सनसनीखेज हत्या के मामले में चार आरोपी को आजीवन कारावास

सनसनीखेज हत्या के मामले में चार आरोपी को आजीवन कारावास

  • एक आरोपी को सात वर्ष की सजा और सभी आरोपियो को 40 हजार 500 रूपए का अर्थदण्ड

मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट न्यायालय मंडला द्वारा आरोपीगण हैप्पी उर्फ मयूर यादव पिता गणेश यादव 32 वर्ष निवासी स्वामी सीताराम वार्ड मंडला, आयुष यादव पिता मोतीलाल यादव 21 वर्ष निवासी बिनैका तिराहा, विपिन मरकाम पिता कमला प्रसाद 21 वर्ष निवासी ग्राम बरगांव बीजाडांडी, पीयूष मरावी आत्मज हरिशचन्द्र मरावी 21 वर्ष निवासी लाल बहादुर शास्त्री वार्ड मंडला को विभिन्न धाराओं और एससी, एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं रवि यादव पिता लालाराम यादव 24 वर्ष निवासी ग्राम सिझौरा बिछिया को आयुध अधिनियम की धारा के तहत 07 वर्ष का कठोर कारावास एवं सभी आरोपीगणों को कुल 40 हजार 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

जानकारी अनुसार विगत 27 जून 2020 को प्रार्थी दिगम्बर उर्फ दिग्गू ने थाना कोतवाली जिला मंडला में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जून को दोस्त साहिल परोचिया का जन्मदिन था तो रात में वे सभी दोस्त मंडला से मटरू ढाबा पोंड़ी महाराजपुर में जन्मदिन पार्टी मनाने गये थे। रात करीब 12 बजे वे सभी दोस्त पार्टी करके अपने-अपने घर चले गये, दिगम्बर, नीरज और सोनू परोचिया एक ही स्कूटी में थे। दिगंबर स्कूटी चला रहा था नीरज पीछे और सोनू बीच में बैठा था। मटरू ढाबा से निकले करीब 15-20 मिनट हुए थे कि गुरूद्वारा महाराजपुर ब्रेकर के पास पहुंचे थे कि हैप्पी यादव अपने साथियों के साथ बुलेरो गाड़ी से आया और पुरानी रंजिश को लेकर जानलेवा तरीके से उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। जिससे स्कूटी में सवार सभी लोग गिरकर दूर छिटक गये।

सोनू भी वही गिर गया तब हैप्पी उर्फ मयूर यादव गाड़ी से उतरकर जान से मारने की नीयत से सोनू के सीने में गोली मार दी। वो वहीं दम तोड़ दिया, हैप्पी यादव अपने साथियों के साथ वहां से भाग गया। हमने अपने साथियों को बुलाकर सोनू को अस्पताल ले गए, जहाँ डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हैप्पी यादव ने पुरानी रंजिश के चलते हमारे उपर जानलेवा हमला कर सोनू परोचिया की हत्या की है। प्राथी की रिपोर्ट पर थाना महाराजपुर में मर्ग व अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना की गई। थाना महाराजपुर के द्वारा प्रकरण की संपूर्ण विवेचना के बाद माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होते हुये विचारण के बाद न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी पाते हुये उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री सरमन सिंह ठाकुर के द्वारा की गई है।



 

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