आगजनी, प्रशिक्षण, घटना, हादसा, समेत प्रमुख खबरें
एनएच 30 में कालपी के पास चलते ट्रक में लगी आग
- ट्रक में रखे वारदाने और ट्रक जलकर हुआ खाक
मंडला महावीर न्यूज 29. गर्मी शुरू होते ही आगजनी की घटना सामने आने लगी है। मार्च माह की शुरूआत से ही तापमान करीब 35 डिग्री से ऊपर चल रहा है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस वर्ष अप्रैल माह में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा सकती है। सूर्यदेव के तेवर अभी से तीखे है और आगजनी की घटनाएं भी शुरू हो गई है। मंगलवार को अल सुबह एक बार फिर ग्राम कालपी के पास एक चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। इस आगजनी की घटना में पूरा ट्रक जलकर खाक हो गया।
जानकारी अनुसार नेशनल हाईवे 30 मंडला जबलपुर मार्ग में ग्राम कालपी के पास मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जबलपुर की तरफ जा रहे एक आइसर ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक में वारदाने लोड थे। जिसके कारण आग बहुत तेजी से पकड़ ली और आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे पूरा ट्रक जलकर खाक हो गया। बताया गया कि उक्त ट्रक छत्तीसगढ़ के भाटापाडा से बोरियां लेकर जबलपुर जा रहा था। जैसे ही ट्रक बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम कालपी के पास पहुँचा वैसे ही ट्रक में अचानक आग लग गई।
ट्रक मालिक संदीप पटैल ने बताया में ट्रक भाटापाडा से बोरियां लेकर जबलपुर जा रहा था, अचानक ट्रक में शॉट सर्किट हो गया और ट्रक में लोड वारदानों में आग पकड़ ली और आग धधक उठी। जब तक वह कुछ कर पाते तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। जैसे ही आगजनी की खबर बीजाडांडी पुलिस को लगी, सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और आग बुझाना का प्रयास सभी के प्रयास से किया गया, लेकिन आग विकराल रूप ले चुकी थी। जिसके कारण पूरा ट्रक जलकर खाक हो गया।
देर से पहुंची फायर बिग्रेड
बताया गया कि आगजनी की सूचना तत्काल पुलिस और फायर बिग्रेड को दी गई। जिसके बाद निवास और मंडला से एक-एक फायर बिग्रेड ट्रक में लगी आग को बुझाने पहुंची, लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी। बताया गया कि फायर बिग्रेड को सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद ही दमकल वाहन घटना स्थल पहुंच सकी। यदि समय रहते फायर ब्रिगेड आ जाती तो आग पर काबू पाया जा सकता था। ट्रक में करीब दस टन माल लोड था, जिसकी कीमत करीब 5 से 6 लाख के आस पास थी और ट्रक की कीमत करीब 10 से 15 लाख के आस पास बताई गई है।
आशा और पर्यवक्षकों ने दी लिखित परीक्षा, खरा उतरने पर मिलेगा कैश अवॉर्ड
- आशा और पर्यवक्षकों में दिखा लिखित परीक्षा देने में उत्साह, पास होने पर मिलेगा सर्टिफिकेशन
- आशा और पर्यवेक्षकों का अब डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा से होगा प्रमाणन
- खरा उतरने पर मिलेगा कैश अवॉर्ड और प्रमाण पत्र
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के पांच विकासखंडो से चयनित आशा और पर्यवेक्षकों के ज्ञान को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान दिल्ली के माध्यम से तीन चरण में परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए जिले में कार्यरत 1271 आशाओं में से 271 आशाओं को चयनित किया गया था। जिसमें दो चरणों में 271 आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों ने परीक्षा दी। तीसरे चरण की लिखित परीक्षा में 271 आशा और पर्यवेक्षकों में से 266 ने ही लिखित परीक्षा दी और पांच अनुपस्थित रही।
जानकारी अनुसार एनआईओएस दिल्ली द्वारा चयनित परीक्षा केन्द्र केन्द्रीय विद्यालय मंडला बनाया गया था। जहां जिले के पांच विकासखंडों की चयनित आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों ने शासन द्वारा निर्धारित पेर्टन पर डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा दी। बताया गया कि प्रथम चरण में आयोजित आंतरिक परीक्षा में आशा व पर्यवेक्षकों ने ऑनलाईन परीक्षा दी, इसके बाद द्वितीय चरण में उनके द्वारा कार्यस्थल में दी जाने वाली सेवाओं से संबंधित प्रायोगिक परीक्षा ली। जिसेमं प्रैक्टिल कराकर उनके ज्ञान को परखा गया। तीसरे चरण में 271 आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों में से 266 ने ही परीक्षा में सहभागिता दी। केन्द्रीय विद्यालय प्राचार्य की निगरानी में इनकी परीक्षा संपन्न हुई।
बताया गया कि आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के शहर और ग्रामीण अंचलों में शिशु से लेकर बुजूर्गो के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली आशा व आशा पर्यवेक्षकों के ज्ञान को परखने के लिए तीन चरण में परीक्षा आयोजित की गई। जिसके तीनों चरणों की परीक्षा शासन द्वारा निर्धारित पैरामीटर के हिसाब से ली गई है। नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ ओपन स्कूल द्वारा जिले के पांच विकासखंड बम्हनी, मोहगांव, नारायणगंज, बिछिया, नैनपुर की चयनित 271 आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों ने तीसरे चरण में लिखित परीक्षा दी। आयोजित परीक्षा को लेकर ये काफी उत्साहित दिख रही थी। इस परीक्षा में पास होने के बाद आशा प्रमाणित हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी मिलेगा।
स्कूल के दिन याद आए
बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के तीसरे चरण की लिखित परीक्षा देने पहुंची आशाओं ने कहां कि परीक्षा में शामिल होकर स्कूल के दिन याद आ गए। वर्षो बाद बोर्ड पेर्टन पर परीक्षा देने पहुंचे है। परीक्षा शुरू होने से पहले अपने कक्ष के रोल नंबर देखे। स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा के लिए भी व्यवस्थाएं कर रखी थी। किसी भी परीक्षार्थी को मोबाईल समेत सभी सामग्री को बाहर रखा दिया गया। यह सब देखकर परीक्षा देने पहुंची आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों को अपने स्कूल के दिन याद आ गए।
पूरी तैयारी के साथ दी परीक्षा
डीसीएम हिमांशु सिंगौर ने बताया कि फील्ड में आशा वर्कर का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य है कि इस परीक्षा के माध्यम से आशा वर्कर का ज्ञान बढ़े। आयोजित परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्कर पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देनी पहुंची। सभी काफी उत्साहित दिख रही थी। दो चरणों में ली गई परीक्षा में इनके द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। आशा वर्करों और पर्यवेक्षकों द्वारा इस परीक्षा में खरा उतरने कड़ी मेहनत की है। अब परीक्ष परिणाम के बाद ही इनकी काबलियत साबित होगी और उन्हें इस परीक्षा के सटिफिकेशन प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
पास होने पर होगी सर्टिफाइड, मिलेगा कैस अवार्ड
बीसीएम राहुल चंद्रौल ने बताया गया कि आशा वर्कर के ज्ञान को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ऑनलाईन परीक्षा इसके बाद उनके द्वारा संपादित करने वाले कार्यो को प्रैक्टिल कराकर परीक्षा ली। अब तीसरे चरण में लिखित परीक्षा ली गई है। अब आशा वर्कर इस परीक्षा में पास होती हैं तो सर्टिफाइड हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी इन्हें मिलेगा। लिखित परीक्षा से पहले आशा वर्करों का आंतरिक परीक्षा और ऑनलाईन परीक्षा ली गई।
परिणाम के बाद होगी सटिफाईड
ग्राम व शहर में आशा वर्करों द्वारा जमीनी स्तर पर काम किया जाता है। ये स्वास्थ्य विभाग के रीढ की हड्डी हैं। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह है कि आशा वर्कर का ज्ञान इस परीक्षा के मध्यम से बढ़ेगा। परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्करों ने खूब मेहनत की है। तीनों चरणों की परीक्षा में इनके कार्यो की गुणवत्ता जांची गई। इसके आधार पर ही परीक्षा परिणाम आने के बाद इनका सटिफिकेशन प्रमाण मिलेगा।
माँ कर्मा देवी जन्मोत्सव आज, होंगे विविध आयोजन
- जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़, स्लो बाइक रेस के साथ होगी अन्य प्रतियोगिताएं
मंडला महावीर न्यूज 29. मां कर्मा देवी का जन्म उत्सव कार्यक्रम आज 25 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। मीडिया प्रभारी प्रीति साहू ने बताई कि जिला साहू समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्रीमति संपतिया उइके, विशिष्ट अतिथि सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते रहेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष नपा अध्यक्ष विनोद कछवाहा रहेगे। कार्यक्रम का संचालन हरि साहू द्वारा किया जाएगा।
बताया गया कि आज 25 मार्च को सुबह 9 बजे विशाल वाहन रैली निकल जाएगी। इसके बाद दोपहर एक बजे के बाद मां कर्मा देवी का पूजन किया जाएगा। इसके बाद 1.30 बजे से 3.30 बजे तक बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और गेम्स आयोजित किये जाएंगे। जिसमें जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़, स्लो बाइक रेस एवं अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। इसके साथ महिलाओं द्वारा फूड स्टॉल लगाया जाएगा। 3.30 के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शाम 5 बजे विशाल रक्तदान कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समाज के लोगों द्वारा ब्लड डोनेट कर पीडि़त मानव के हितार्थ किया जाएगा।
नैनपुर में 24 नग भैस, बिछिया में 20 नग मवेशी को कराया मुक्त
- गौकसी कर गौ मांस बेचने वाला आरोपी और गौ तस्कर हुए गिरफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29. पशु तस्करो के विरूद्ध नैनपुर और बिछिया पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पशु कू्ररता निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर 44 नग पड़ा/भैस को मुक्त कराकर वाहन को जब्त किया है। इसके साथ ही नैनपुर पुलिस ने जेवनारा ग्राम में एक टपरे से 17 किलो गौ मांस बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर गौ वंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी अनुसार जिले में दो दिन में पशु तस्करी के मामले में नैनपुर और बिछिया थाना अंतर्गत कार्रवाई करते हुए पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और एमवी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। बताया गया कि रविवार रात्रि थाना नैनपुर पुलिस द्वारा पशु तस्करो के विरूद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुये 03 आरोपियों से 24 नग पड़ा, भैस मुक्त एवं ट्रक जब्त कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
बताया गया कि रविवार रात्रि थाना नैनपुर पुलिस को भ्रमण को दौरान ग्राम डुंगरिया सूखा तालाब से एक ट्रक में पड़ा भरकर निकलने की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए वाहन ट्रक 14 चका क्रमांक एमपी 20 एचबी 6351 को सालीवाड़ा की ओर लेकर आ रहा था, जिसे पुलिस टीम द्वारा पीछा कर ट्रक को रोककर ट्रक में बैठे व्यक्तियों से पूछताछ कर ट्रक को चैक किया गया। पुलिस टीम द्वारा ट्रक में ठुस ठुसकर भरे 23 पड़ा एवं 01 भैंस को मुक्त कराकर सुरक्षित रखवाये गये। आरोपियों से उक्त मवेशियों के संबंध में पुछताछ कर आरोपियों के कब्जे से हेवी ट्रक कीमत बीस लाख रूपये जप्त किया गया।
क्रूरतापूर्वक ले जा रहे थे पड़ा, भैंस
बताया गया कि आरोपियो द्वारा अवैध रूप से मवेशी 23 नग पड़ा (बोदा) एवं 01 नग भैंस कुल 24 नग को क्रूरतापूर्वक ट्रक में भरकर ले जाने से आरोपियो के विरूद्ध पशुओ के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, मोटर व्हीकल एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी इमरान कुरैशी पिता इस्लाम निवासी बरवा रसुलपुर थाना बरौर जिला कानपुर देहात, उत्तरप्रदेश, मुस्ताक कुरैशी पिता मुख्तार अहमद ग्राम भैसवाही, थाना नैनपुर व नदीम कुरैशी पिता नईम कुरैशी ग्राम भैसवाही को पुलिस टीम द्वारा अभिरक्षा में लेकर ट्रक जब्त किया गया।
बिछिया में तीन आरोपियों से 07 नग पड़ा ओर 13 नग भैस कराया मुक्त
थाना बिछिया अंतर्गत सोमवार को तड़के सुबह लाल रंग के आयशर ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीजेड 3203 में अवैध रूप से मवेशी भरकर घुटास तरफ आने की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा ग्राम कोको के आगे क्रेसर के पास नाकाबंदी कर ट्रक को रोका गया। जिस पर तिरपाल बंधी थी एवं पीछे तरफ लकड़ी के पटिए लगे हुए थे। तिरपाल को हटाकर चैक करने पर ट्रक में कुल 20 नग मवेशी जिनमें 07 नग पड़ा एंव 13 नग भैस जिन्हे ठूस-ठूस कर भरे हुये थे।
ट्रक में तीन व्यक्ति मिले जिनका नाम पता पूछने पर अपना नाम ट्रक चालक सलमान खान पिता हनीम खान 28 साल निवासी शास्त्री वार्ड हनुमानताल जबलपुर, अम्मार पिता गफ्फार शाह 21 साल निवासी बैगी बासदेवा, कुंडाखुर्द थाना गंगोह जिला सहारनपुर उप्र एवं फरमान शाह 25 साल निवासी निवासी बैगी वासदेवा, कुंडाखुर्द थाना गंगोह जिला सहारनपुर उप्र के रहने वाले बताये। ट्रक चालक एवं उसके साथियो से मवेशियो के ट्रक में भरकर परिवहन करने के संबध मे कोई वैध दस्तावेज पूछे गए जो दस्तावेज नही होना बताए। तीनों आरोपियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी चालक सलमान खान से उक्त ट्रक कीमत करीब 20 लाख रूपये जब्त कर उसमें भरे हुए 07 नग पडा एंव 13 नग भैस कुल 20 नग ट्रक में भरे हुए मवेशियो को बिछिया कांजी हाउस भेजा गया।
गौ मांस के साथ पकड़ाया आरोपी
थाना नैनपुर पुलिस द्वारा गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि कस्बा भ्रमण के दौरान थाना नैनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जैवनारा में ग्राम जेवनारा स्टेशन के पास आरोपी द्वारा घर के पास बने टपरा पर गौकसी कर गौ मांस बेचने की सूचना मिली। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा आरोपी के विरूद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अपराध पंजीबद्ध किया गया।
नैनपुर पुलिस ने बताया कि रविवार को नैनपुर पुलिस टीम द्वारा आरोपी के घर के पीछे कच्चे टपरा में तलाशी की गई, जहां आरोपी मिला और वहां गौकशी के अवशेष एवं उपयोग किए गए औजार जप्त किए गए। आरोपी याकूब निवासी जेवनारा स्टेशन पर मध्यप्रदेश गौवश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
विश्व क्षय दिवस पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- क्षय रोग के प्रति जागरूक करने निकाली रैली
- छात्राओं ने दी सहभागिता, कार्यशाला आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय स्थित जिला क्षय काया्रलय में विश्व क्षय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई। इसके साथ ही टीबी जागरूकता रंगोली छात्राओं द्वारा बनाई गई। जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत निबंध प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, टीबी स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इसके साथ ही कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ठ कार्य करने वाले कर्मचारी को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट दिया गया।
बताया गया कि विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जिला क्षय केन्द्र मंडला से जन जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में जिला क्षय अधिकारी डाक्टर सुमित सिंगौर, सभी ब्लाकों के एसटीएस, विद्यालय की छात्राएं, स्वास्थ्यकर्मी और समेत कर्मचारी शामिल हुए। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने क्षय रोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नारे लगाए और पोस्टर्स वितरित किए। उन्होंने लोगों को क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताया और उन्हें समय पर चिकित्सा की सलाह दी।
जिला क्षय अधिकारी डा. सुमित सिंगौर ने कहा कि क्षय रोग एक गंभीर बीमारी है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से हम इस बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं और लोगों को इसके प्रभाव से बचा सकते हैं। रैली के बाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने क्षय रोग के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताते हुए क्षय रोग से पीडि़त रोगी को समय पर चिकित्सा सेवा देने की सलाह दी।
स्वामी सीताराम वार्ड में लगा स्वास्थ्य शिविर
- 236 लोगों ने उठाया लाभ, 146 की एचआईवी की जांच
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति भोपाल जिला चिकित्सालय के तत्वावधान में डॉ सुधा गुप्ता मेमोरियल सोसायटी संपूर्ण सुरक्षा केंद्र ने सोमवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। डॉ सुमित सिंगोर डीटीओ जिला नोडल अधिकारी के निर्देशनुसार शाम चार बजे तक स्वास्थ्य शिविर छोटी खेरी स्वामी सीताराम वार्ड में आयोजित हुआ। शिविर का 236 लोगों ने लाभ उठाया। जिसमे 146 की एचआइवी जांच की गई। 10 में एसटीआई यौन संचारित संक्रमण पाए गए एचआईवी नेगेटिव रहे। इसके साथ ही एचआईवी, टीबी, हपेटाइटिस, मलेरिया आदि की जांच की गई। इस दौरान डॉ रश्मि जैन, डॉ रितेश अग्रवाल, पैरामेडिकल स्टॉफ वर्षा तिवारी, डॉ समीर साहू, अनुराधा यादव, सुनील भासंत, बसंत पटेल, आंगनबाडी कार्यकत्र्ता दीपिका यादव, जया बरमईया, मनोहर चौहान, आशा कार्यकर्ता सभी का सहयोग रहा।
ग्राम पथर्री से बरबटी गाडादेवरी पहुॅच मार्ग गुणवत्ता पूर्ण बनाने की मांग
- ग्रामीणों की मांग घाट कटिंग कर बनाई जाए नाली
