जिले की 212 पंचायतो को मिलेगी महात्मा गांधी की सिल्वर और कास्य प्रतिमाएं

अब अगले चरण में टीबी मुक्त होने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा से किया जाएगा सम्मानित

  • जिले की 212 पंचायतो को मिलेगी महात्मा गांधी की सिल्वर और कास्य प्रतिमाएं
  • मंडला जिले को टीबी मुक्त करने की कवायद
  • अभी तक दो सैकड़ा से अधिक पंचायतें हुई टीबी मुक्त

मंडला महावीर न्यूज 29. भारत सरकार की परिकल्पना 2025 तक टीबी मुक्त भारत को साकार करने के लिए जिला क्षय केन्द्र मंडला में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी हारेगा देश जीतेगा की तर्ज पर जिले का स्वास्थ्य अमला जमीनी स्तर पर टीबी रोग को खत्म करने कार्य कर रहा है। इसके लिए स्वस्थ अमला द्वारा गांव-गांव विविध गतिविधियों के माध्यम में लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के साथ इनके लक्षण एवं उपचार की जानकारी दे रहे है। जिससे मंडला जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके। फिलहाल अभियान के तहत जिले से 213 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए चिन्हित किया था। जिसमें से 212 पंचायते जिला स्तरीय टीम के सत्यापन प्रक्रिया में खरी उतरी। वहीं इस वर्ष जिले की 212 पंचायत टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के मापदण्डों पर खरा उतरी है। जिसमें 175 पंचायतों को महात्मा गांधी की कास्य और 37 पंचायतों को महात्मा गांधी की सिल्वर प्रतिमा देकर नवाजा जाएगा।

जानकारी अनुसार भारत को टीबी मुक्त करने की कवायद चल रही है। जिसके अंतर्गत मंडला जिले में वर्ष 2024 के लिए 213 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने नामांकित किया था, जिसमें जिला स्तरीय टीम के सत्यापन में 212 ग्राम पंचायतें मापदंड पर खरी उतरी। शासन के आदेश के बाद आगामी तिथि में इन टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायतों को चयनित करने के लिए स्वास्थ्य टीम द्वारा इन्हें छह इंडिकेटर में परख कर इनका सत्यापन की। जिसके बाद 212 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत में शामिल किया गया।

जिले की 212 पंचायतें टीबी मुक्त के लिए सत्यापित 

जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुमित सिंगौर ने बताया कि जिला स्तरीय टीम द्वारा टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सत्यापन के लिए टीम बनाई थी। जिनके द्वारा जिले से 213 ग्राम पंचायतों को नामांकित किया गया था। राज्य स्तर द्वारा निर्धारित छह इंडिकेटर के आधार पर नामांकित ग्राम पंचयतों का सत्यापन किया गया। जिसमें एक ग्राम पंचायत खरा नहीं उतर सकी। जिसके बाद 212 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए सत्यापित हुई। इन टीबी मुक्त ग्राम पंचायत में मंडला विकासखंड की 28, बिछिया में 23, बीजाडांडी में 30, मवई में 23, मोहगांव में 15, घुघरी में 16, नारायणगंज 30, निवास में 20 और नैनपुर में 27 ग्राम पंचायत छह इंडिकेटर में खरी उतरी कर टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए सत्यापित हुई है।

नैनपुर की एक पंचायत नहीं हुई सत्यापित 

बताया गया कि नैनपुर में 28 पंचायत नामांकित की गई थी। जिसमें भडिय़ा, धनपुरीमाल, हीरापुर, खुर्सीपार, कन्हरगांव, खिरखिरि, सर्रापिपरिया, बरबसपुर, भालीवाड़ा, चंदियाजर, तुतर्रा, डिठौरी, घटैरी, जैदेपुर, जलतरा, जहरमउ, कामता, मक्के, मुगदरा, परसवाड़ा, पिपरिया, पौड़ी, पुतर्रा, रामदेवरी, रमगढ़ी, समनापुर, सर्री, सुबेदा, तुमेगांव मे ं ब्लॉक स्तर पर गठित टीम द्वारा टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के सत्यापन की कार्यवाही की गई। जिसमें जिला स्तरीय वेरिफिकेशन टीम द्वारा वेरिफिकेशन किया गया। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत जहरमउ को राज्य स्तर द्वारा निर्धारित इंडिकेटर के मापदण्डों में योग्य नहीं पाया गया। ग्राम पंचायत जहरमऊ टीबी मुक्त के तहह तीन इंडिकेटर में खरा नहीं उतर सकी। जिसके कारण इसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में नही रखा गया। इसलिए 28 नामांकित पंचायतों में से 27 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए सत्यापित हुई।

