रहवासियो के आय एक मात्र जारिया वन है। यहां अधिकांश लोग अपनी आजीविका के लिए जंगल पर ही निर्भर रहते हैं। इसमें से कुछ मनरेगा के तहत मजदूरी का कार्य पर जा रहे हैं, लेकिन मनरेगा के काम भी ग्रामीणो को रास नहीं आ रहे है। इनमें महिलाएं, बच्चे, वृद्ध और अन्य मजदूर महुआ और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य करने में रूचि दिखाते है। उन्हे जंगल जाकर पत्ते तोडऩे के बाद संग्रहण करने में आसानी होती है। अब तेंदू तोडऩे का कार्य शुरु हो गया है, इन पत्तो को फड़ मुंशी के पास जमा कर भुगतान भी मिल जाता है।
इन क्षेत्रों में अधिक मिलता हैं तेंदुपत्ता
जिले में सबसे अधिक पश्चिम सामान्य वनमंडल क्षेत्र में तेंदुपत्ता का संग्रहण किया जाता है। पिंडरई, नैनपुर, गोराछापर, बम्हनी, टाटरी, मछरिया, मंडला, किंद्री, चिरइडोंगरी, खारी, बबलिया, बीजेगांव, टिकरिया, कालपी, जमुनिया, घोंटखेड़ा, लखनपुर, मोइयानाला, पड़रिया, निवास, छपरा,पददीकोना समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण कराया जा रहा है। पूर्व सामान्य वनमंडल में अंजनिया,कामता, ककैया, मोहगांव, घुघरी, सलवाह, बिछिया, सिमरिया, मोतीनाला, दाड़ीभानपुर, मवई समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण होता है। मौसम साथ दिया तो इस बार जून तक तुडाई का कार्य किया जा सकता है।