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पथर्री के बैगा बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामवासियों ने बनाए जा रहे पहुॅच मार्ग को गुणवत्ता पूर्ण बनाने और घाट कटिंग कर नाली बनाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि पथर्री से बरबटी गाडादेवरी पहुॅच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें अनेक अनियमितताएं बरती जा रही है। मार्ग निर्माण गुणवत्ता पूर्ण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए बनाई जा रही सड़क को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए, जिससे आगामी समय में यहां के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना ना करना पड़े।
जानकारी अनुसार ग्राम पथर्री से बरबटी गाडादेवरी तक ग्रामीणों के लिए पहुंच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसी मार्ग में पथर्री से लगभग एक किलोमीटर लम्बाई की घाट कटिंग निर्माण एजेंसी द्वारा नहीं की जा रही है। घाट कटिंग नहीं होने से यहां से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। छोटे मालवाहक भी इस घाट से आवाजाही नहीं कर पाते है, यदि घाट को काट दिया जाए तो लोगों को अपने ग्राम तक कोई भी भारी सामग्री वाहनों में लाने में आसानी हो जाएगी। इसके साथ ही मार्ग निर्माण के दौरान मार्ग के दोनों तरफ साईड नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सरपंच भगतसिंह कुशरे, हरिलाल धुर्वे, उप सरपंच मुकेश भारतीय समेत अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि पथर्री से बरबटी गाडादेवरी सड़क निर्माण में घाट कटिंग एवं नाली निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को इस मार्ग निर्माण को संज्ञान में लेकर गुणवत्तायुक्त मार्ग निर्माण कराने की मांग की है।
पुलिया से गिरकर युवक की मौत
- नारायणगंज के ग्राम सलैया की घटना
- रात भर पुलिया के नीचे पड़ा रहा युवक, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज ब्लाक के ग्राम सलैया मार्ग में विगत रात्रि एक युवक पुलिया से नीचे गिर गया, जिससे की उसकी मौत हो गई। मार्ग सूनसान होने के कारण पुलिया के नीचे गिरे युवक को किसी ने नहीं देखा। जिसके कारण युवक रात भर पुलिया के नीचे घायल अवस्था में पड़ा रहा। सुबह ग्राम के लोग इस मार्ग से गुजरे जहां पुलिया के नीचे एक युवक को देखा। जिसके बाद उसकी पहचान सलैया ग्राम निवासी बिंदु बरमन उम्र करीब 35 वर्ष के रूप में हुई।
जानकारी अनुसार नारायणगंज ब्लाक के ग्राम सलैया निवासी बिंदु बरमन विगत दिवस किसी कार्य से पास के ही गांव गए थे। रात्रि में वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान वह पुलिया के नीचे गिर गया। परिजनों ने युवक बिंदु की मृत्यु पर संदेह भी व्यक्त किया है। परिजनों का कहना है कि जहां बिंदु पुलिया के नीचे मृत अवस्था में मिला है, वह क्षेत्र सूनसान और अंधेरा रहता है। रात्रि में घर वापस आते समय किसी वाहन ने टक्कर मारी होगी और युवक पुलिया के नीचे गिर गया होगा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
बताया गया कि पुलिया के नीचे मिले युवक के शव को पीएम के लिए नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आया गया। जहां चिकित्सक डॉ. राजेश अहिरवार ने मृत बिंदु का पीएम किया। उनका कहना है कि युवक की मृत्यु कैसे हुई, यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। इसके पहले मृत्यु की वजह बता पाना मुश्किल है।
मध्यरात्रि में एसपी, एएसपी ने थाना कोतवाली व महाराजपुर व समस्त एसडीओपी ने अपने अनुभाग अंतर्गत थानों का किया औचक निरीक्षण
- जिले के राजपत्रित अधिकारियों ने थाना का किया सरप्राइज विजिट
मंडला महावीर न्यूज 29. शनिवार-रविवार की रात्रि मंडला पुलिस के समस्त राजपत्रित अधिकारियों ने अपने-अपने अनुविभाग के थाना व क्षेत्र में पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक मंडला व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला द्वारा क्षेत्र का भ्रमण कर थाना कोतवाली व महाराजपुर का देर रात औचक निरीक्षण किया गया।

सरप्राइज विजिट में पुलिस अधीक्षक द्वारा थाने के निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, बंदीगृह, मालखाने, रिकॉर्ड रूम, जरायम, रजिस्टर एवं थाने पर रखे बलवा ड्रिल सामग्री जैसे बॉडीगार्ड, हेलमेट एवं थाना में लगे डिस्प्ले आदि को भी चेक कर ड्यूटी पर उपस्थित थाने के अधिकारी एवं कर्मचारियों से चर्चा करते हुए थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अनुविभागीय अधिकारियों ने अनुविभाग अंतर्गत थाना का देर रात औचक निरीक्षण किया। जिसमें महत्वपूर्ण बिंदुओं व्हीसीएनबी रजिस्टर की जांच, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, डिजिटल समन्स निष्पादन, हिस्ट्री शीट की समीक्षा, थाना परिसर की सफाई एवं रिकॉर्ड प्रबंधन, माइक्रो बीट प्रणाली का निरीक्षण किया।
मानादेही और तिंदनी में आयोजित हुआ जल चौपाल
- विश्व जल दिवस पर ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण के शपथ
- तिंदनी के ग्रामीणों ने नाला के गहरीकरण का लिया संकल्प
- जल गंगा संवर्धन अभियान में बनेंगे सहयोगी
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला विकासखंड के ग्राम मानादेही और तिंदनी में विश्व जल दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह अंर्तगत जल चौपाल आयोजित किया गया। जल चौपाल में उपस्थित प्रतिभागियों ने जल संरक्षण के लिए शपथ लिया। आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड मंडला, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, मड़ईजर, परम्परागत, जडी-बूटी एवं वैकल्पिक चिकित्सा विकास परिषद एवं अनुसंधान केन्द्र, महाराजपुर और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता और छात्रों ने मिलकर किया।
जल चौपाल में 30 मार्च से 30 जून तक मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित होने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन जागरूकता, नदियों और जल संरचनाओं का संरक्षण और संवर्धन और वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुर्नजीवन और जल संरक्षण के तकनीकों को अपनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया गया।
ग्राम मानादेही के रंगमंच में आयोजित जल चौपाल में विषय विशेषज्ञ गजेन्द्र गुप्ता और संतोष यादव ने जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मंडला विकासखंड समन्वयक संतोष झारिया ने ग्रामीणों से वृक्षारोपण का आव्हान किया। ग्रामीणों ने मानादेही में सिंचाई की समस्या पर अपनी बात रखी। जल चौपाल में सुकरात सिंह पन्द्रो, श्यामवती उइके, शैल कुमारी उइके, संगीता मरावी, सुनील मर्सकोले, दीपक कुमार यादव, शुभम ठाकुर और मनीष मरावी ने अपनी बात रखी। जल चौपाल में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण की शपथ ली।
ग्राम तिंदनी में आयोजित जल चौपाल में गजेन्द्र गुप्ता और संतोष झारिया ने प्रतिभागियों से जल संरक्षण पर संवाद किया। ग्रामीणों ने ग्राम के नाला के गहरीकरण का संकल्प लिया। यहां आयोजित जल चौपाल को सफल बनाने में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता आशीष नामदेव और संतोष रजक, छात्रा मोनिका पटेल और किरन सारथी और उपसरपंच गोविंद पुसाम ने सक्रिय योगदान दिया।
हेल्थ कैम्प में लोगों को बताए एचआईवी, टीबी से बचने के उपाए
- शिविर में पलायनकर्ताओं की टीबी, एचआईवी की जांच
- सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैम्प ग्राम उमरवाड़ा में आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में प्रवासियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैंप जिला नोडल अधिकारी सुमित सिंगौर के मार्गदर्शन में जागृति युवा मंच समिति लिंक वर्कर स्कीम मंडला द्वार आयोजित किया जा रहा है। इस कैम्प का उद्देश्य प्रवासियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। जिससे इन पर कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े।
बताया गया कि सोर्स माइग्रेंट कैंप का आयोजन बिछिया ब्लॉक के ग्राम उमरवाड़ा में किया गया। शिविर का उद्देश्य जन समुदाय के स्वास्थ के प्रति जागरुकता, सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने एवं एचआईवी, टीबी जांच के लिए शिविर आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। शिविर में पलायन से लौटे पलायनकर्ताओ व लक्षित समुदाय की एचआईवी, टीबी, हेपेटाइटिस बीसी, सिफलिस की जांच की जा रही है। इसके साथ ही शिविर में एचआईवी, टीबी से बचने के उपाए बताए जा रहे है।
शिविर में सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाने की जानकारी के साथ एचआईवी जागरुकता पंपलेट वितरित किया गया। शिविर में एचआईवी, एड्स, टीबी, से बचने के उपाय बताए गए। इसके साथ ही शासन की योजनाओं के विषय में जानकारी दी गई। आयोजित हेल्थ कैंप में लैब टेक्नीशियन अभिराम पटेल, सीएचओ, एएनएम, डीआरपी विकेश ठाकरे, जोनल सुपरवाइजर अभिषेक दुबे, क्लस्टर लिंक वर्कर सरिता कुशराम, महेश्वरी झरिया मौजूद रही।
मोचा के सेलिब्रेशन होटल से शराब जप्त
मंडला महावीर न्यूज 29. खाद्य विभाग, आबकारी विभाग और फूड एंड ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने कान्हा टाइगर रिजर्व के पास ग्राम मोचा के सेलिब्रेशन होटल की जांच की। होटल के किचन में बेसन और आइसक्रीम के पैकेट्स पर पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट्स नहीं पाई गई। इसके साथ ही शराब की 9 बोतलें भी मिली, जिनमें 4 बोतलें सीलबंद, 4 बोतलें आंशिक खुली और 1 बीयर की बोतल पाई गई।
बताया गया कि इसके संबंध में रिसॉर्ट संचालक के पास कोई अनुमति, लाइसेंस नहीं था। अवैध रूप से रखी उक्त शराब को जप्त किया गया और रिसॉर्ट के संचालक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
कान्हा के मोगली रिसॉर्ट से अवैध गैस सिलेंडर जप्त
मंडला महावीर न्यूज 29. शनिवार को खाद्य विभाग व फूड एंड ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने कान्हा टाइगर रिजर्व के पास ग्राम मोचा के रिसॉर्ट पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान मोचा के मोगली रिसॉर्ट में अलग-अलग वजन के 4 नग अवैध गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
इसके संबंध में रिसॉर्ट संचालक के पास कोई गैस कार्ड उपलब्ध नहीं था। अवैध रूप से रखे गैस सिलेंडर को जप्त किया गया और रिसॉर्ट के संचालक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। इसके साथ ही रिसॉर्ट के किचन से मैदे के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
कान्हा पार्क के मोचा में संचालित रिसोर्ट्स पर छापा
- कान्हा के किंगफिशर, कृष्णा जंगल और स्टर्लिंग कान्हा रिसॉर्ट पर छापामार कार्रवाई
मंडला महावीर न्यूज 29. खाद्य विभाग और फूड एंड ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के पास ग्राम मोचा में रिसोर्ट्स पर छापा मारा। इस दौरान कान्हा के किंगफिशर, कृष्णा जंगल और स्टर्लिंग कान्हा रिसोर्ट से अमानक खाद्य पदार्थों को जप्त किया गया और नमूने भी लिए गए।
बताया गया कि किंगफिशर रिसॉर्ट से अमानक बेसन 20.5 किलोग्राम जप्त किया गया। इसके साथ खाद्य तेल और बेसन के सैंपल भी लिए गए। छापामार कार्रवाई के दौरान कृष्णा जंगल रिसॉर्ट में खराब छोले और मांस पाया गया जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। कृष्णा और स्टर्लिंग रिसोर्ट्स में रखे मैदा और ब्रेड के पैकेट्स में पैकेजिंग व एक्सपायरी डेट्स नहीं पाई गई।
कान्हा में वन्यप्राणियों के लिएं 700 से अधिक जल स्त्रोत
- वन्य प्राणियों के लिए कान्हा प्रबंधन ने किए पेयजल के पुख्ता इंतजाम
- बढ़ते तापमान को देखते जल स्त्रोतों पर रखी जा रही नजर
मंडला महावीर न्यूज 29. भीषण गर्मी की तपन से जहां आम जन का जीवन प्रभावित होता है, वहीं जंगलों के वन्य प्राणी भी इससे प्रभावित होते है। इस बार अनुमान लगाया जा रहा हैं कि तापमान 45 डिग्री के पार हो सकता है। इस तपन भरी गर्मी में इंसान तो पानी से अपनी प्यास बुझा ही सकता हैं लेकिन कान्हा के वन्य जीवों के लिए भी कान्हा प्रबंधन ने पेयजल के पुख्ता इंतजाम कर रखे है। गर्मी के सीजन में कान्हा पार्क के अंदर विभिन्न वन्यप्राणी, जीव विचरण करते है। इनके पेयजल के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है।
फील्ड डायरेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि वन्य प्राणी प्रबंधन की दृष्टि से हर चार स्क्वयर किमी में एक जल स्त्रोतों वन क्षेत्र में होना चाहिए, जिसको देखते हुए कान्हा पार्क के वन क्षेत्र में करीब 700 जल स्त्रोत उपलब्ध है। कान्हा पार्क करीब 2200 स्क्वयर किमी में फैला हुआ है। इस हिसाब से कान्हा में वन्य प्राणियों के लिए पर्याप्त जल स्त्रोत है। जहां जल स्त्रोत नहीं है, वहां कृत्रिम जल स्त्रोत निर्माण कराया गया है, जिसमें तालाब या सोसर बनाए गए है। वहीं गर्मी के सीजन में इन कृत्रिम जल स्त्रोंतों में टेंकरों के माध्यम से पानी की पूर्ति की जाती है। फिलहाल कान्हा प्रबंधन के पास पर्याप्त पानी के टेंकर उपलब्ध है। जिसके कारण इस वर्ष गर्मी के सीजन में वन्य प्राणियों को पानी की कमी नहीं होगी।
जानकारी अनुसार वन्य प्राणियों के लिए लगातार कान्हा प्रबंधन और संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा मॉनिटरिंग करता है। प्रत्येक सप्ताह जल स्रोतों को देखा जा रहा है। जिन जल स्त्रोंतों में पानी कम है, या पानी में कचरा, सूखे पत्ते पड़े है, उन्हें अलग करके साफ किया जा रहा है। बताया गया कि कान्हा के जल स्रोत प्राकृतिक हैं जहां कुछ टाइगर्स गर्मी के सीजन में अठखेलियाँ भी करते नजर भी आते हैं। वही कान्हा के जंगल में कृत्रिम रूप से तैयार किये गये जल स्रोतों में भी टाइगर्स समेत अन्य वन्य प्राणी अपनी प्यास बुझाने आते हैं। इस दृश्य को कान्हा की सफारी के दौरान पर्यटकों द्वारा प्रतिवर्ष देखा जाता है, जिसे पर्यटक अपने कैमरे में कैद किये बिना नहीं रहते है।
कान्हा पार्क में पर्याप्त है जल स्त्रोत
कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि कान्हा नेशनल पार्क के कोर और बफर जोन में 700 से अधिक जल स्त्रोत है। जिसमें बफर जोन के करीब 173 जल स्त्रोत स्थित है। इन सभी जल स्त्रोतों में वन्य प्राणियों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। वहीं कोर जोन में करीब 90 तालाब से ऊपर, करीब 70 वॉटर होल्स और एक सैकड़ा से अधिक बारहमासी नदी, नाले मौजूद है। जिसमें अभी वन्यप्राणियों के लिए पर्याप्त पानी है। जिसके कारण इस गर्मी के सीजन में वन्य प्राणियों को जंगल से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल जल स्त्रोंतों की सफाई लगातार की जा रही है, जो पूरी इस गर्मी के सीजन में वन कर्मियों द्वारा इन जल स्त्रोतों पर नजर बनाए रखेंगे।
अधिकारी कर रहे वन क्षेत्र का भ्रमण
कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि इस गर्मी के सीजन में कान्हा के वन क्षेत्रों में प्रतिदिन गश्ती और भ्रमण कर यहां के जल स्त्रोतों के साथ अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बताया गया कि कान्हा नेशनल पार्क के वनक्षेत्र कान्हा, किसली, मुक्की, सूपखार, भैसानघाट, सरही, फैन, खटिया, सिझौरा, मोतीनाला, गढ़ी, खापा, समनापुर परिक्षेत्र में स्थित जल स्त्रोंतो पर अधिकारी, कर्मचारियों की नजर है।
वन कर्मी कर रहे जल स्त्रोंतो की सफाई
कान्हा नेशनल पार्क के वनक्षेत्र में वन्यप्राणियों के लिए सैकड़ों कृत्रिम ओर प्राकृतिक जल स्त्रोंत है। वन परिक्षेत्र के जंगल में स्थित जल स्त्रोंतो पर वन अमले द्वारा नजर रखी जा रही है। गर्मी के सीजन में वृक्षों के पत्तें झड़ते है, जो जल स्त्रोंतो में गिर जाते है। प्रतिदिन जंगल के जल स्त्रोंंतो की सफाई तैनात दल द्वारा की जा रही है। जल स्त्रोंतों को बारीकी से भी देखा जाता है। जिससे कहीं शिकारियों ने जल स्त्रोंतो में वन्य प्राणियों के शिकार के लिए कोई जहरील चीज ना मिलाई हो। इसके साथ ही जिन जल स्त्रोंतों में पानी कम है, उन जल स्त्रोंतों में पानी का भराव भी कराया जा रहा है। जिससे वन्य प्राणियों को इस भीषण गर्मी में पेयजल के लिए जंगल से बाहर ना जाना पड़े। कान्हा पार्क में तैनात वन अमला सभी दृष्टिकोण से चौकन्ने है, जिससे कान्हा के वन्य प्राणी इस गर्मी के सीजन में सुरक्षित रह सके।
पानी की तलाश में वन्य प्राणी पहुंच जाते हैं रहवासी क्षेत्र
बताया गया कि गर्मी के सीजन में कई बार वन्य प्राणी पानी की तालाश में भटकते हुए जंगल से बाहर निकल कर रहवासी क्षेत्र में पहुंचते है, जो वन्य प्राणी रहवासी क्षेत्र में पहुंचते है, उनको वन क्षेत्र में पानी आसानी से नहीं मिल पाता है। इन वन्य प्राणियों के जंगल से बाहर आने पर इनके शिकार की संभावना भी बढ़ जाती है। अधिकत्तर चीतल, हिरण आवारा श्वानों का शिकार भी हो जाते है। इन्हीं सब बातों का ध्यान रखते हुए कान्हा पार्क प्रबंधन का प्रयास रहता है कि पार्क के अंदर जहां प्राकृतिक जल स्रोतों की कमी है, वहां कृत्रिम रूप से जल स्रोतों के निर्माण कराकर वन्य जीवों को पानी उपलब्ध कराया जाए।
वन्य प्राणियों के लिए कृत्रिम और प्राकृतिक जल स्त्रोत