100 दिन में तीन लाख से अधिक स्क्रीनिंग, 499 मिले टीबी मरीज 

बताया गया कि जिले के ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान शुरू किया गया था। इस 100 दिवसीय शिविर के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर वरनेवल ग्रुप के लोगो की स्क्रीनिंग की गई। इस अभियान के लिए जिले के सभी ब्लाकों में टीबी स्क्रीनिंग और जांचों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अभियान के अंतर्गत 700 टीबी मरीज चिन्हित करने का लक्ष्य मिला था। 100 दिन में 499 टीबी मरीज चिन्हित किये गए। इसके साथ ही पूरे जिले को 03 लाख 775 स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया था। इस 100 दिन में स्वास्थ्य अमले द्वारा 03 लाख 12 हजार 423 वरनेवल गु्रप की स्क्रीनिंग की गई। विभाग ने मिले लक्ष्य से 104 प्रतिशत स्क्रीनिंग की। इसके साथ ही इस अभियान के अंतर्गत ट्रू नॉट, सीबी नॉट मशीन से भी टीबी की जांच की गई। जिसके लिए 30 हजार जांच का लक्ष्य मिला था। मिले लक्ष्य में विभाग द्वारा 28 हजार 84 संभावितों की जांच की गई। वहीं निक्षय अभियान में 02 लाख 69 हजार 501 लोगों का एक्सरे मशीन से टीबी की जांच करने का लक्ष्य मिला। लक्ष्य के अनुरूप एक्सरे मशीन से मात्र 31 हजार 882 लोगों के एक्सरे किये गए।

212 पंचायतों को मिलेगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सिल्वर, कास्य प्रतिमा 

जिला अधिकारी डॉ. सुमित सिंगौर ने बताया कि टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत टीबी मुक्त ग्राम पंचायत होने पर इन्हें सम्मानित किया जाएगा। जिसमें टीबी मुक्त पंचायत के लिए चयनित पंचायतों को पहली बार टीबी मुक्त होने पर कांस्य, दूसरी बार में सिल्वर और तीसरी बार में टीबी मुक्त होने पर स्वर्ण प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। इसी के अंतर्गत वर्ष 2023 में जिले की 60 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई थी। जिन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कास्य प्रतिमा दी गई गई थी। जिला मुक्त टीबी अभियान के तहत जिले की ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त होने पर सम्मानित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत वर्ष 2023 में पहली बार जिले की 60 पंचायतें टीबी मुक्त हुई। अब इन्हीं 60 पंचायतों में दूसरी बार के लिए वर्ष 2024 के लिए 212 पंचायतों को चयनित कर टीबी मुक्त घोषित किया है। अब इन 212 पंचायतों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सिल्वर और कास्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।

नारायणगंज की 30 पंचायतें हुई टीबी फ्री 

सीएचसी नारायणगंज सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने बताया कि वर्ष 2024 में टीबी फ्री पंचायत के अतंर्गत 50 पंचायतों में से 30 ग्राम पंचायतें टीबी फ्री हुई है। जिसमें से 27 पंचायत को महात्मा गांधी की कास्य प्रतिमा दी जाएगी और 03 ग्राम पंचायतों को सिल्वर प्रतिमा दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2023 में चार पंचायते टीबी फ्री हुई थी, जिसमें वर्ष 2024 में पुन: तीन पंचायते टीबी फ्री हुई है। इस उपलब्धि के लिए सीएचसी नारायणगंज स्टाफ के साथ मैदानी स्तर पर काम कर रही सीएचओ ने अहम भूमिका निभाई है। 50 पंचायतों में से 30 पंचायतें टीबी फ्री होने पर जिला स्तर पर नारायणगंज ब्लाक को सम्मानित भी किया गया है। आगामी स्वर्ण प्रतिमा के लिए सभी सीएचओ को और बेहतर कार्य करने कहां है।



 

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