अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे

अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे

  • कटे होंठ फटे तालू के बच्चों को मिला उपहार
  • डीईआईसी जिला चिकित्सालय में जांच परीक्षण, 03 बच्चे हुए चयनित

मंडला महावीर न्यूज 29. अब कटे होंठ, फटे तालू के बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे। इन बच्चों के माता पिता के चेहरों में खुशी झलक रही है। इनकी खुशी को बरकरार रखने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में दी जाती है। जिससे कि पीडि़त बच्चे निरोगी हो सके। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का नि:शुल्क जांच व उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दुबे एवं डेंटल केयर हॉस्पिटल जबलपुर से आए विशेषज्ञ डॉ. केके पटेल ने बच्चों का जांच, परीक्षण किया। इसके साथ ही दुबे एवं डेंटल केयर के राजा बाबू और डीईआईसी केन्द्र के स्टाफ ने शिविर में सेवाएं दी।

जानकारी अनुसार कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों के लिए आयोजित नि:शुल्क शिविर में आरबीएसके चिकित्सक द्वारा बच्चों को चिन्हित किया गया। जिसके बाद आयोजित शिविर में जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का जांच परीक्षण डॉ. केके पटेल द्वारा किया गया। आयोजित शिविर में आठ बच्चे जांच के लिए पहुंचे। इसके साथ ही शिविर में कुछ बच्चे फालोअप के लिए आए। शिविर में आए इन बच्चों का जांच परीक्षण के बाद तीन बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया। चयनित बच्चों का उपचार दुबे सर्जिकल एवं डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर में नि:शुल्क किया जाएगा। चयनित बच्चों को जबलपुर से आए चिकित्सक ने जांच परीक्षण के बाद अपने साथ जबलपुर उपचार सर्जरी के लिए ले गए। इस दौरान बच्चों के परिजनों में खुशी देखी गई। परिजनों ने कहा कि आज आरबीएसके टीम द्वारा आयोजित नि:शुल्क शिविर ने बच्चों को उपहार दिया है। अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे।

आठ बच्चों की हुई स्क्रीनिंग 

बताया गया कि आयोजित शिविर में आठ बच्चो की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें पूर्वी नेटी पांच माह, धनेश्वरी नेटी सात माह, सृष्टि झारिया दो माह, विवांश चलहनिया डेढ़ माह, रंजीत पांच माह, अर्पिता पांड्रे दो माह, पवित्रता चार माह, योगांश विश्वकर्मा ढाई माह के बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में तीन बच्चे रंजीत, पूर्वी नेटी, धनेश्वरी नेटी को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। इसके साथ ही दो अन्य बच्चे योगांश विश्वकर्मा, पवित्रता को फालोअल के लिए ले जाया गया है। इनकी सर्जरी दुबे सर्जिकल एवं डेंटल केयर जबलपुर में स्माइल ट्रेन के माध्यम से नि:शुल्क की जाएगी। जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि शिविर में आए दो बच्चों को न्यूट्रीशन एवं फॉलोअप के लिए ले गए है। इसके साथ ही पांच बच्चों की उम्र एवं वजन कम होने के कारण इन बच्चों को अगले माह उपचार के लिए तिथि निर्धारित की है।

जागरूकता का अभाव

आरबीएसके जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता के आभाव के कारण बच्चो में आए विकार को पहचान नहीं पाते और आगे चलकर ऐसे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से विकृत हो जाते है। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो बच्चों को चयनित कर इनका स्वास्थ्य परीक्षण करते है। इसके बाद डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबन्धित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।

ये रहे उपस्थित 

कटे होंठ फटे तालू के बच्चों के लिए आयोजित शिविर में सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, आरबीएसके नोडल अधिकारी, आरबीएसके डीईआईसी मैनेजर अर्जुन सिंह, डॉ. केके पटेल, आडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थैरेपी वीरेन्द्र पाटिल, फिजोथैरेपिस्ट नेजा आफरीन, डॉ. मुकेश झरिया, डॉ. टीआर झरिया, डॉ. अजय खंडेल, डॉ. रोशनी परस्ते, डॉक्टर किरण पंद्रे, डॉ. धनराज भांवरे, डॉ. राजकुमार नंदा, एएनएम श्रीमती अनीता टेकाम, हेमलता विश्वकर्मा, एवं अन्य स्टाफ ने शिविर में अपनी सेवाएं प्रदान की।



 

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