बताया गया कि भीषण गर्मी को देखते हुए कान्हा पार्क प्रबंधन ने वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की उपलब्धता आसानी हो इसके लिए कान्हा के वन परिक्षेत्र में जल स्त्रोंतों के पुख्ता इंतजाम कर रखे है। कान्हा पार्क क्षेत्रांतर्गत बड़ी संख्या में प्राकृतिक जल स्रोत हैं लेकिन सभी वन्य जीवों को आसानी से पानी उपलब्ध हो जाए, इसके लिए बड़ी संख्या में कृत्रिम जल स्रोतों का निर्माण भी कराया गया है। प्रबंधन द्वारा इन जल स्रोतों की साफ-सफाई समय समय पर कराई जाती है। कान्हा नेशनल पार्क के अंदर बड़ी संख्या में प्राकृतिक जल स्रोत हैं जिनमें नदी, नाले, छोटी नदियां, झिरिया शामिल हैं लेकिन पार्क का विशाल क्षेत्र और यहां पाए जाने वाले हजारों प्रजातियों के वन्य जीवों को आसानी से पेयजल मिल सके इसके लिए पार्क प्रबंधन द्वारा कृत्रिम रूप सैकड़ों जल स्त्रोंतों की व्यवस्था की है। जिसकी मॉनीटरिंग भी समय समय पर की जा रही है।
अंडर 20 डीएफए फुटबॉल टीम बालाघाट के लिए रवाना
मंडला महावीर न्यूज 29. मप्र फुटबॉल संघ द्वारा स्वामी विवेकनंद लीग अंडर-20 बालक राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगता आज 24 मार्च से शुरू होने वाली है। राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 31 मार्च तक बालाघाट जिले में आयोजित की जाएगी।
फुटबॉल कोच पंकज उसराठे ने बताया कि इस प्रतियोगता में मध्यप्रदेश के मंडला, बालाघाट, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रायसेन, नीमच जिले की टीमे भाग ले रही है। डीएफए मंडला टीम का पहला मैच डीएफए ग्वालियर के बीच आज 24 मार्च को बालाघाट के मोलना स्टेडियम में खेला जायेगा। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए जिले के खेल प्रेमियों ने सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी है।
बिजली खंभे से टकराई यात्री बस
- घुघरी मुख्यालय में बड़ा हादसा टला, बाल-बाल बचे यात्री
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड घुघरी मुख्यालय में रविवार सुबह एक बड़ी घटना टल गई। घटना एक यात्री बस विद्युत के खंभे से टकरा गई। हादसे के समय बस में यात्री भी सवार थे, गनीमत रही कि बिजली के खंभे में टकराने के बाद बस में सवार किसी भी यात्री को हानि नहीं पहुंची। सभी यात्री इस हादसे में सुरक्षित है।
जानकारी अनुसार तहसील मुख्यालय घुघरी में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। हादसा तब हुआ जब यात्रियों से खचाखच भरी ठाकुर ट्रेवल्स की एक बस धूमकेती कॉम्प्लेक्स तहसील चौराहा घुघरी के सामने लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। यह बस चाबी से बिछिया की ओर जा रही थी। इसी दौरान बिजली के खंभे से टकरा गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, वरना वर्षो पुराने करंट से मौत का नजारा फिर याद आ जाता।
बताया गया कि चाबी से बिछिया जा रही यात्री बस में अधिक भीड़ थी। बस में यात्रियों की संख्या क्षमता से अधिक थी, जिससे दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई थी। यात्री बस बिजली के खंभे से इनती जोरदार भिंडत हुई कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर के बाद बस में चिंगारियाँ भी उठीं, जिससे बस में बैठे यात्री डरते हुए सहम गए। हादसा होते ही तत्काल स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों की तत्परता से आज घुघरी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
बताया गया कि रविवार को हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। विद्युत विभाग घुघरी की लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों ने विद्युत मंडल की लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीयजनों का कहना है कि जब से घुघरी क्षेत्र में मार्ग निर्माण हुआ है, उसके बाद मार्ग में लगे बिजली के खंभे को हटाने की मांग की जा रही थी, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा था। आज हुए हादसे में बड़ी घटना टल गई है, नहीं तो एक बड़ा हादसा हो जाता। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि इस खंभे को जल्द ही नहीं हटाया गया,तो भविष्य में और भी गंभीर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं। रविवार को हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️
दुलर्भ पीले पलाश के फूल का आध्यत्मिक महत्व
- पेड़ की सुरक्षा के लिए चारो तरफ कर दी फैसिंग
- दुर्लभ पीला पलाश कई बीमारियों को ठीक करने में है कारगर
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में अनेक प्रकार के पेड़, पौधों की दुर्लभ प्रजातियां हैं। इनके संरक्षण को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से ये प्राय: विलुप्त होने की कगार पर पहुंचते जा रहे है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि फाल्गुन और चैत्र माह में पलाश के रंग में पूरा जिला रंगीन हो जाता है। चारो तरफ केसरिया लाल पलाश अपनी छटा से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते है। वही जिले में दुलर्भ पीले और सफेद पलाश भी लोगों को अपनी ओर खींचते है। जिले में दुर्लभ और विलुप्त होते पीले और सफेद पलाश का अस्तित्व अभी बरकरार है।
बता दे कि केसरिया रंग का पलाश पूरे भारत में पाया जाता है, लेकिन पीला और सफेद पलाश दुर्लभ हो गया है। फिलहाल पीला पलाश मंडला, छिंदवाड़ा और बालाघाट के घने जंगलों में बमुश्किल पाया जाता है। येे पीले और सफेद पलाश लुप्त होने की कगार पर है। इन्हें संरक्षित कर विलुप्त होने से बचाने के प्रयास बेहद जरूरी है। बताया गया कि पीले रंग में भी दो-तीन तरह के प्रजातियां हुआ करती थी। हल्का पीला, गहरा पीला। पलाश के फूलों से घरों में मांगलिक कार्यों के लिए रंग बनाने में प्रयुक्त किया जाता था। फूलों का अर्क खुशबू भी देता है।
जानकारी अनुसार फाल्गुन व चैत्र मास में पलास के पेड़ों में खिलने वाले फूलों का बड़ा महत्व है। पलास के पेड़ों में लगने वाले फूल के मुख्यत: तीन रंग होते है, जिसमें लाल, सफेद और पीले रंग के पलाश प्राय: मिलते है। जिसमें लाल रंग के पलाश को अधिकत्तर क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देखा जा सकता है। लाल रंग का पलाश अपनी लालीमा से पूरे क्षेत्र को मनमोहक बना देता है। वहीं सफेद और पीले रंग वाले पलाश मुख्यता दुलर्भ होते है, जो विरले होते है। बता दे कि लाल रंग के पलाश की जिले में भरमार है। वहीं पीले और सफेद रंग वाले दुलर्भ पलाश भी जिले के दो क्षेत्रों में है। सफेद और पीले रंग वाले पाले दुलर्भ प्रजाति के है। ये सभी क्षेत्रों में नहीं मिलते है।
मंडला जिले में लाल रंग के पलाश बहुतायत में हैं लेकिन सफेद एवं पीले रंगों के पुष्प वाले पेड़ बहुत ही कम संख्या में हैं। संरक्षण के अभाव में सफेद व पीला पलाश विलुप्त श्रेणी में आ चुका है। वनपरिक्षेत्र जगमंडल अंजनियां के कक्ष क्रमांक 739 में स्थित दुर्लभ पीला पलाश कई बीमारियों को ठीक करने में कारगर है। औषधीय गुणों को लिये हुए यह दुर्लभ प्रजाति में शामिल है। इसका विकास धीमा होता है। यह पेड़ साल में एक फीट तक ही बढ़ता है। इस पेड़ का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्परमा (वर-ल्युटिया) है। इससे जुड़ी किवदंतियां भी प्रचलित हैं।
पेड़ की सुरक्षा के लिए की फैंसिग
वनपरिक्षेत्र जगमंडल अंजनियां द्वारा दुर्लभ श्रेणी के इस वृक्ष की सुरक्षा की जा रही है लेकिन कुछ लोग इस दुलर्भ पीले पलाश के पेड़ को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आते हैं। वनरक्षक बाल सिंह ठाकुर ने बताया कि वे नियमित गश्त के दौरान पेड़ की देख रेख करते हैं। वहीं विगत वर्ष एक चौकीदार भी पेड़ की सुरक्षा के लिए पाली पाली से नियुक्त किया गया था। अब इस वर्ष वृक्ष की सुरक्षा के लिए दुलर्भ पीले पलाश के चारो तरफ फैसिंग कर दी गई है। जिससे पलाश का पेड़ सुरक्षित रहे। यह दुर्लभ पलाश बसंत में खिलना शुरू करता है और चैत्र मास में पूरे शबाब में होता है। वनरक्षक श्री ठाकुर का कहना है कि पीले व सफेद पलाश को संरक्षित करने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है क्योकि इसके बीजों में अंकुरण बहुत कम होता है। इसे वर्धी प्रसारण या टिशू कल्चर तकनीक से नए पौधे बनाकर बचाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने की संरक्षण की मांग
पीले पलाश के फूल का आध्यत्मिक महत्व है। वहीं इससे जुड़ी किवदंतियों के कारण कुछ लोग तंत्र क्रियाओं में भी इसे उपयोगी मानते हैं। वहीं ग्रामीण अपने पूर्वजों की मान्यता के अनुसार इसके फूल नहीं तोड़ते हैं। पेड़ से नीचे गिरे हुए फूलों को चुनते हैं और घर ले जाकर पूजा पाठ में उपयोग करते हैं। ग्रामीणों की इस दुर्लभ वृक्ष पर काफी आस्था है। ग्रामीणों द्वारा भी इसके संरक्षण की मांग की गई है।
लक्ष्मी का प्रतीक है पीला पलाश
ग्रामीणों ने बताया कि आदि शक्ति मां पीतांबरा के प्रिय पुष्प पीले पलाश का वृक्ष दुर्लभ प्रजाति का है। औषधि सहित पीला पलाश का आध्यत्मिक महत्व भी है। यह वृक्ष वनपरिक्षेत्र जगमंडल अंजनियां में स्थित है। पीले पलाश को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसका तंत्र शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान है। पीले पलाश के फूल वाले वृक्ष के संबंध में प्राचीन मान्यता है कि वे वृक्ष में लगे फूलों को तोड़ते नहीं हैं बल्कि वृक्ष के नीचे गिरे फूलों को चुनकर घर ले जाते हैं और पूजा पाठ में उपयोग करते हैं।
आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान
बताया गया कि पलास के पत्ते, डंठल, छाल, फली, फूल और जड़ों को भी आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। पहले होली के समय पलाश के फूलों से रंग बनाया जाता था, लेकिन आज केमिकल रंग आ जाने से इस फूल के रंग का उपयोग सीमित मात्रा में किया जाता है। जिले के कुछ आदिवासी क्षेत्रों में ही पलाश के फूलों से रंग बनाकर होली खेली जाती है। वहीं पलाश का तना, जड़, फल, फूल और बीज से कई तरह की दवाइयां बनाई जाती हैं। इसके पेड़ से निकलने वाले गोंद को कमरकस भी कहा जाता है।
22 मार्च-विश्व जल दिवस पर विशेष
जल संरक्षण से कल होगा सुरक्षित
गर्मी की आहट शुरू होते ही पीने के पानी का संकट शुरू हो जाता है। प्रशासनिक अमला भी लोगों को पानी की दिक्कत न हो इसके लिए प्रयास करना शुरू कर देता है। परन्तु पानी बचाने से लेकर उसके संरक्षण की बात अक्सर सरकार और समाज के बीच से गायब ही रहता है।पृथ्वी पर 97 प्रतिशत भाग पानी है जिसमें से केवल 2.5 प्रतिशत से लेकर 2.75 प्रतिशत पानी पीने योग्य है। भारत पहली बार 2011 में पानी की कमी वाले देशों की सूची में शामिल हुआ था। यूनिसेफ द्वारा 18 मार्च 2021 की जारी रपट के अनुसार भारत में 9.14 बच्चे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। अनुमान है कि 2030 तक देश की लगभग 40 फीसदी आबादी के सामने पानी का संकट होगा। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (डबल्यू आर आई) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार यदि जल प्रबंधन से जुड़ी नितियों में सुधार नहीं किया गया तो इसके चलते आने वाले 27 वर्षों में भारत, चीन और मध्य एशिया को उसके जीडीपी के 7 से 12 प्रतिशत के बराबर का नुकसान हो सकता है।देश का 70 फिसदी भूजल स्रोत सुख चुके हैं और पुनर्भरण की दर 10 फिसदी से भी कम रह गई है। चेन्नई, बेंगलुरु जैसे शहर पानी की कमी को लेकर खबरों की सुर्खियों में है।इसलिए पीने योग्य पानी सभी को उपलब्ध करवाने और इसे संरक्षित करने कानून बनाया गया।संविधान के भाग (9) में तीहतरवें संशोधन के अनुच्छेद 243(छ) में आर्थिक विकास एवं समाजिक न्याय के लिए योजना बनाने की शक्ति पंचायत को दिया गया है।जो ग्यारहवीं अनुसूची में लिस्टेड है।
11 नबंर पर पेयजल व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव उन्मूलन अधिनियम 1979 के अनुच्छेद 14(2)(एच) में महिलाओं के लिए पानी प्रावधानों का उल्लेख करता है।बाल अधिकार अधिनियम 1989 के अनुच्छेद 24(2)(सी) में स्वच्छ स्रोत से सुरक्षित पेयजल प्राप्त करना बच्चों का अधिकार है।जल(प्रदूषण, नियंत्रण एवं रोकथाम) अधिनियम 1974 भारत में जल प्रदूषण रोकने हेतु महत्वपूर्ण कानून है।नदियों और धाराओं में अपशिष्टों के विसर्जन को रोकने हेतु दो प्रकार की नियामक विधियों की वयवस्था करता है।(1) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (2)राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड। 2024 में इस कानून में संशोधन किया गया है। मूल अधिनियम में जल प्रदुषण के उल्लंघनों के लिए जुर्माने के साथ- साथ डेढ साल से 6 साल तक की जेल की सजा का भी प्रावधान था। जबकि नए विधेयक में अधिकांश उल्लंघनों के लिए कारावास के प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव है और इसकी जगह 10,000 रुपये से 15 लाख तक जुर्माना लगाया गया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 में भी जल गुणवत्ता सबंधि नियम शामिल है। मध्यप्रदेश पेयजल परिक्षण अधिनियम 1986 भी काफी महत्वपूर्ण है। ग्राम स्तर की जैव विविधता समिति को केन्द्रीय जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा(41) और मध्यप्रदेश जैव विविधता नियम 2004 के नियम (23) अनुसार अपने अधिकारिता क्षेत्र में पारिस्थितिकीय तंत्र को बनाये रखना है,जिसमें नदी संरक्षण सम्मलित है। वन अधिकार कानून 2006 की धारा (5)(ख)कहता है कि ” यह सुनिश्चित करना कि लगा हुआ जलागम क्षेत्र,जल स्रोत और अन्य पारिस्थितिकीय संवदेनशील क्षेत्र पर्याप्त रूप से संरक्षित हैं।
मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) पेसा नियम -2022 की कंडिका 12(1)(ख) में भी उल्लेख किया गया है कि “ग्राम के क्षेत्र के भीतर स्थित प्राकृतिक संसाधनों को, जिसके अंतर्गत भूमि, जल तथा वन सम्मिलित हैं, उसकी परम्परा के अनुसार और संविधान के उपबंधों के अनुरूप और तत्समय प्रवृत अन्य सुसंगत विधियों का सम्यक् ध्यान रखते हुए, प्रबंधित करना” जैसे मजबूत प्रावधान भी हैं। परन्तु सभी कानूनी प्रावधानों के बाबजूद जल स्रोत की दशा इस रिपोर्ट से उजागर हो जाता है।पर्यावरण दिवस के मौके पर जारी स्टेट ऑफ एनवायरमेंट (एसओई) रिपोर्ट 2023 के मुताबिक, देश की कुल 603 नदियों में से 279 यानी 46 फीसद नदियाँ प्रदूषित हैं। राज्यों में महाराष्ट्र में सर्वाधिक 55 नदियाँ तथा मध्यप्रदेश में 19 नदियाँ प्रदूषित हैं। इसलिए नदियों का प्रशासकीय प्रबंधन की जगह पर्यावरणीय प्रबंधन की दृष्टी से निगरानी तंत्र विकसित करना चाहिए। जिसमें पारिस्थितिकीय तंत्र, जलवायू परिवर्तन और जैव विविधता की समझ रखने वाले विशेषज्ञ को शामिल किया जाना आवश्यक है।मंडला की आदिवासी गोंड रानी दुर्गावती ने जबलपुर शहर में 52 तालाबों का निर्माण कराया गया था, परन्तु अवैध निर्माण और शहरीकरण के कारण अब गिनती के ही, आधे-अधूरे तालाब बचे हैं।
मध्यप्रदेश की ग्रामीण अबादी हैंडपंप पर निर्भर है।अप्रेल 2023 के आंकड़े अनुसार प्रदेश में पांच लाख 64 हजार 290 हैंडपंप थे। जिसमें में से 14 हजार 191 हैंडपंप पानी नहीं दे रहा था। पेयजल के स्रोतों में कमी के निम्न कारण है जैसे प्रति व्यक्ति पानी की खपत में बढोत्तरी,भूजल में गिरावट, प्राकृतिक स्रोतों का जल प्रदुषित होना, परम्परागत जल स्रोतों में कमी आना अंधाधुंध पेङो की कटाई, मृदा अपरदन आदि प्रमुख है।
ऐसे में सरकार और समाज को मिलकर जमीनी स्तर पर ठोस प्रयास करने होंगे। जैसे जल स्रोतों को चिन्हित करना और उसके संरक्षण, प्रबंधन के लिये ग्राम सभा में चर्चा कर इसकी जिम्मेदारी गांव समिति को देना।गांव की नदी, नाले के पास शौच रोकने तथा उसके दुष्परिणाम पर ग्राम सभा में चर्चा और गांव स्तर की निगरानी समिति का गठन करना।गांव समुदाय के पारम्परिक जल संरक्षण, प्रबंधन और नियंत्रण के तरीके के लिए गांव स्तर की अध्ययन दल का गठन करना।पास के नदी नाले के पानी को बरसात बाद रोकने हेतु बोरी बंधान या अन्य उपाय करना।बर्षा जल को रोकने वाला गांव के आसपास जल संचय वयवस्था कायम करना।सूख चुकी सभी नदियों, जोहङो, झील, तलाबों और अन्य जल निकाय को पुनर्जीवित करना जल संकट का स्थाई निवारण हो सकता है।
राज कुमार सिन्हा
बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ
अधिक से अधिक लोगों की करें एचआईवी स्क्रीनिंग
- गंभीर मरीजों को परामर्श और उपचार के लिए जिला अस्पताल करें रैफर
- एचआईवी रोग से संबंधित एडवोकेसी बैठक आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एचआईवी रोग से संबंधित एडवोकेसी बैठक संस्था जागृति युवा मंच समिति लिंक वर्कर स्कीम मंडला द्वारा आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी जांच, क्लिनिक के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि नारायणगंज ब्लॉक के सभी ग्रामों में नियमित रूप से एचआईवी जांच एवं क्लिनिक के लिए सीएससी एवं पीएसी लेवल पर पदस्थ एएनएम के सहयोग से लक्षित समूह को सुविधा प्रदान करने एवं कार्यक्रम में सहयोग दिया जाएगा। जिससे शासन की योजना का क्रियान्वयन बेहतर हो सके।
बैठक में बताया गया कि ब्लाक नारायणगंज के अंतर्गत आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में एचआईवी जांच के लिए किट एवं आईईसी मटेरियल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लिंक वर्करों को निर्देश दिए कि सभी लक्षित ग्रामों के लक्षित समूह की ज्यादा से ज्यादा एचआईवी जांच, टीबी स्क्रीनिंग की जाए। इसके साथ ही लिंक वर्कर स्कीम परियोजना संबंधित कोई भी समस्या आने पर तत्काल अपने वरिष्ठों से संपर्क कर इसका समाधान कराए। जिससे स्वास्थ्य कार्यक्रम में रूकावट ना आए। इसके साथ ही हर ग्रामों में अधिक से अधिक लोगों की एचआईवी स्क्रीनिंग की जाए। इसके साथ ही महिलाओं की 100 प्रतिशत एचआईवी टेस्टिंग कराई जाए।
जोनल सुपरवाईजर ज्ञान लता परिहार ने बताया कि अधिकतर महिलाओं को स्त्री रोग संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें स्त्री रोग संबंधित उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध कराए। इसके साथ ही गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल भेजकर वहां परामर्श दिलाकर इनका संपूर्ण उपचार कराए। इसके साथ ही क्षेत्र के पलयनकर्ता एवं लक्षित समूह की सीबीएसई एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जांच कराकर सभी की लाइन लिस्ट के अनुसार जांच रेफरल किया जाए और ओपीडी एवं ए-वन रजिस्टर मेंटेन किया जाए।
आयोजित बैठक में लैब टेक्नीशियन कैलाश सोनी से एचआईवी टेस्टिंग किट एवं आईईसी मटेरियल के रखरखाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सोर्स माइग्रेंट कैंप को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में सीबीएमओ अमृत लाल कोल, जागृति युवा मंच समिति से डीआरपी विकेश ठाकरे, जोनल सुपरवाईजर ज्ञानलता परिहार, सीएलडब्ल्यू राम नारायण झरिया, पूनम राय, लैब टेक्नीशियन कैलाश सोनी, एसटीएस देवेंद्र साहू उपस्थित रहे।
रंगमंच और सीसी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग
- ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों में हो रहे अतिक्रमण चिंता का विषय
मंडला महावीर न्यूज 29. सार्वजनिक उपयोग के स्थानों पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए जिले में अनेकों मामले सामने आते हैं और उनकी शिकायत भी की जाती है, लेकिन संबंधित विभाग इन पर कार्रवाई करने में असहाय नजर आता है। जानकारी अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अतिक्रमण करने वाले लोगों की कमी नहीं है। लोग शासकीय और सार्वजनिक स्थानों में अतिक्रमण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यदि ऐसी स्थिति में किसी गांव में एक ही दिन में चार पांच वैवाहिक कार्यक्रम होते हैं तो, ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही एक मामले की शिकायत ग्राम पंचायत इमलीगोहान के लोगों द्वारा की गई है, लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बताया गया कि ग्रामीणों द्वारा सार्वजनिक स्थान को अवरूद्ध करने की शिकायत लगातार की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि भटियाटोला में विधायक निधि से रंगमंच व सीसी रोड लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है, लेकिन यहां रंगमंच व सीसी रोड को बा?धित करते हुए अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो यहां बनाये गये रंगमंच का उपयोग कैसे होगा, इसका अंदाजा इन पर तस्वीर से लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त स्थल के अतिक्रमणधारी को तहसीलदार द्वारा कब्जा हटाने का आदेश पूर्व में दिया जा चुका है, लेकिन अनावेदक मानने को तैयार नहीं है। पीडि़त ग्रामीणों की मॉग है कि पुलिस बल का उपयोग कर अतिक्रमण को शीघ्र हटाया जाये।
लोहे काटने की मशीन से कलाई और ऊंगलियां हो गई थी क्षतिग्रस्त
- जिला चिकित्सालय मंडला में चिकित्सकों की टीम ने की सफल सर्जरी
- डॉ. हेमेंद्र चौहान के नेतृत्व में सफल सर्जरी, गंभीर रूप से घायल मरीज हुआ स्वस्थ
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय में अस्थि रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस सर्जरी में गंभीर रूप से घायल मरीज अब पूर्ण स्वस्थ है। बताया गया कि मलारा निवासी लक्ष्मी प्रसाद डहेरिया 32 वर्ष का हाथ लोहा काटने की मशीन से कट गया था। जिसके कारण उनकी उंगलियां एवं कलाई के टेंडन जो मांसपेशियों को जोडऩे वाली रज्जु बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय मंडला में पदस्थ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमेंद्र चौहान द्वारा तत्काल ऑपरेशन की तैयारी की गई।
बताया गया कि गंभीर घायल लक्ष्मी प्रसाद की सर्जरी के लिए सभी आवश्यक चिकित्सीय जांच की गई। जिसके बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। जहां चिकित्सकों की टीम ने सभी कटे हुए टेंडन को सफलतापूर्वक जोड़ दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और अपना हाथ सुचारू रूप से चला पा रहा है।
इस जटिल सर्जरी में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमेंद्र चौहान, डॉ. सूरज मरावी, डॉ. सोनम निश्चेतना विशेषज्ञ, डॉ. प्रवीण उइके, निश्चेतना विशेषज्ञ, श्रीकांत, ब्रिजेंद्र बैरागी, अंकिता, स्वाति, सहनाज, विनिता नर्सिंग स्टाफ एवं वार्ड बॉय अमित ने विशेष योगदान दिया। बताया गया कि मंडला जिला चिकित्सालय में जटिल सर्जरी में सफलता मिली है। अब जिला चिकित्सालय में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही है। स्थानीय लोगों को अब गंभीर सर्जरी के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ, 30 भक्त पहुंचे परिक्रमा में
- किले वार्ड स्थित व्यास नारायण मंदिर से प्रारंभ हुई दो दिवसीय परिक्रमा
मंडला महावीर न्यूज 29. विगत पांच वर्षो से आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा शुरू की गई है। यह परिक्रमा चैत्र मास में की जाती है। जिसके चलते जिले समेत अन्य जिलों, प्रदेशों से भक्त यहां माँ नर्मदा की चैत्र मास में उत्तरवाहिनी परिक्रमा करने पहुंचते है। चैत्र मास शुरू होने के बाद हजारा लोगों ने मंडला में आकर उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा शुरू कर दी है।
अभी तक सैकड़ों लोंगों ने उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा कर चुके है। ऐसा माना जाता है कि ऋषि मार्कंडेय ने सबसे पहले माँ नर्मदा की परिक्रमा की थी। स्कंद पुराण में माँ नर्मदा का वर्णन किया गया है। माना जाता है कि माँ नर्मदा की पैदल यात्रा करने पर यह परिक्रमा 3 साल 3 महीने और 13 दिन में पूरी होती है। इसके लिए कुल 2,600 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

जानकारी अनुसार चैत्र माह में उत्तर वाहिनी परिक्रमा का प्रथम चरण में बैतूल से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉक्टर हेमंत देशमुख 30 भक्तों के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए प्रस्थान किए हैं। शुक्रवार को चार बजे व्यास नारायण मंदिर में संकल्प पूजा विधि वक्त पंडित जी के द्वारा करवाई गई। बताया गया कि चैत्र माह में मां नर्मदा उत्तर वाहिनी परिक्रमा का विशेष महत्व होता है।
कोदो-कुटकी में फंगल संदूषण से उत्पन्न खाद्य सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा
- नेटवर्क फॉर कंजर्विंग सेंट्रल इंडिया का चौथा एग्रोबायोडायवर्सिटी राउंडटेबल आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा परिदृश्य में जहाँ सूखा-प्रतिरोधी छोटे बाजरे जैसे कोदो और कुटकी आज भी सामाजिक और कृषि महत्व रखते हैं, नेटवर्क फॉर कंजर्विंग सेंट्रल इंडिया ने अपना चौथा एग्रोबायोडायवर्सिटी राउंडटेबल एमपीटी जंगल रिज़ॉर्ट, सरही गेट, कान्हा टाइगर रिज़र्व में आयोजित किया। इस कार्यक्रम में नागरिक समाज संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों, स्व-सहायता समूहों, अनुसंधान संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों के विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाया गया जिससे परिदृश्य-आधारित कोदो-कुटकी लेबल विकसित करने, खाद्य सुरक्षा उपायों में सुधार और पारंपरिक ज्ञान को कोदो-कुटकी संरक्षण और खाद्य सुरक्षा विज्ञान में एकीकृत करने पर चर्चा की जा सके।
जानकारी अनुसार यह राउंडटेबल अगस्त 2023, जनवरी 2024 और अगस्त 2024 में आयोजित पिछले सत्रों से प्राप्त अंतर्दृष्टियों और कार्य योजनाओं पर आधारित था। प्रमुख विषयों में मिलेट्स के पोषण, पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा देने वाली विपणन रणनीतियाँ और कोदो-कुटकी में फंगल संदूषण से संबंधित खाद्य सुरक्षा चुनौतियाँ शामिल थीं। चर्चा में भाग लेने वाले संगठनों में कीस्टोन फाउंडेशन, एमएसएसआरएफ, पैगाम, पीआरएडीएएन, कोको राइट बेकरी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, अर्थ फोकस फाउंडेशन, रिलायंस फाउंडेशन, नर्मदा सेल्फ रिलायंट फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी, परसटोला स्व-सहायता समूह, ग्रामोदय छत्तीसगढ़, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, बालाघाट सामुदायिक विकास केंद्र और राष्ट्रीय महिला, बाल और युवा विकास संस्थान शामिल थे।
राउंडटेबल में ग्राम कोको आकर्षण का केन्द्र
मंडला जिले के बिछिया तहसील में स्थित कोको राइट बेकरी और प्रसंस्करण इकाई संचालित है, जो मिलेट आधारित मूल्यवर्धित उत्पाद कुकीज का उत्पादन करती है। जिसका संचालन एक महिला जमीला बेगम द्वारा किया जा रहा है। इस इकाई के संचालन में जमीला की चुनौतियों पर विचार विमर्श किया गया। जिसमें पारंपरिक कोदो-कुटकी को संरक्षित करते हुए स्थायी आजीविका उत्पन्न करने के प्रयास शामिल थे। इसके बाद बोडला तहसील, कबीरधाम जिले, छत्तीसगढ़ में स्थित धवाइपानी प्रसंस्करण मिल और बीज बैंक पर चर्चा की गई। जिसका संचालन ग्रामोदय छत्तीसगढ़ के निदेशक चंद्रकांत यादव द्वारा किया गया। राउंडटेबल में समुदाय संचालित मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा नेतृत्व किए गए बीज संरक्षण और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।
खाद्य सुरक्षा चुनौतियों पर की चर्चा
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शोधकर्ता डॉ. मनोज चौधरी ने कहा कि हमें कोदो-कुटकी पुनर्जीवन में महिलाओं और उनके प्रयासों को केंद्र में रखना चाहिए। डॉ. चौधरी और एमएसएसआरएफ के डॉ. जेगन शेखर ने कोदो-कुटकी में फंगल संदूषण से उत्पन्न खाद्य सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। कीस्टोन फाउंडेशन की निदेशक डॉ. अनीता वर्गीस ने नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व के भीतर लास्टफॉरेस्ट एंटरप्राइजेज और आधिमालाई ब्रांड्स की स्थापना के अनुभव से मूल्यवान सबक साझा किए। उन्होंने एक 30 वर्षीय उद्यम की कहानी साझा की जो लगभग 2 हजार किसान शेयरधारकों को विविध बाजारों से जोड़ता है और स्थानीय समुदायों में गर्व की भावना को बढ़ावा देता है।
अगला राउंडटेबल सितंबर में होगा आयोजित
चौथा एग्रोबायोडायवर्सिटी राउंडटेबल में प्रतिभागियों ने परिदृश्य लेबल के लिए अगले कदमों को भी चिह्नित किया, जिसमें क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को समझने के लिए मानचित्रण अभ्यास, सीखे गए सबक को लागू करने के लिए स्थापित उद्यमों का दौरा और विपणन मॉडलों पर गहन अनुसंधान शामिल किया गया, जो कान्हा परिदृश्य में अनुकूलित किए जा सकते हैं। अगला राउंडटेबल सितंबर 2025 में निर्धारित किया गया है, जो लेबल विकास पहलों की प्रगति का मूल्यांकन और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन में पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक प्रयासों के संश्लेषण पर केंद्रित होगा।
नहर में घुसा ट्रक, आमने-सामने टकराए ट्राला
- तीन घंटे में दो हादसे
मंडला महावीर न्यूज 29. अहमदपुर चौराहा के पास शनिवार को तीन घंटे के अंतराल में दो हादसे हुए। जिसमें एक हादसा सुबह 8 बजे के करीब हुआ जिसमें बिछिया से मंडला की ओर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर उलटी दिशा में पहुंचकर नहर में घुस गया। वहीं दूसरे हादसे में 11 बजे के आसपास दो ट्राला आमने-सामने टकरा गए। जिसका कारण ओवरटेक करना बताया जा रहा है।
बिछिया की ओर से आ रहा ट्राला दूसरे कावाहन को ओवरटेक क रहा है। इसी दौरान सामने से एक ऑटो व बाइक आ गई। जिससे बचते हुए ट्राला सामने से आ रहे दूसरे ट्राला से सीधे टकरा गया। हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं है। हादसे के बाद १० से १५ मिनट के लिए आवागमन बाधित हुआ मौके पर पहुंची पुलिस ने व्यवस्थाएं संभाली।
एनएच 30 में ट्रक और हाईवा की टक्कर
- आवागमन हुआ अवरूद्ध, घंटो मशक्कत के बाद यातायात हुआ सुचारू
मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर से मंडला मार्ग में रोजाना हादसों की खबर सामने आती है। इन हादसों का कारण बेलगाम भागते वाहन है। जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है। विगत दिवस रात्रि में एनएच 30 नारायणगंज टिकरिया मार्ग में एक ट्रक और हाईवा की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद हाइवा बीच सड़क में आड़ा हो गया और दूसरा वाहन ट्रक अनियंत्रित होकर एक घर की ओर जा घुसा। ये तो उस घर में रहने वालो की किस्मत अच्छी थी कि घर की दीवार से टकराने के पूर्व ही ट्रक रूक गया था। वरना रात के वक्त हुए इस हादसे में जनहानि भी हो सकती थी। बाल बाल घर के लोग बच गए।
बताया गया कि हादसा होते ही जोरदार आवाज सुनकर घर के लोग बाहर आए तब उन्हें हादसे का पता चला। लेकिन इस घटना में दोनों वाहन के चालकों को मामूली चोटे आई है। घटना विगत देर रात की बताई गई है। दूसरे दिन भी मार्ग अवरूद्ध रहा। बमुश्किल से वाहन निकल पा रहे थे। भारी वाहनों की कतार लग गई थी। छोटे वाहन और दोपहिया वाहन आसानी से निकल पा रहे थे। मार्ग में फंसे हाईवे को अलग करने के लिए क्रेन बुलाई गई थी, लेकिन क्रेन आने में काफी समय लग गया। जिसके कारण शुक्रवार को दोपहर तीन बजे के बाद ही जबलपुर मंडला मार्ग में आवागमन सुचारू हो सका।
बताया गया कि विगत रात्रि ट्रक क्रमांक आरजे 42 जीए 4300 जबलपुर से मंडला की ओर जा रहा था। वहीं सामने से आ रहा डंपर क्रमांक सीजी 10 डीआर 7721 मंडला में जबलपुर की ओर जा रहा था। नेशनल हाइवे 30 में टिकरिया थाने के नजदीक और कुड़ामैली के बीच दोनों वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद डंपर बीच सड़क में ही आड़ा हो गया और ट्रक सड़क से नीचे उतरते हुए एक घर की ओर जा घुसा। जोरदार आवाज के बाद घर सदस्य बाहर आए और घटना देखकर भौचक रह गए। हादसे की जानकारी तत्काल टिकरिया पुलिस को दी गई। रात्रि में ही मार्ग में फंसे हाईवे को अलग करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। जाम की स्थिति बन गई, जिसके कारण बमुश्किल से वाहनों की आवाजाही हो पा रही थी। शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद ही मार्ग से यातायात सुचारू हो सका।
स्वच्छ जल के प्रति जागरूकता बढ़ाने मनाया जाता है विश्व जल दिवस
- जल संरक्षण के लिए ली जल शपथ, लगाई जल चौपाल
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व जल दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था मझगांव के तत्वाधान में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति चिरईडोंगरी में जल संरक्षण के लिए जल शपथ, जल चौपाल, जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि रतनसिंह वरकड़े उपस्थित रहे।
आयोजित कार्यक्रम में विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण एवं बचाव के विषय में विस्तार से जानकारी दी। जिसमें जल संरक्षण करने के उपायों को बताया गया एवं जल की उपयोगिता और उसके महत्व को साझा किया। कार्यक्रम में बताया कि विश्व जल दिवस एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, जिसे सुरक्षित और स्वच्छ जल तक पहुँच की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। जनसंख्या वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के कारण जल की कमी बढऩे का अनुमान है। जिसके लिए उपस्थितजनों द्वारा जल संरक्षण के लिए नर्मदा तट पर साफ सफाई की गई। जिसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण के लिए शपथ ली।
कार्यक्रम में विकासखंड समन्वय नारायणगंज अनिल मेहरा, प्रधानाध्यापक चैन सिंह मरावी, नवांकुर संस्था अध्यक्ष इंद्रा उइके, परामर्शदाता कृष्ण कुमार झारिया, ग्राम प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष, सचिव श्रीमती पार्वती बैरागी, श्रीमती प्रेमवती तुमराची, आशा कार्यकर्ता श्रीमती यशोदा कुशराम, ग्राम प्रस्फुटन समिति के सदस्य, बीएसडब्ल्यू, एमएसडब्ल्यू के छात्र, परमू लाल पन्द्रो, भुवनेश्वरी मरावी, नंदू नरेती, गर्जन मरावी, आकाश मरावी, रोहित पनेरिया, वेदप्रकाश बैरागी मौजूद रहे।
महिष्मती घाट में आयोजित काव्यांजलि में शामिल हुए देश के ख्याति लब्ध कवि
- भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्यांजलि का आयोजन
- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर मण्डला में हुआ भव्य कवि सम्मेलन
- काव्यांजलि कार्यक्रम में जिले के 25 साहित्यकारों का किया सम्मान
मंडला महावीर न्यूज 29. माहिष्मती घाट मंडला में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर भव्य काव्यांजलि का आयोजन किया गया। जिसमें देश के जाने-माने ख्यातिलब्ध कवियों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां नर्मदा की पंच चौकी आरती के उपरांत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सीए अखिलेश जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, कवि विष्णु सक्सेना ने सरस्वती मां के तेलचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया।
इस अवसर पर जिले के साहित्यकार कवि पत्रकार, समाजसेवी, इतिहासकार एवं विभिन्न राजनैतिक दल के पदाधिकारी, स्थानीय नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी की स्मृति में आयोजित काव्य प्रस्तुतियों ने देर रात तक स्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया देश के जाने मानें कवि वरिष्ठ गीतकार विष्णु सक्सेना, हास्य व्यंग कवि सुदीप भोला, वीर रस के जाने-माने ओजस्वी कवि सुमित ओरछा, श्रंगार रस की कवित्री सुमित्रा सरल ने भारतीय राजनीति, सनातन, सांस्कृतिक परंपरा, युवाओ की प्रेरणा, देशभक्ति, सरहद पर तैनात जवानों के सम्मान सहित अनेक विषयों सहित हास्य, प्रेम, व्यंग और श्रंगार रस की ओजपूर्ण कविताओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे आयोजन में शमां बंधा रहा।

काव्यांजलि का यह आयोजन मंडला के इतिहास का यादगार पल बन गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित काव्यांजलि उनकी पुण्य स्मृति में समर्पित है। इस भव्य आयोजन में मण्डला जिले के नागरिकों ने अपनी सहभागिता देकर यादगार व भव्य बना दिया । यह कार्यक्रम जिले की साहित्य सांस्कृतिक एवं युवाओं को प्रेरित व जागृत करने का एक माध्यम बना है। काव्यांजलि कार्यक्रम में जिले के लगभग 25 साहित्यकारों को स्मृति चिन्ह प्रमाण पत्र प्रदान कर मंच से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सरदार पटेल कॉलेज के प्रचार्य श्री आशीष ज्योतिषी द्वारा किया गया।
चैत्र माह में की जाती है उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा
- दो चरण में होगी उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा
- पहला चरण 27-28 मार्च और दूसरा चरण 19-20 अप्रैल
- दो दिवसीय परिक्रमा का पहला पड़ाव होगा घाघी नर्मदा तट
- करीब 39 किमी की होगी उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा
मंडला महावीर न्यूज 29. कहा जाता है कि माँ नर्मदा नदी ही एक मात्र नदी है, जिनकी परिक्रमा की जाती है। माँ नर्मदा परिक्रमा की परंपरा कब प्रारंभ हुई यह कोई नहीं जानता, लेकिन जो भक्त परिक्रमा करता है या परिक्रमावासियों का सानिध्य पाता है उसे ही इसकी महिमा का एहसास हो पाता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाला प्रत्येक व्यक्ति यही बोलता है कि लोगों को जीवन में एक बार अवश्य नर्मदा परिक्रमा करना चाहिये। नर्मदा नगरी मंडला में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा विगत पांच वर्ष से दो चरणों में की जा रही है। चैत्र मास के बाद दूसरे चरण की परिक्रमा का आयोजन खासतौर पर महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है, क्योंकि उनकी गणना पद्धति और हमारी गणना पद्धति में 15 दिनों का अंतर होता है इसलिए चैत्र मास समाप्त होने के 15 दिनों तक यह नर्मदा परिक्रमा महाराष्ट्र के श्रृद्धालुओं के लिए आयोजित किया जाता है।
जानकारी अनुसार संसारिक बंधनों में बंधे लोग नर्मदा परिक्रमा के लिये समय निकाल पायें ऐसा हर किसी के लिये संभव नहीं हो पाता है। शायद इसी को लेकर शास्त्रों में एक प्रावधान यह भी किया गया है कि जो कोई भी माँ नर्मदा की परिक्रमा किसी कारणवश चाहते हुये भी न कर पा रहा हो तो वह व्यक्ति उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा कर इस पुण्य लाभ को प्राप्त कर सकता है। यह मंडला जिले का सौभाग्य है कि माँ नर्मदा जिले को तीन ओर से घेरते हुए मंडला से कल-कल करती आगे बढ़ रही है। इसी के साथ जिले में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा तट भी स्थित है। जिससे नर्मदा नगरी का महत्व और बढ़ जाता है।
चैत्र माह में की जाती है उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा
अमरकंटक से माँ नर्मदा का उद्गम होता है और खंबात की खाड़ी तक माँ नर्मदा प्रवाहित होती है, इस पूरे मार्ग में तीन स्थान ऐसे हैं जहां माँ रेवा उत्तर दिशा में प्रवाहित हुई हैं। जहां-जहां माँ नर्मदा उत्तर दिशा में प्रवाहित हुई उतने क्षेत्र की परिक्रमा करने का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है। बताया गया कि यह परिक्रमा वर्ष के चैत्र मास के पूरे माह में यह उत्तरवाहिनी परिक्रमा की जाती है। जिसका महत्व नर्मदा परिक्रमा के बराबर ही होता है।
तीन स्थानों में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा
नर्मदा भक्तों से सत्संग के दौरान उत्तरवाहिनी परिक्रमा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि क्यों माँ नर्मदा ने कभी उत्तर दिशा और कभी दक्षिण दिशा की ओर प्रवाह किया। इसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारणों को भी उन्होंने विस्तार से बताया। पूरे नर्मदा क्षेत्र में 03 स्थान ऐसे हैं जहां माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी हुई हैं, इनमें से एक गुजरात प्रदेश में तिलकवाड़ा, दूसरा क्षेत्र मंडला और तीसरा ओमकारेश्वर के पास का स्थान है जो कि अब बांध बन जाने से डूब क्षेत्र में आकर विलोपित हो गया है। गुजरात के तिलकवाड़ा में उत्तरवाहिनी परिक्रमा वर्षो से की जा रही है। यह आयोजन उस क्षेत्र का बहुत बड़ा आयोजन होता है। जिसके लिये शासन द्वारा बसों का प्रबंध लोगों के आने-जाने के लिये विशेष रूप से किया जाता है। पूरे परिक्रमा मार्ग पर अब बड़े-बड़े दर्शनीय मंदिरों का और आश्रमों का निर्माण हो चुका है। परिक्रमा करने वाला व्यक्ति इन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हुये परिक्रमा करता है, यह परिक्रमा पूरे चैत्र माह में जारी रहती है।
दोनो तट मेें 39 किमी की परिक्रमा
मंडला में महाराजपुर संगम से घाघा-घाघी तक लगभग 19 किमी माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी में प्रवाहित हुई हैं। इसके बाद यहां वापस लौटने में भी करीब 20 किमी की परिक्रमा करके यह 39 किमी में पूर्ण की जाती है। इस पूरे मार्ग की परिक्रमा ही उत्तरवाहिनी परिक्रमा है।
दो दिवसीय परिक्रमा का व्यास नारायण में होता है समापन
महाराजपुर संगम घाट से घाघा-घाघी घाट तक माँ नर्मदा उत्तर दिशा में प्रवाहित हुई हैं, इस पूरे क्षेत्र की नर्मदा परिक्रमा की जाएगी। इसके लिये 27 मार्च को महाराजपुर संगम से सुबह परिक्रमा प्रारंभ होगी जो शाम को घाघा-घाघी घाट पहुंचेगी। जहां रात्रि विश्राम होगा। रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन 28 मार्च को घाघी घाट से पार होकर ग्वारी तट पर परिक्रमा पहुंचेगी और वहां से फूलसागर, तिंदनी होते हुये कटरा आयेगी। इसके बाद नगर से होते हुये किले घाट स्थित व्यास नारायण मंदिर में परिक्रमा का समापन किया जाएगा।
परिक्रमा के लिए पोषाक तय, पंजीयन के लिए गूगल लिंक
महिष्मति मां नर्मदा उत्तर वाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति की विगत दिवस बैठक आयोजित की गई। जिसमें इस वर्ष 2025 दो चरणों में होने वाली उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा की रूपरेखा बनाई गई। आयोजन समिति ने बताया कि प्रथम चरण की परिक्रमा 27-28 मार्च को और द्वितीय चरण में 19-20 अप्रैल को की जाएगी। इस उत्तर वाहिनी परिक्रमा में शामिल होने भक्तों की एकता एवं भव्यता को दृष्टिगत रखते हुए आयोजन समिति द्वारा पोषाक तय किया गया है। जिसमें पुरूष वर्ग को सफेद कुर्ता धोती या कुर्ता पैजामा और मातृशक्ति के लिए केशरी (भगवा), लाल साड़ी या सलवार सूट तय किया है। इस उत्तरवाहिनी परिक्रमा में शामिल होने के लिए आयोजन समिति द्वारा ऑनलाईन पंजीयन के लिए एक गूगल लिंक भी बनाया गया है। जिसमें परिक्रमा करने वाले व्यक्ति लिंक के माध्यम से अपना फार्म भरकर इस परिक्रमा में शामिल हो सकते है। आयोजन समिति ने बताया कि यह उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा पूरी तरह से नि:शुल्क है।
पंजीयन गूगल लिंक
https://docs.google.com/forms/d/1wMmuJLCv6i81XCUwJ1B5hhxJBriXUOz_nVzRlP-RxVs/edit?usp=drivesdk
शराब बनाने और पीने पर लगेगा तीन हजार रूपए का जुर्माना
- पोषक ग्राम शोधन पिपरिया में शराब पर लगा प्रतिबंध
- गांव को नशा मुक्त बनाने एकमत हुए ग्रामीण
मंडला महावीर न्यूज 29. आज के युवा हमारे देश का भविष्य है, जो नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे है। नशे की गर्त में फंसे लोगों और युवाओं को बचाने आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकासखंड बीजाडांडी की ग्राम पंचायत धनवाही के पोषक ग्राम शोधन पिपरिया के ग्रामीणों ने एकमत होकर गांव में शराब बनाने और पीने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले लिया है। यदि इस नियम को कोई तोड़ेगा तो उस पर तीन हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। इस पहल की चहुओर प्रशंसा की जा रही है। इस पहल से युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त से बच सकेगे और अपना भविष्य संवार सकेंगे।
जानकारी अनुसार जिले में अब नशा मुक्त अभियान का असर दिखने लगा है। जिले के ऐसे कई ग्राम है, जहां शराब पर प्रतिबंध लगाकर गांव को शराब मुक्त बनाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भी पूरे जिले में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत लोगों को नशा से दूरी बनाकर अपने भविष्य को सवारने की समझाईश भी दे रहा है। जिले का पुलिस महकमा भी इस अभियान में पुरजोर कोशिश कर रहा है कि जिले से नशे का अवैध कारोबार खत्म हो सके। शराब मुक्त गांव बनाने के लिए मंडला जिले की ग्राम पंचायत धनवाही के पोषक ग्राम शोधन पिपरिया के ग्रामीणों ने खुद ही नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ते हुए एक विशेष ग्राम सभा आयोजित कर गांव को शराब मुक्त बनाने का संकल्प ले लिया है।
बताया गया कि 578 की जनसंख्या वाले पोषक ग्राम शोधन पिपरिया के ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त करने का निर्णय ले चुके है। इसके लिए गुरूवार को एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। जिसमें ग्राम के सभी ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए गांव में नियम बनाए है। ग्रामीणों का कहना है कि हम आदिवासी बाहुल्य जिले के आदिवासी क्षेत्र के है, हमारा क्षेत्र भी पिछड़ा हुआ है, इसका कारण नशे का चलन है। नए युवा इसके शिकार हो रहे हैं। इनके भविष्य को देखते हुए पूरा गांव एकमत होकर गांव में शराब पर प्रतिबंध लगाया है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है, जिसका सभी समर्थन भी किया है।
एक साल से चला रहे थे अभियान
ग्राम पंचायत धनवाही सरपंच श्रीमति चित्रलेखा विगत एक वर्ष से ग्राम को नशा मुक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। जिसमें ग्राम के लोगों ने पूर्ण सहमति भी दी। विगत एक वर्ष से लोगो को नशे से दूरी बनाने जागरूक किया जा रहा था। नशे के दुष्प्रभावों को लोगों बताया जा रहा था कि नशे से किसी का भविष्य उज्जवल नहीं बन सकता है। नशा से दूरी बनाने के बाद ही हमारा भविष्य संवर सकता है। ग्राम सरपंच की इस पहल पर सभी ने एकमत होकर गांव पर शराब बनाने और पीने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
तीन हजार रूपए का लगेगा जुर्माना
जनपद पंचायत बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम पंचायत धनवाही के पोषक गांव शोधन पिपरिया में शराब में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरपंच श्रीमति चित्रलेखा नरेश मरावी ने बताया कि शोधन पिपरिया गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि अब गांव के किसी भी घर में शराब नही बनाई जाएगी और ना ही गांव में कोई शराब पीयेगा, इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही यदि कोई परिवार शराब बनाता है या पीता है उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही का पंचनामा बनाया जाएगा। भूतपूर्व सैनिक नरेश मरावी ने कहा कि शराब हमारी पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। हम सभी ने ग्राम में शराब पर प्रतिबंध लगाकर गांव और लोगों के विकास की राह को चुने है। गांव में अब शराब बंद है और यदि कोई शराब बनाता या पीता है तो 3 हजार रूपए का जुर्माने के साथ उस पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी उसी परिवार की होगी। शराब बंदी का प्रस्ताव ग्राम में आयोजित विशेष ग्राम सभा आयोजित कर पारित किया गया है। इसकी सूचना पुलिस थाना बीजाडांडी, आबकारी विभाग, जनपद पंचायत और पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंडला को दे दी गई है।
शराब प्रतिबंध का सभी ने किया स्वागत
नई पीढ़ी के भविष्य को देखते हुए ग्राम के जागरूक लोगों और ग्राम पंचायत धनवाही सरपंच श्रीमति चित्रलेखा की पहल से सभी ग्रामीण एकमतेन होकर गांव को शराब मुक्त बनाने की पहल की है। इस पहल का सभी ने स्वागत किया है। शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किया गया। जिस पर सभी की सहमति थी। इस दौरान गांव की माता, बहन, युवा, बुजुर्ग सभी ने शराब प्रतिबंध का पंचनामा आर्मी वेटरन नरेश कुमार मरावी को सौंपा। इस दौरान फूल सिंह मरावी पटेल, राखन मरावी, छतर मरावी, शिव मरावी, जगत सिंह परते, पूरन सिंह पूसाम, कोटवार भगवान दास बैरागी, आरती बैरागी, द्रौपदी पड़वार, हिरोड़ा मरावी, श्यामा मसराम, रामवती परते सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।
प्रदेश भर के पहलवान दिखाएंगे अपनी कुश्ती का हुनर
- मध्यप्रदेश केसरी कुश्ती स्पर्धा का उद्घाटन आज
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के नजदीक सूरजकुंड धाम मंडला में मध्यप्रदेश केसरी कुश्ती स्पर्धा का उद्घाटन आज 21 मार्च शाम 4 बजे इंडियन स्टाइल कुश्ती संघ मध्यप्रदेश द्वारा किया जाएगा। कुश्ती 21 से 23 मार्च तक आयोजित की जाएगी। बताया गया कि राज्य स्तरीय मीनी, जूनियर, सीनियर, पुरुष,महिला एवं मध्य प्रदेश केसरी किताब स्पर्धा होगी, जिसका उद्घाटन आज शाम 4 बजे जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय शैली कुश्ती संघ मध्यप्रदेश कपिल मालैया एवं अर्जुन यादव प्रदेश महासचिव भारतीय शैली कुश्ती संघ, अध्यक्षता नपा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष भारतीय शैली कुश्ती संघ मप्र विनोद कछवाहा द्वारा शुभारंभ किया जाएगा।
भारतीय शैली कुश्ती संघ मंडला अध्यक्ष गुलाब मर्दारिया ने बताया कि आज 21 मार्च सुबह 12 से प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हुए पहलवानों का वजन सूर्यकुंड धाम में लिया जाऐगा एवं शाम 4 बजे से कुश्ती का रंगारंग शुभारंभ होगा। मप्र कुश्ती संघ सदस्य संतोष कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पहलवान अपनी कुश्ती प्रदर्शन करेंगे। संरक्षक सुमंत उपाध्यक्ष, शिवराज कछवाहा, राजुल ज्योतिषी, संतोष सोनू भलावी जनपद अध्यक्ष मंडला, अखिलेश कछवाहा उपाध्यक्ष नपा मंडला, चंद्रशेखर सिंधिया, जीएल नीखर, नरेश सिंधिया पार्षद, संदीप कछवाहा समेत अन्य सदस्यों ने कुश्ती प्रेमियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लुप्त होती पारंपरिक भारतीय कुश्ती को प्रोत्साहित करने की अपील की है।
बेटियों को न्याय दिलाने एक हुए ग्रामीण
- ग्रामीणों ने बुलाई पंचायत
- न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. विगत दिवस जिले के बीजाडांडी विकासखंड क्षेत्र के ग्राम कालपी में एक शर्मशार घटना सामने आई। जहां बाप बेटे ने दो नाबालिग लड़कियों को सरे राह पीटा। जिसकी शिकायत बीजाडांडी पुलिस में दोनों सगी बहनों ने की। शिकायत के लिए भी इन नाबालिगो को जद्दोजहद करनी पड़ी, तब कहीं जाकर उनकी शिकायत थाने में लिखी गई। इस घटना को तीन दिन हो चुके है, लेकिन आज दिनांक तक संबंधित बाप बेटे के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर ग्राम के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने गांव की बेटियों को न्याय दिलाने गांव में पंचायत बैठा ली। जहां ग्राम के लोग मौजूद रहे।
बताया गया कि ग्राम कालपी निवासी दो सगी बहनों के साथ हुए छेडख़ानी और मारपीट के मामले में बीजाडांडी पुलिस ने अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की है। यहां तक कि नाबालिगो की शिकायत के बाद बेटे की ही एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि उसके पिता पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जिसकी जानकारी लगते ही ग्राम के लोगों में आक्रोश है। ग्राम की बेटियों को न्याय दिलाने ग्राम के लोगों ने पंचायत बुलाई और एकमत होकर दोनों बेटियों को न्याय दिलाने एक जुट हुए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों बेटियों को जल्द न्याय नहीं मिला तो ग्रामीण सड़कों पर उतर आएंगे और आंदोलन करने विवश होगे।
जांच के दिए निर्देश
बताया गया कि इस मामले की जानकारी मंडला पुलिस अधीक्षक को लगी। जिसके बाद निवास एसडीओपी को इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए है। इस पूरे मामले में प्रथम दृष्टया जो बात सामने आई है, उसमें नाबालिगो द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके बाद संबंधित पर अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पूर्व में मारपीट की बात कहीं है, इसके बाद छेडख़ानी की बात सामने आई है। सभी बिन्दुओं को संज्ञान में लेने के बाद विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा। इस मामले की जानकारी वीडियो के माध्यम से लगी है, जिसकी लिखित शिकायत हमारे पास नहीं आई है। मौखिक बात और वीडियों के आधार पर ही निवास एसडीओपी को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में सभी बिन्दुओं की जांच की जाए। इस मामले के सभी बिन्दुओं और सीसीटीव्ही के आधार पर जांच करें कि शिकायत करने परिजन और नाबालिग कब पहुंचे थे और किन परिस्थितियों में शिकायत लेट दर्ज की गई है। इस मामले में कौन जिम्मेदार है, इसका निर्धारण कर उस पर कार्रवाई की बात कहीं है।
इनका कहना है
बीजाडांडी थाने में नाबलिगो ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। जिस पर अपराध दर्ज हुआ है। इसके बाद छेड़छाड़ की बात भी सामने आई है। सभी बिन्दुओ को संज्ञान में लेने के बाद विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा।
रजत सकलेचा, पुलिस अधीक्षक, मंडला
मौसम ने बदला मिजाज मनेरी में ओलावृष्टि, निवास में हुई बारिश
- खेतों में लगी दलहन, गेंहू की फसलें हुई प्रभावित
मंडला महावीर न्यूज 29. विगत दो दिनों से जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। जिसके कारण किसानों के माथे में चिंता की लकीर स्पष्ट नजर आ रही है। गुरूवार को सुबह से ही आसमान में बादलों का ढेरा रहा, जो अचानक बारिश और ओलावृष्टि में बरस पड़ा। बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र मनेरी में गुरुवार को हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। अचानक ओलावृष्टि से राहगीर होटलों मकानों का सहारा लेते नजर आए।
जानकारी अनुसार गुरुवार दोपहर को मनेरी सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुई है। खेतों में लगी मटर, चना, मसूर आदि दलहन एवं गेंहू की फसलों को नुकसान होने की संभावना है। बताया गया कि विगत दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला है बादल छाने के साथ हल्की बारिश हुई है। वहीं गुरूवार की शाम लगभग 5 बजे निवास नगर सहित भीखमपुर, बिझौली, मानिकपुर, बिसौरा, अमगांव, पिपरिया, मेहरासिवनी सहित दर्जनों ग्रामों में बारिश हुई है। जिससे खेतों में लगी फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हुआ एनक्यूएएस सर्वेलेंस असेसमेंट
गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बरकरार रखने दिए निर्देश
09 विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं और सुविधाओं का किया बारीकी से निरीक्षण
अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा
सीएचसी को पहले भी मिल चुका यह सर्टिफिकेट
मरीजों को गुणवत्तायुक्त सुविधाएं व चिकित्सीय सेवा प्रदान करने पर दिया जाता है एनक्यूएएस

मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों को गुणवत्तायुक्त सुविधाएं व चिकित्सीय सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र दिया जाता है। इन्हीं सुविधाओं और दी जा रही सेवाओं का निरीक्षण करने नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंर्ड्स (एनक्यूएएस) की दो सदस्यीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज का निरीक्षण किया। सीएचसी नारायणगंज के एनक्यूएएस सर्वेलेंस असेसमेंट के लिए दो सदस्यीय टीम में डॉ. धीरज यादव और डॉ. रिचा मिश्रा शामिल रहे। सीएचसी नारायणगंज के 09 विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं और सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण करते हुए दोनों असेसर ने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही गुणवत्तायुक्त सेवा और सुविधाओं की तारीफ की। टीम द्वारा अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी, ओपीडी, लैब, लेबर रूम समेत अन्य चीजों की बरीकी से जांच की।

जानकारी अनुसार विकासखंड नारायणगंज में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज को विगत वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण पत्र मिल चुका है। अस्पताल में मरीजों को दी जा रही गुणवत्तायुक्त सेवाएं और सुविधाओं की जांच के लिए इस वर्ष एनक्यूएएस सर्वेलेंस असेसमेंट किया गया। जिसके लिए दो सदस्यीय टीम ने दो दिवसीय अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। दो दिनों तक भारत सरकार के एनक्यूएएस टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज का मूल्यांकन किया। टीम ने सभी पैरामीटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को परखा और यहां की चिकित्सीय व्यवस्था से संतुष्ट भी हुए।
अस्पताल की गुणवत्ता को सराहा
एनक्यूएएस टीम के डॉ. धीरज यादव ने कहां कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पूरा अस्पताल स्टाफ का सराहनीय कार्य है। विगत वर्ष इस स्वास्थ्य केन्द्र को राष्ट्रीय स्तर पर क्वालिटी सॢटफाइड हो चुका है। जिसके अंतर्गत अस्पताल का पूरा स्टाफ इसे बेल मेंटेन करके रखें है। जिसके लिए इनकी सराहना की। यहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज के प्रभारी सीबीएमओं डॉ. एएल कोल एवं सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम द्वारा बहुत अच्छी सेवाएं प्रदान की जा रही है। एनक्यूएएस टीम के डॉ. रिचा मिश्रा ने हर्ष व्यक्त करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज की टीम को बधाई देते हुए कहां कि अपने अस्पताल से ऐसे ही गुणवत्तायुक्त सेवाएं और सुविधाएं मरीजों को दे। उन्होंने आगामी समय में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बरकरार रखने के लिए निर्देशित किया। जिससे क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य लाभ मिलता रहे।
इस तरह हुआ अस्पताल का मूल्यांकन
भारत सरकार द्वारा नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंर्ड्स (एनक्यूएएस) की दो सदस्यीय टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज के नौ विभागों पर मूल्यांकन किया। इसके लिए अस्पताल द्वारा सेवा प्रदायगी, मरीज संतुष्टि, क्लिनिकल सर्विसेस, इनपुट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विसेस, गुणवत्तापूर्ण प्रबंध, आउटपुट जैसे मानकों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। इन मूल्यांकन में खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। जिस पर नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खरी उतरी है।

इन विभागों का हुआ असेसमेंट
सीएचसी नारायणगंज के प्रभारी सीबीएमओ डॉ. एएल कोल ने बताया कि दो सदस्यीय टीम द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र में मिल रही सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। जिसके लिए अस्पताल में 09 विभाग के 09 नोडल अधिकारी बनाए गए थे। जिन्होंने अपने विभाग को बेल मेंटेन करके रखा था। इन विभागों में आईपीडी वर्षा तेकाम, लेब मोनिका सिंगरौरे, ओपीडी शारदा चंदेले, लेबर रूम पिंकी बरमैया, एक्सीडेंटल इमर्जेसी ज्योति नंदनवार, ऑक्र्जीलरी प्रमीला पुष्कर, फार्मेसी कमलेश सिंह, जनरल एडमिन विजय मरावी और एक्सरे विभाग शिव कुमार मरावी द्वारा दो सदस्यीय टीम को अपने विभाग की संपूर्ण जानकारी से अवगत कराया।
डेमो कराकर दक्षता की जांच
भारत सरकार द्वारा नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंर्ड्स की दो सदस्यीय टीम द्वारा अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों द्वारा मरीजों को दी जाने वाले सेवाओं के लिए डेमो करा कर उनकी दक्षता की जांच की गई। डेमों में प्रसव कक्ष में डिलेवरी कराने से पहले क्या किया जाता है, कैसे साफ सफाई रखी जाती है, इसकी जानकारी ली। इसके साथ ही हाथ धोने के सभी स्टेप मेडिकल ऑफीसर से कराकर देखा। इसके साथ ही इमरजेंसी एक्सीडेंटल वार्ड में आने वाले मरीज की ईसीजी, बीपी, ट्रेम्प्रेचर समेत अन्य जांचे कैसे की जाती है, इसका भी डेमो कराया गया।
आमने सामने टकराई दो बाईक, एक की मौत
- घुघरी के रामहेपुर में सड़क हादसा
- हादसे में एक गंभीर रूप से घायल, जिला चिकित्सालय रैफर
मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड घुघरी के ग्राम रामहेपुर में बुधवार रात्रि लगभग 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बताया गया कि ग्राम राम्हेपुर में दो मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की जानकारी स्थानीय लोगों ने तत्काल 100 डायल और एम्बुलेंस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायल युवक को तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। जहां घायल युवक का उपचार चल रहा है।
जानकारी अनुसार घुघरी के ग्राम राम्हेपुर में दो मोटर साईकिल की आमने सामने टक्कर हो गई। जिसकी सूचना तत्काल स्थानीय लोगों ने डायल 100 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 100 से पायलट प्रदीप यादव घटना स्थल पर मौके पर पहुंचे। जहां सड़क हादसे में युवक अमकू प्रसाद यादव 20 वर्ष, निवासी कन्हारी, थाना बिछिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में दूसरा युवक सुक्खू भारतीया, निवासी दलका, गोपांगी गंभीर घायल हो गया।
गंभीर हालत में युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में भर्ती कराया गया। जहां से चिकित्सक ने घायल युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घुघरी पुलिस ने मामला दर्ज कर सड़क हादसे की जांच कर रही है। इस सड़क हादसे की जांच उपनिरीक्षक मनोज गौतम, आरक्षक फग्गन सिंह नेटी और उपेंद्र पनगरिया द्वारा की जा रही है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️
कान्हा के चीतल प्रदेश के अन्य पार्को में कर रहे चहल कदमी
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गांधीसागर, नौरादेही और कूनो राष्ट्रीय उद्यान भेजे गए 667 चीतल
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कान्हा टाइगर रिर्जव से गांधीसागर अभ्यारण्य 500, नौरादेही 500 और कूनो राष्ट्रीय उद्यान 1000 चीतल भेजने का लक्ष्य
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कान्हा के सरही, मुक्की परिक्षेत्र से किया गया चीतलों को बोमा तकनीक से कैप्चर
मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय उद्यान कान्हा में हर प्रकार के जीव जंतु, वन्य प्राणियों समेत वनस्पति वनों से आच्छादित है। यहां दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु एवं वन्य प्राणी की उपलब्धता है। मंडला जिले का कान्हा नेशनल पार्क विश्व विख्यात कान्हा टाइगर रिजर्व के नाम से पूरी दुनिया में जाना जाता है। कान्हा नेशनल पार्क भारत के मप्र में मंडला और बालाघाट जिले की सीमा में स्थित है। कान्हा नेशनल पार्क मध्य भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। इस पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर तेंदुए, भालू, बारहसिंघा, चीतल, हिरण, गौर और जंगली कुत्ते की महत्वपूर्ण आबादी है। बाघों के लिए विश्व विख्यात मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क के सभी जोन में वन्य प्राणियों की चहल कदमी रहती है। जिसके कारण देशी, विदेशी पर्यटकों के लिए कान्हा नेशनल पार्क पहली पंसद बना हुआ है।
जानकारी अनुसार कान्हा नेशनल पार्क के चीतलों को प्रदेश के अन्य नेशनल पार्को में आबाद करने के उद्देश्य से विगत वर्ष इन्हें शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। योजना के तहत कान्हा टाइगर रिजर्व से 500-500 चीतलों को नौरादेही अभ्यारण्य, गांधी सागर अभ्यारण्य और 1000 चीतलों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में शिफ्ट करने की योजना है। मप्र शासन द्वारा तीनों नेशनल पार्को में चीतल ट्रांसलोकेशन के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व को निर्देश दिए गए थे। जिसमें अलग अलग तिथियों में दिए गए लक्ष्य के अनुरूप कान्हा टायगर रिजर्व से चीतलों को तीनों पार्को में भेजा जा रहा है।

बताया गया कि वर्ष 2023 में सबसे पहले नौरादेही टाइगर रिजर्व सागर को चुना गया। कान्हा टायगर रिजर्व के किसली परिक्षेत्र से नौरादेही अभ्यारण्य भेजने के लिए पहले शिफ्ट के लिए 15 अक्टूबर 2023 को बोमा कैप्चरिंग तकनीक से 32 चीतलों को केप्चर किया गया। गांधीसागर अभयारण्य के लिए 7 जनवरी 2024 को पहले शिफ्ट में 23 चीतलों को कान्हा टायगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र से केप्चर किया गया। इसके साथ कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 13 अप्रैल 2024 को कान्हा टायगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र से पहले शिफ्ट में 14 चीतलों को भेजा गया। अभी तक अलग-अलग शिफ्ट में कान्हा टायगर रिजर्व से नौरादेही, गांधीसागर और कूनों राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 667 चीतलों को बोमा कैप्चरिंग तकनीक से विशेष वाहनों से भेजा गया है।
गांधीसागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए 186 चीतल
बताया गया कि कान्हा टायगर रिजर्व के अलग-अलग परिक्षेत्र से चीतलों को केप्चर करके प्रदेश के नौरादेही, गांधीसागर और कूनों राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर भेजा जा रहा है। गांधीसागर अभयारण्य मंदसौर के लिए 500 चीतलों को भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें अभी तक नौ शिफ्ट में 186 चीतल जिसमें 76 नर और 110 मादा चीतल शामिल है। गांधीसागर के लिए कान्हा पार्क के सरही और मुक्की जोन से चीतलों को केप्चर किया गया है। जिसमें सरही परिक्षेत्र से सिर्फ 12 नर चीतल केप्चर कर भेजे गए है। शेष 174 नर, मादा चीतलों को मुक्की परिक्षेत्र से केप्चर किया गया है, जो गांधीसागर अभयारण्य में चहल कदमी कर रहे है। गांधी सागर भेजे गए चीतलों का पहला शिफ्ट 7 जनवरी 2024 को शुरू किया गया, जिसमें 23 चीतल भेजे गए। इसके बाद 25 फरवरी को 25 चीतल, 05 मार्च को 20 चीतल, 08 मार्च को 22 चीतल, 10 मार्च को 19 चीतल, 15 मार्च को 12 चीतल, 29 सितंबर को 19 चीतल, 23 अक्टूबर को 28 चीतल, 28 नबंवर 2024 को 18 चीतल बोमा तकनीक से केप्चर कर भेजे गए है।
नौरादेही अब तक 138 चीतल किये शिफ्ट
बताया गया कि मंडला कान्हा टाइगर रिजर्व से अब तक 138 नर और माता चीतलों को नोरादेही टाइगर रिजर्व भेज गया है। इन चीतलों को बोमा तकनीक के माध्यम से विशेष वाहन में नौरादेही पार्क भेजा गया। 68 नर चीतल और 70 मादा चीतलों को अब तक सात शिफ्ट में कान्हा से नौरादेही भेजा जा चुका है। जिन क्षेत्रों में चीतल या शाकाहारी जानवरों की संख्या ज्यादा है और जहां इनकी संख्या कम है, वहां उनकी संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से पार्क के अंदर और अन्य पार्कों में चीतलों को स्थानांतरित किया जाता है। इसी उद्देश्य से कान्हा पार्क में विगत वर्ष से दिए गए 500 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए चीतलों को नौरादेही भेजा गया है। जिसमें कान्हा टायगर रिजर्व के किसली परिक्षेत्र से 15 अक्टूबर 2023 को 13 नर, 19 मादा चीतल, कान्हा टायगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र से 10 दिसंबर 2023 को 03 नर, 12 मादा चीतल और कान्हा मुक्की परिक्षेत्र से 02 जनवरी 2024 को 08 नर, 19 मादा चीतल, 08 फरवरी को मुक्की परिक्षेत्र से 06 नर, 14 मादा चीतल, 29 फरवरी 2024 को सरही परिक्षेत्र से 22 नर चीतल, 13 मार्च को सरही परिक्षेत्र से 11 नर, 03 मादा चीतल और 15 जनवरी 2025 को मुक्की परिक्षेत्र से 5 नर और 3 मादा चीतलों को नौरादेही टायगर रिजर्व सागर शिफ्ट किया गया है।

कूनों उद्यान के लिए 1000 चीतलों का लक्ष्य
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतलों को आबाद करने के साथ चीतों की भी संख्या बढ़ाने की कवायद की जा रही है। जिसके तहत कान्हा टायगर रिजर्व से वर्ष 2024 से 1000 चीतलों को भेजने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिससे कूनो में कान्हा के चीतल चहल कदमी कर सके और अपना कुनबा बढ़ा सके। जिसके लिए कान्हा के सरही और मुक्की परिक्षेत्र से अभी तक 19 शिफ्ट में 343 चीतलों को भेजा चुका है। जिसमें 196 नर और 147 मादा चीतल शामिल है। कान्हा से कूनो 13 अप्रैल 2024 को चीतलों का पहला शिफ्ट भेजा गया, जिसमें 14 चीतल भेजे गए थे। इसके बाद 15 अप्रैल को 15 चीतल, 20 अप्रैल को 19 चीतल, 21 अप्रैल को 16 चीतल, 23 अप्रैल 21 चीतल, 25 अप्रैल को 17 चीतल, 27 अप्रैल को 20 चीतल, 27 जून को 14 चीतल, 25 अगस्त को 17 चीतल, 31 अगस्त को 26 चीतल, 09 सितंबर को 46 चीतल, 14 सितंबर को 25 चीतल, 21 सितंबर को 16 चीतल, 25 नबंवर 2024 को 22 चीतल, 04 जनवरी 2025 को 17 चीतल, 21 जनवरी को 16 चीतल और विगत दो दिन पूर्व 16 मार्च 2025 को 18 नर और 4 मादा के साथ कुल 22 चीतलों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान विशेष वाहन से भेजा गया है।
ऐसे किया गया चीतलों को बोमा से कैप्चर

बताया गया कि चीतल, हिरण और बारहसिंघा बेहद नाजुक वन्य प्राणी होते हैं। जिन्हें पकडऩा या टेंक्यूलाइज करना खतरे से खाली नहीं होता। जिसके कारण चीतल को बिना हाथ लगाए और बेहोश किए बिना कैप्चर करने का प्रयास किया जाता है। वन्य प्राणियों के इस तरह के ऑपरेशन के लिए लंबे समय से तैयारी की जाती है। जंगल के ऐसे क्षेत्र में पहले से वाई के आकार का एक अपारदर्शी बाड़ा बोमा तैयार कर लिया जाता है, जहां शाकाहारी वन्य प्राणियों का समूह मिलता है। ये वन्यप्राणी स्वयं घास चरते हुए बनाए गए बोमा के अंदर पहुंच जाते हैं। जिसका एक हिस्सा काफी चौड़ा और सामने से खुला होता है, वहीं दूसरा हिस्सा पतली गली सा होता है। पतली गली वाले हिस्से के मुहाने पर उस वाहन को लगा दिया जाता है जिसमें चीतलों का परिवहन किए जाने हैं। बाड़े के चौड़े वाले खुले हिस्से से चीतल अंदर प्रवेश कर जाते हैं और फिर उन्हें हांककर पतली गली वाले हिस्से की तरफ ले जाया जाता है। शिफ्टिग योग्य संख्या में वन्यप्राणियों के बोमा के अंदर पहुंचते ही उसके दोनो मुहानों को बंद कर दिया जाता है। शिफ्टिंग के दौरान सकरे वाले मुहाने पर वाहन लगाकर वन्य प्राणियों को हांका जाता है जिससे चीतल वाहन में चढ़ जाते हैं।
वन कर्मी कान्हा के कोर और बफर जोन में कर रहे निगरानी
- त्यौहार के चलते अलर्ट मोड में कान्हा पार्क का वन अमला
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व की सबसे बड़ी जैव विविधता की प्रयोगशाला राष्ट्रीय उद्यान कान्हा है। जहां पर हर प्रकार के जीव जंतु वनस्पति वनों से आच्छादित है। दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु एवं वन्य प्राणी की उपलब्धता है। राष्ट्रीय उद्यान कान्हा के नाम से मंडला जिले को पूरी दुनिया में जाना जाता है। कान्हा नेशनल पार्क भारत के मध्यप्रदेश में मंडला और बालाघाट जिले की सीमा कान्हा में स्थित है। 1930 के दशक में कान्हा क्षेत्र को दो अभ्यारण्यों में बांटा गया था, हालोन और बंजर। जिसका एरिया 250 और 300 वर्ग किलोमीटर था। वहीं कान्हा नेशनल पार्क का अब विस्तार हो चुका है। अब कान्हा क्षेत्र में कोर 941.792, बफर 1134.319 और फेन 110.740 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

जानकारी अनुसार कान्हा नेशनल पार्क में शिकारियों पर नजर रखने समय-समय पर गश्ती अभियान कान्हा पार्क प्रबंधन द्वारा चलाया जाता है। चाहे वह रैनी सीजन हो या गर्मी का सीजन, वन कर्मी शिकारियों और अवैध करोबारियों पर नजर रखने तैनात रहते है। होली पर्व को देखते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व का अमला अलर्ट मोड में है। त्यौहार को देखते हुए जंगलों में लकड़ी कटाने वाले और वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले अपराधी सक्रिय हो जाते है। इन्हीं अपराधियों पर नजर रखने के लिए कान्हा नेशनल पार्क का अमला कान्हा के कोर और बफर जोन में संयुक्त रूप से गश्ती अभियान चला रहा है।
बताया गया कि होली पर्व को देखते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व के वन कर्मी कोर व बफर जोन में अलर्ट है। यहां पार्क में लकड़ी की कटाई और वन अपराधियों पर नजर रखने के लिए पार्क प्रबंधन ने कोर व बफर जोन में करीब एक हजार वन कर्मी की संयुक्त टीम बनाकर कान्हा क्षेत्र के कोर 941.792 और बफर 1134.319 वर्ग किमी क्षेत्र में रात दिन गश्त कर रहे हैं। पर्व के दौरान वन्य जीवों समेत पक्षियों के शिकार की आशंका कान्हा पार्क में बढ़ जाती है। जिसको देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी के लिए वन कर्मियों द्वारा गश्ती अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया कि शिकारी जंगलों में पानी के स्रोतों और बिजली की लाइनों का सहारा लेकर वन्य जीवों का शिकार करते हैं। जिसको देखते हुए ऐसे क्षेत्रों में विशेष सावधानी के साथ गश्ती की जा रही है। जिससे शिकारी शिकार करने में कामयाब ना हो सके।
घुसपैठ ना हो इसके लिए चौकन्ने
कान्हा नेशनल पार्क में संवदेनशील इलाके समेत अन्य क्षेत्रों में गश्ती के दौरान विशेष निगरानी की जा रही है। कान्हा नेशनल पार्क में 600 से अधिक संवेदनशील इलाके है। शिकारियों और अपराधियों की घुसपैठ के अंदेशा को देखते हुये वन कर्मचारियों का दल यहां 24 घंटे नजर बनाये हुए है। दल में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी निगरानी कर रहे है। जिससे घुसपैठ ना हो।
गश्ती दल ने तार के फंदे के साथ पकड़ा शिकारी
कान्हा के जंगल में शिकारी पर नजर बनाए रखने वनकर्मी सजगता से गश्ती करते है। होली पर्व में वन्यप्राणियों के शिकार की संभावना को देखते हुए क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व रविंद्र मणि त्रिपाठी एवं उपसंचालक बफर श्रीमती अमिथा के मार्गदर्शन में होली पर्व पर विशेष गस्ती अभियान शुरू किया गया है। जिससे कान्हा क्षेत्र में होने वाले शिकार पर नजर रखी जा सके। बताया गया कि विशेष गश्ती अभियान के तहत गश्ती के दौरान विगत 14 मार्च को सुबह 6 बजे वन परिक्षेत्र गढ़ी के बीट खिरसाड़ी के कक्ष क्रमांक 94 में एक व्यक्ति को 10 मीटर तार के फंदे एवं एक मृत जंगली खरगोश के साथ गश्ती दल द्वारा पकड़ा गया।
पलायनकर्ताओं की टीबी, एचआईवी की जांच
- सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैम्प नारायणगंज के ग्राम पदमी में आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में प्रवासियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। इस कैम्प का उद्देश्य प्रवासियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया। जिससे इन पर कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े। आयोजित शिविर में नारायणगंज सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं दी।

जानकारी अनुसार नारायणगंज ब्लाक के ग्राम पदमी में मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति भोपाल के निर्देश में जागृति युवां मंच समिति और लिंक वर्कर स्किम मंडला के द्वारा सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम सरपंच धर्मेंद्र मार्को, सचिव नितिन बर्मन, पंच, आशा कार्यकर्ता सावित्री तेकाम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सीएचओ सविता पूसाम, जागृति युवां मंच समिति से सीएलडब्ल्यू रामनारायण, पूनम राय मौजूद रही।
आयोजित सोर्स माइग्रेट हेल्थ कैम्प में ग्राम के लक्षित समुदाय पलायनकर्ता, ओवीपी की टीबी जांच, एचआईवी एसटीआई की स्क्रीनिंग की गई। इसके साथ ही ग्राम के पलायनकर्ताओं का एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी की जांच की गई। इसके साथ ही कैम्प में लक्षित समुदाय को मुफ्त में कंडोम वितरण किया गया। इसके साथ ही शिविर में सोशल प्रोटेक्शन स्कीम की जानकारी दी गई।
रंग, गुलाल के साथ वीर हनुमान के जयकारों से गूंजा सूर्यकुण्ड धाम
- ब्रम्हमुर्हूत में आरती सेवादारों ने मनाई रंग पंचमी
मंडला महावीर न्यूज 29. सूर्यकुण्ड धाम में मंगलवार को ब्रम्हमुर्हूत आरती सेवादारों ने ब्रम्हमुर्हूत 3.45 में होली मिलन समारोह रंग पंचमी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पर भक्ति और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त में ही बड़ी संख्या में भक्त सूर्यकुण्ड धाम स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से भी श्रद्धालु ब्रम्हामुहूर्त की आरती में शामिल हुए।
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी सूर्यकुण्ड धाम में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पूरा सूर्यकुण्ड धाम वीर हनुमान के जयकारों से गूंज उठा। ब्रह्म मुहूर्त में भक्तों ने वीर हनुमान की महाआरती की। इसके बाद धार्मिक गीतों पर लोग नाचते-झूमते नजर आए। सूर्यकुण्ड धाम का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर के सेवादारों ने श्रृद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की थी इस दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
झांकियों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की खेली होली
- सांसद के गृह ग्राम जेवरा में होली मिलन समारोह आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. सांसद गृह ग्राम में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते रंग पंचमी के अवसर पर होली के रंग में रंगे नजर आए। रंगपंचमी के अवसर में मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने परंपरानुसार अपने गृह ग्राम जेवरा में होली मिलन समारोह आयोजित किया था। जिसमें मंडला, डिंडौरी, सिवनी एवं नरसिंहपुर जिले सहित पूरी लोकसभा क्षेत्र से उनके समर्थक एवं कार्यकर्ता इस होली मिलन समारोह में पहुंचे और गुलाल का टीका लगाते नजर आए ओर जमकर होली के रंग में रंगे नजर आए।

बताया गया कि रंगपंचमी के अवसर पर बुधवार को सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने अपने गृह ग्राम में परम्परानुसार होली मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें स्थानीय व बाहर से आए कलाकारों द्वारा फाग गायन सहित पंजाब लोक कलाकारों द्वारा राधा कृष्ण और हनुमान जी की मनमोहक झांकियों पर आधारित नृत्य संगीत के मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
इसके साथ ही बुंदेलखंड से पहुंचे कलाकारों द्वारा बुंदेलखंड का सुप्रसिद्ध लोक नृत्य राई की भी कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई कार्यक्रम में कुलस्ते और उनके पूरे परिवार ने दूर-दूर से पहुंचे समर्थकों के साथ रंग, गुलाल और फूलों से न केवल जमकर होली खेली बल्कि होली के रंग में सांसद कुलस्ते ने जमकर डांस भी किया। पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. संजय कुशराम, वेद प्रकाश कुलस्ते सहित बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता भी थिरकते नजर आए।
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे
छेडख़ानी का विरोध करना सगी बहनों को पड़ा महंगा
- बाप बेटे ने नाबालिग बहनों को सरे राह पीटा
- रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई पीडि़ताओ की 8 घण्टे बाद लिखी गई रिपोर्ट
मंडला महावीर न्यूज 29. छेडख़ानी का विरोध करने वाली दो नाबालिग बहनों को महंगा पड़ गया। दबंग बाप बेटे ने दोनों बहनों को घर से निकाल कर सरे राह नीचे गिरा कर लात घुसो से घसीट घसीट कर पीटा। आसपास के लोगो ने जैसे तैसे नाबालिग दोनों बहनें की मदद की और वे जान बचा कर थाने पहुँची, जहां आरोपी दोनों नाबालिग बहनों का पीछा करते हुए वहाँ भी पहुँच गये और थाने के गेट पर रोक कर बाहर खींचने लगे। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने दोनों बहनों को करीब 8 घण्टे से ज्यादा थाने में बिठाए रखा और ग्रामीणों व समाजसेवियों के हस्तक्षेप के बाद रात्रि करीब 11 बजे रिपोर्ट दर्ज हो पाई। पूरा मामला उस समय उजागर हुआ जब क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉक्टर अशोक मर्सकोले अगले दिन रात्रि करीब 11 बजे पीडि़ताओं से मिलने पहुँचे।
कालपी निवासी दोनों नाबालिग बहनों ने रोते बिलखते मीडिया को बताया 17 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे के आसपास में और मेरी बहन घर में अकेले थे हमारे माता पिता किसी काम से बाहर गये हुए थे उसी दौरान अकेले पन का फायदा उठाकर आरोपी आजाद पटैल पिता मुन्ना पटैल घर के सामने खड़े होकर गंदे गंदे इशारे औऱ गाली गलौज कर था जिसका हम दोनों बहनों ने विरोध किया तो आजाद पटैल घर में घुस आया औऱ मुझसे और मेरी बहन से छीना झपटी करते हुए मेरे कपड़े फाड़ दिए औऱ बाहर लाकर लात घुसो से मारने लगा। तब मेरी बहन ने विरोध किया तो उसके पिता मुन्ना पटैल आया औऱ वो भी लात घुसे से मारने लगा जैसे तैसे ग्रामीणों की मदद से हम लोग वहां से जान बचा कर रोड तरफ भागें, तब कही जाकर हमारी जान बच पाई। उसके बाद दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों के साथ बीजाडांडी थाने पहुँची। थाने में पहले से मौजूद आरोपी आजाद पटैल और उसकी माँ ने हमें थाने के गेट पर रोक लिया और हाथ पकड़ कर बाहर खीचने लगा। बड़ी मुश्किल से मै और मेरी बहन अपने परिजनों के साथ थाने अंदर पहुँचे।
नाबालिगों ने पुलिस पर लगाया भेदभाव का आरोप
पीडि़त दोनों नाबालिगों ने बताया हम लोग करीब 1 बजे बीजाडांडी थाने पहुँच गये थे लेकिन पुलिस ने उन लोगो की पहले सुनवाई की और हमें बाहर बिठा दिया साथ ही बताया रेखा दुबे नामक पुलिस अधिकारी हम से कह रही थी कि आप लोग पैसे लेकर राजीनामा कर लो वो लोग गुंडा और बड़े आदमी है, तुम कुछ नही कर पाओगें। फिर भी हम लोग रिपोर्ट दर्ज कराने थाने में डटे रहे और जिन लोगो ने हमें पिटते देखा वे सभी लोग थाने आ गये तब कही जाकर रात्रि करीब 10 बजे रिपोर्ट लिखी गई और हम लोग रात्रि करीब 12 बजे अपने घर पहुँचे।
दो दिन बाद भी आरोपीयों की नही हुई गिरफ्तारी
पीडि़ता ने बताया मामला दर्ज हुए दो दिन हो गये है लेकिन अभी तक आरोपी और उसके पिता की गिरफ्तारी नही हुई है, दोनों पिता पुत्र खुलेआम घूमते हुए कह रहे अगर हम जेल गये तो छूटने के बाद सभी को निपटा देंगे। अब सवाल यह उठता है आखिर बीजाडांडी पुलिस आरोपियों की इतनी तरफदारी क्यों कर रही है आखिरकार अभी तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नही किया गया है। वही उक्त मामले को लेकर क्षेत्रीय नेताओ सहित ग्राम वासियो में बहुत आक्रोश है अगर जल्द से जल्द दोनों बाप बेटे की गिरफ्तारी नही हुई और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही नही हुई तो बेटियों के सम्मान में बहुत बड़ा जनांदोलन होगा। वही जब इस विषय को लेकर एसडीओपी निवास पीएस बालरे से फोन पर बात हुई तो उनका कहना था सात से कम वाली धाराओं में गिरफ्तारी नही होती है, इसके बाद एसडीओपी ने थाना प्रभारी पुष्कर सिंह मुवेल को लाइन पर लिया तो उनका कहना था अभी तक तो आरोपीयों की गिरफ्तारी नही हुई है लेकिन बहुत जल्द गिरफ्तारी हो जाएंगी।
हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड
- चरित्र संदेह में की पत्नी की हत्या
- दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थदण्ड
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला न्यायालय ने हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी दिलीप धुर्वे पिता गंगाराम धुर्वे (39) निवासी ग्राम मोटोटोला थाना महाराजपुरहाल मुकाम ग्राम केवलारी चौकी अंजनिया थाना बम्हनी को धारा 302, 404 भादवि में आजीवन कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदंड से दडिंत किया है। जानकारी के अनुसार बुद्धोबाई ने अपनी पुत्री रेखा धुर्वे के गुम होने की सूचना 17 जनवरी 2023 को कराई थी। जिसमें बताया था कि पुत्री रेखा धुर्वे 17 जनवरी 2023 को सुबह 10 बजे लकड़ी लेने का कहकर घर से गई थी और वापस नहीं आयी। रेखा धुर्वे का शव 18 जनवरी को मिलने पर अप्राकृतिक मृत्यु प्रकरण दर्ज किया गया। बताया गया कि रेखा की शादी ग्राम मोटोटोला के दिलीप धुर्वे के साथ करीब 12-13 साल पहले हुई थी जिनके दो लड़के है। रेखा और उसका पति दिलीप अपने ससुराल केवलारी में ही रहते है। उसका जीजा दिलीप उसकी बहन रेखा के चरित्र पर संदेह करता है और इस बात लेकर लड़ाई-झगड़ा करता है।
17 जनवरी 2023 को उसकी बहन और उसका जीजा दिलीप धुर्वे सुबह 10 बजे चिकनिया नाला खेत के तरफ लकड़ी लेने गए थे जो शाम तक घर वापस नहीं आए। उसका जीजा ग्राम हिरनाईटोला में उसके मामा के लड़के मनोज तेकाम के घर जाकर कह रहा था कि उसने रेखा बाई को मार डाला तब मनोज ने इसकी जानकारी उसे फोन पर दी तब वह और उसकी बड़ी मां बुद्धोवाई पुलिस चौकी अंजनिया रिपोर्ट करने गए। वहां से पुलिस के साथ उसकी बहन रेखा की तलाश चिकनिया नाला के पास करने पर चिकनिया नाला के पास खेतों में उसकी लाश मिली।
दिलीप ने स्कार्फ (डुपट्टा) से उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरक्षी केन्द्र बम्हनी में 302 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले की संपूर्ण विवेचना के उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होते हुए विचारण उपरांत न्यायालय ने दिलीप धुर्वे को दोषी पाते हुए उक्त दंड से दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अभियोजन संचालन अपर लोक अभियोजक बृजेश चौरसिया ने की।
खुदा की इबादत में महीने भर सजदे करना ही रमजान
- रमजान के महीने में होती है रहमतें और बरकतें
मंडला महावीर न्यूज 29. रमजान का पाक महिना चल रहा है। रोजदार एक माह तक रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रहे है। पाक माह रमजान का पहला अशरा दस दिन रहमत, दूसरा अशरा मगफिरत और तीसरा अशरा जहन्नुम से निजात का है। इस पाक माह में शहर की सभी मस्जिदों में चहल पहल बढ़ गई है। सुबह शाम विशेष नमाज अदा शुरू हो गई है। शहर में रमजान पर्व की रौनक देखी जा रही है। रमजान का महीना रोजेदारों को अपने आचरण की पवित्रता से आत्मिक शुद्धि का अवसर देता है। इस्लाम में रमजान के महीने को अत्यंत पवित्र माना जाता है। माह-ए-रमजान या रमजानुल मुबारक हमें अपने भीतर के गुणों और अच्छाइयों को परखने व उन्हें निखारने का अवसर देता है।
बताया गया कि जब रोजा रखने वाले रोजा (उपवास) रखकर अच्छाइयों की राह पर चल देते हैं, तो अल्लाह रोजेदार से प्रसन्न हो जाते हैं। रोजे के दौरान अपनी इंद्रियों को वश में रखना बहुत जरूरी है। इस दौरान वर्जित और बुरी बातों की तरफ जाना तो दूर, उनके बारे में सोचना भी गुनाह माना जाता है। रोजे के दौरान बुरा कहने, बुरा देखने और बुरा करने की मनाही है, बुरा सोचने, झूठ बोलने, किसी को तकलीफ पहुंचाने, पीठ पीछे बुराई करने की भी मनाही है। रोजेदार को मन, वचन और कर्म से खुद को सात्विक और अनुशासित रखना होता है। आचरण की शुचिता का खयाल रखना होता है। इस दृष्टि से यह आत्मिक शुद्धि का महीना है।
बताया गया कि शुरुआत फर्ज की नमाज से होती है, जो सुबह चार-पांच बजे के बीच होती है। रोजदार सहरी के वक्त कुछ खा लेते हैं और पूरे दिन के उपवास (रोजे) के लिए तैयार हो जाते हैं। वे मस्जिद में फर्ज की नमाज अदा करते हैं और रोजाना के कामों में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन उनके अंतस में रोजे की कैफियत बनी रहती है। पांचों वक्त की नमाज, रात में तरावीह की नमाज में कुरआन का चिंतन व श्रवण आदि। इस्लाम में रोजे को फर्ज माना गया है। रोजे बीमारी, लाचारी या दुख, तकलीफ में ही छोड़े जा सकते हैं।
इस माह में नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर मिलता है और प्रत्येक फर्ज का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। अल्लाह तआला रोजेदारों के पिछले सारे गुनाह माफ कर देता है। जो लोग किसी रोजेदार को इफ्तार करवा देते हैं तो इस कारण उस व्यक्ति के तमाम गुनाह माफ हो जाते हैं। अल्लाह तआला फरमाते है कि मोमिन की रोजी बढ़ा दी जाती है। रमजानुल मुबारक एक दूसरे के हमदर्दी का भी महीना है। सब्र करने का महीना है रमजानुल मुबारक रमजान त्याग का महीना है। अल्लाह ने अपने बंदों को बुराइयों को त्याग कर अच्छे मार्ग पर चलने का यह सुनहरा मौका प्रदान किया है।
रमजान में होते है तीन अशरे
रमजान का महीना हर मुसलमान के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जिसमें एक माह तक रोजे रखे जाते हैं। इस्लाम के मुताबिक पूरे रमजान को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जो पहला, दूसरा और तीसरा अशरा कहलाता है। रमजान के पहले दस दिन (1 से 10 वें) में पहला अशरा, दूसरे 10 दिन (11 वें दिन से 20 वें दिन) में दूसरा अशरा और तीसरे दिन (21 से 30 वें दिन) में तीसरा अशरा बंटा होता है। इस तरह रमजान के महीने में तीन अशरे होते हैं। पहला अशरा रहमत का होता है, दूसरा अशरा मगफिरत यानी गुनाहों की माफी का होता है और तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से खुद को बचाने के लिए होता है।
रमजान के के आखिरी 10 दिन एतकाफ के
रमजान में की जाने वाली इबादतों में से एक एतकाफ भी है। रमजान मुबारक महीने के तीसरे अशरे यानि आखिर के 10 दिनों में कुछ मुसलमान एतकाफ में बैठते हैं। एतकाफ के लिए मुसलमान पुरुष रमजान के आखिर के 10 दिनों तक मस्जिद के किसी कोने में बैठकर इबादत करते हैं और खुद को परिवार व दुनिया से खुद को अलग कर लेते हैं। वहीं महिलाएं घर के किसी कमरे में पर्दा लगाकर एतकाफ में बैठती हैं। एतकाफ के दौरान लोग 10 दिनों तक एक ही जगह पर खाते-पीते, उठते-बैठते और सोते जागते हैं और नमाज-कुरान पढ़कर अल्लाह की इबादत करते हैं। हालांकि दैनिक क्रियाकलाप के लिए उन्हें इजाजत होती है।
इनका कहना है
यह महीना सभी मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। रमजान के दौरान रोजा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। रोजेदार के मन में किसी तरह का गलत ख्याल तक नहीं होना चाहिए। रोजे का मतलब भूखे पेट रहकर अल्लाह की इबादत करना नहीं है, बल्कि सही मायनों में जीवन से बुराइयों को मिटाकर अच्छाइयों को अपनाना है, जिससे समाज में शांति और अमन कायम रहे।
रोजा इफ्तार में हिंदू धर्म के साथ-साथ अन्य धर्मो के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यह समाज में भाईचारा बढ़ाने का एक जरिया है। अल्लाह भी अपने बंदों से यही उम्मीद करता है कि सब मिल-जुलकर रहें। सही मायनों में रमजान प्रेम का महीना है। अल्लाह ने अपने बंदों को बुराइयों को त्याग कर अच्छे मार्ग पर चलने का यह सुनहरा मौका प्रदान किया है।
रमजान महिने में पाक ग्रंथ कुरआन उतारा गया। यह महिना मोमिन भाईयों के लिए बहुत पाक होता है और इस माह में जो शख्स अल्लाह की राह में एक नेकी करता है तो अल्लाह तआला उसे उस नेकी के बदले 70 नेकी का शबाव मिलता है। बिना किसी बुराई से बचते हुए रोजे में अल्लाह की इबादत की जाती है।
यह महिना सभी मुसलमानों के लिए पवित्र माह है, रमजान के दौरान रोजा इस्लाम के पांच स्तंभो में से एक है। इस्लाम धर्म का तीसरा स्तंभ रोजा जो इस्लामी नौवें महिने से शुरू होता है। इस्लाम धर्म मानने वाले समस्त अनुयायिओं बालिका, मर्द और औरत पर फर्ज है कि वह रमजान के 30 रोजे रखे। बीमार और लाचार को छोड़कर रोजा सबको रखना अनिवार्य है।
इंसान गलतियों का पुतला है और अक्सर वह गलतियां करता है। इसलिए इस मौके को हाथ से जाने न दें और ईमानदारी से अल्लाह की इबादत करें। बुराइयों को त्यागने वाला ही सही मायनों में अल्लाह की इबादत करने का सच्चा हकदार है। रोजा आत्मा की शुद्धता का सबसे उत्तम साधन है।
40 डिग्री के पास पहुंचने बेताब पारा, सूरज उगलने लगा आग
- पिछले वर्ष की अपेक्षा 2 से 3 डिग्री अधिकतम तापमान में हुई बढ़ोत्तरी
- बढ़ रही तेज तपन, उमस से लोग परेशान
मंडला महावीर न्यूज 29. मार्च माह में मौसम के मिजाज इस वर्ष भी बदले हुए नजर आ रहे है। मार्च माह की शुरूआत से ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री के ऊपर चल रहा है। जिसके कारण उमस और गर्मी से लोग परेशान है। गर्मी अभी से अपने तेवर दिखाना शुरू कर दी है। जिसके कारण घरों में कूलर, पंखों की आवाज आने लगी है। विगत दिवस छाए बादलों के कारण भी मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ नजर आ रहा है, जिसके कारण उमस भी बढ़ गई थी। बदले मौसम के कारण किसान भी चिंतित नजर आ रहे थे।
जानकारी अनुसार विगत दो वर्षो का तापमान देखे तो 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान बढ़ गया है। वर्ष 2023 में 16 मार्च को अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और वर्ष 2024 में 36 डिग्री अधिकतम तापमान था। वहीं इस वर्ष 16 मार्च को प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान वाले शहर में मंडला जिला प्रथम स्थान पर रहा। जहां मंडला का अधिकतम तापमान 38.5 रहा। वहीं वर्ष 2023 में 17 मार्च को 35 डिग्री, वर्ष 2024 में 17 मार्च को 35.2 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। इस वर्ष 17 मार्च को 35.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। विगत एक सप्ताह से बढ़ते तापमान में अचानक 17 मार्च को 3.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान नीचे उतर गया, लेकिन उमस भरी गर्मी से दिन भर लोग परेशान नजर आते रहे।
मार्च माह की शुरूआत से मौसम में बदलाव आया। सूर्य देव अपनी प्रंचण किरणों के साथ उपस्थिति दर्ज करा रहे है। जिससे लोगों को गर्मी का एहसास होना शुरू हुआ। वहीं पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष के अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री का उछाल आया है। बढ़ते तापमान के कारण गर्मी और सूर्यदेव की तपन राहत देने वाली नहीं है। सूर्य की किरणें आग बरसाना शुरू कर दी है। शाम 06 बजे तक तेज तपन और उमस का एहसास बैचेन कर रहा है।
दिन की गर्मी कर रही बैचेन
मौसम वैज्ञानिक आदितय बिसेन ने बताया कि इस वर्ष मार्च माह की शुरूआत से ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर चल रहा है। जिसके कारण दिन में गर्मी का एहसास भी लोगों को हो रहा है। जिससे लोगों में बैचेनी भी देखी जा रही है। दिन के तामपान में विगत दिनों की अपेक्षा बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। विगत एक माह से अधिकतम तापमान 30 से 39 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है और न्यूनतम तापमान भी 12 से 19 डिग्री के आसपास है। जैसे-जैसे दिन गुजर रहे है वैसे-वैसे सूरज के तेवर तीखे होते जा रहे है। विगत कुछ दिनों से तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण दिन में ज्यादा गर्मी का एहसास हो रहा है। गर्म हवाओं ने धीरे-धीरे जिले को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। जिससे तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। बताया गया कि आगामी आने वाले दिनों में तापमान और बढऩे की संभावना जताई जा रही है। शहर में सूरज निकलते ही तेज गर्मी का एहसास होने लगा है। मई माह में नौतपा शुरू होंगे, उसके पहले ही अधिकत्तम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचने बेताव है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री रहा जो सोमवार को नीचे उतरकर 35.5 डिग्री सेल्सियस हो गया।
पश्चिमी विक्षोभ हो सकता है सक्रिय
बताया गया कि मौसम में उतार चढ़ाव अभी भी जारी है। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी हरियाणा और पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में मध्य समुद्र तल से 3.1 ओर 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के मध्य अवस्थित है। वहीं 19 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना बनी है। जिसके कारण अगले दो तीन दिन में एक बार फिर मौसम में परिवर्तन देखने मिल सकता है। इसके साथ ही मंगलवार को मौसम साफ रहेगा और हवाओं की चाल 16 से 18 किमी घंटे की रफ्तार से चलेगी।
आशा वर्करों ने बच्चे का लिया तापमान, की गर्भावस्था की पहचान
- आशा वर्करो से प्रायोगिक परीक्षा में कराया प्रैक्टिल, देखी उनकी कार्यशैली
- दूसरे चरण की परीक्षा में 271 आशाओं ने दी प्रायोगिक परीक्षा
मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा और आशा पर्यवेक्षकों के ज्ञान को परखने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के माध्यम से मंडला जिले में तीन चरण में परीक्षा ले रही है। प्रथम चरण की आतंरिक परीक्षा के लिए जिले के पांच विकासखंडों की 270 आशा व आशा पर्यवेक्षकों को चिन्हित किया गया था, जिन्होंने आवेदन किया था। जिसमें प्रथम चरण के ऑनलाईन परीक्षा में 268 उपस्थित रही और दो अनुपस्थित रही। द्वितीय चरण में 271 आशा व पर्ववेक्षकों ने प्रायोगिक परीक्षा में शामिल हुई है।
जानकारी अनुसार आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के शहर और ग्रामीण अंचलों में शिशु से लेकर बुजूर्गो के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली आशा व आशा पर्यवेक्षकों के ज्ञान को परखने के लिए तीन चरण में परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिसके दो चरणों की परीक्षा ली गई है। नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ ओपन स्कूल के द्वारा जिले के पांच विकासखंड बम्हनी, मोहगांव, नारायणगंज, बिछिया, नैनपुर की चयनित 271 आशा वर्कर और पर्यवेक्षकों ने द्वितीय चरण में प्रायोगिक परीक्षा दी। परीक्षा को लेकर ये काफी उत्साहित दिख रही थी। इस परीक्षा में पास होने के बाद आशा प्रमाणित हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी मिलेगा। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के तीसरे चरण में लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो 23 मार्च को आयोजित होगी।
डीसीएम हिमांशु सिंगौर ने बताया कि फील्ड में आशा वर्कर का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य है कि इस परीक्षा के माध्यम से आशा वर्कर का ज्ञान बढ़े। आयोजित परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्कर पूरी तैयारी कर रही है। द्वितीय चरण में आयोजित हुई प्रायोगिक परीक्षा में इनसे हाथ धोना, बच्चे का तापमान मापना, ओआरएस घोल बनाना, शिशु का वजन मापना समेत कई कार्य जो शामिल होते है, उन पर प्रैक्टिकल कराकर देखा गया। आशा वर्करों ने प्रायोगिक परीक्षा में खरा उतरने अपनी तरफ से पूरा प्रयास की।
परीक्षा में पास होने पर आशा होगी सर्टिफाइड
बताया गया कि आशा वर्कर के ज्ञान को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ऑनलाईन परीक्षा इसके बाद उनके द्वारा संपादित करने वाले कार्यो को प्रैक्टिल कराकर परीक्षा ली। अब इसके बाद लिखित परीक्षा ली जाएगी। बताया गया कि यदि आशा वर्कर परीक्षा में पास होती हैं तो सर्टिफाइड हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी इन्हें मिलेगा। लिखित परीक्षा से पहले आशा वर्करों का आंतरिक परीक्षा और ऑनलाईन परीक्षा ली गई।
आशा वर्करों का बढ़ेगा ज्ञान
ग्राम व शहर में आशा वर्करों द्वारा जमीनी स्तर पर काम किया जाता है। ये स्वास्थ्य विभाग के रीढ की हड्डी हैं। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह है कि आशा वर्कर का ज्ञान इस परीक्षा के मध्यम से बढ़ाया जाए। परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्कर अध्ययन कर रही है और प्रायोगिक परीक्षा में उनके द्वारा कार्यस्थल में दी जाने वाली सेवाओं को करके दिखाया गया। ली गई प्रायोगिक परीक्षा से भी उनके कार्यो की गुणवत्ता जांची गई। इसके आधार पर ही इन्हें इस प्रायोगिक परीक्षा में अंक दिये जाएगे। प्रेक्टिकल में आशाओं से हाथ धोना, बच्चों का तापमान मापना, घरेलू ओआरएस बनाना, शिशु का वजन मापना, गर्भावस्था का पता करना समेत कई कार्य को प्रैक्टिल कराकर देखा गया।
माहिष्मती घाट में कवि सम्मेलन की तैयारी अंतिम चरण में
- सुप्रसिद्ध कवियों का 21 मार्च को होगा सम्मेलन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के महिष्मति घाट में 21 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसकी तैयारियां जोरो से चल रही है। जिसको लेकर कवि सम्मेलन कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया गया। तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रतोओं के लिए विशेष बैठक इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल को आकर्षण और भव्य बनाने की रणनीति तैयारी की गई। कवि सम्मेलन 21 मार्च को पंचचौकी महाआरती के बाद प्रारंभ किया जाएगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने बताया कि भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। काव्यांजलि माहिष्मति नगरी मंडला द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मलेन में वरिष्ठ कवि विष्णु सक्सेना गीतकार, कवि सुदीप भोला (लपेटे में नेता फेम), कवयित्री सुमित्रा सरल श्रृंगार रस, कवि सुमित ओरछा सबरस मंच संचालक मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
धूमधाम से मनाई होली, बरसा गुलाल
- मस्ती में झूमे हुरियारे
- तिलक लगाकर की दीर्घायु की कामना
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले भर में होली का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। रंग के त्यौहार पर खूब जमकर रंग, गुलाल उड़े। बच्चों, युवा, बड़ों ओर बुजूर्गो में उत्साह तो देखा गया। होली के रंग में युवाओं की टोली सुबह से निकली और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर गुलाल से पूरे माहौल को सतरंगी कर दिया। युवक टोलियां बनाकर एक-दूसरे के घरों में जाकर रंग लगाते नजर आए। वही जगह-जगह युवकों ने ढोल, बाजे की धुनों पर नाच गाकर होली का पर्व पहले और दूसरे दिन मनाया। यह सिलसिला देर शाम तक जारी है।
होली पर्व को लेकर पुलिस द्वारा सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए गए थे। हर क्षेत्र मेंं पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। फाग पर रंगों की खुमारी हर वर्ग पर चढ़ी रही। युवा क्या, बच्चे और महिलाओं ने भी टोलियां बनाकर जमकर धमाल मचाया। रंग-बिरंगे गुलाल व रंगों से हर कोई सराबोर दिखाई दिया। सभी ने जमकर होली का लुत्फ उठाया और इस दिन की शुभकामनाएं दीं।

होली के दूसरे दिन निकलते ही बच्चे रंग भरे गुब्बारे लेकर सड़कों पर निकल पड़े। जो भी आता उस पर गुब्बार फोड़ देते। वहीं परिवार के युवा व बड़ों ने बुजुर्गो को गुलाल व रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और शुभाशीष लिया। महिलाओं ने पहले घरों में पकवान बनाए और पूजा अर्चना की। इसके बाद युवा वर्ग, महिला वर्ग अलग-अलग टोलियां बनाकर घरों से निकले। पहले आस-पड़ोस फिर मंदिर या फिर अपने इष्टजनों के यहां पहुंचकर निर्धारित स्थानों पर एकत्र होकर जमकर एक दूसरे को गुलाल और रंग लगाया। वहीं तमाम युवा रंगों में सराबोर होते हुए बाइकों पर सवार होकर निकले। कई स्थानों पर महिलाओं व युवाओं ने अपनी टोलियां बनाकर रंग लगाए और जगह-जगह डीजे की धुनों पर जमकर डांस किया। हर ओर रंग बरसता दिखाई दिया। रंग बिरंगे रंगों से सराबोर हर कोई होली में मदमस्त दिखाई दिया।
हर घर में सजा व्यंजन
पुरानी कहावत है कि होली पर दुश्मन भी गले लग जाते हैं। हर साल होली पर ऐसा ही होता है। यही कारण है कि होली पर घर आने वाले आगंतुकों के लिए गुझिया से लेकर तमाम तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इस होली पर भी यही हुआ। शायद ही ऐसा कोई घर रहा हो जहां गुझिया, मठरी, नमकीन, दही बड़ा, मिठाईयां आदि न बनाए हों और जिसका हुरियारों ने इसका खूब लाभ उठाया।
भेजे बधाई संदेश
होली के त्योहार पर सोशल मीडिया में बधाई, शुभकामनाएओं का दौर दिन भर चलता रहा। लोग अपने दोस्त, रिश्तेदारों, जान पहचान वालों को सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई संदेश भेजे।
भैया दूज मनाया
होली के दूसरे दिन भैया-दूज पर्व मनाया गया। बहनों ने भाईयों के माथे पर मंगल तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने इस मौके पर बहनों को उपहार भी दिए। मंदिरों में विशेष आयोजन भी हुए।
रंग की अपेक्षा गुलाल बना लोगों की पसंद
होली पर्व में लोग अब रंगों की अपेक्षा गुलाल का उपयोग ज्यादा करने लगे है, आमजन अब जागरूक हो रहे है कि पानी की हर बूंद कितनी अनमोल है। पानी के रंगों से परहेज करते हुए अधिकांश लोगों ने गुलाल की सूखी होली खेलना अधिक पसंद किया। जिसके चलते कुछ स्थानों को छोड़कर गली, मुहल्लों और घरों में केवल अबीर-गुलाल की होली खेली गई। जिसके चलते पानी के बचत के साथ-साथ केमिकल युक्त रंगों से शरीर पर होने वाले विपरीत प्रभाव से बचने के लिए लोगो ने अधिक प्रयास किए। गुलाल से होली खेल रहे युवक रोहित चौकसे का कहना था कि केमिकल युक्त रंगों से होली खेलने के बाद काफी समय उसे चेहरे से हटाने में लगता है और गुलाल से होली खेलने पर चेहरा भी खराब नहीं होता है साथ ही गुलाल से उड़ती सुगंध भी मन को अच्छी लगती है।
जिले में हुए नक्सली मुठभेड़ को लेकर गरमाई सियासत
- गोड़वाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने जिम्मेदारों पर लगाए आरोप
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के कान्हा के खटिया क्षेत्र के चिमटा क्षेत्र में विगत दिवस कथित नक्सली एनकाउंटर का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। मृतक के परिजन, कांग्रेस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार से मामले की गहन जांच की मांग की है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने भी मंडला में प्रेस वार्ता में कहा कि वे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो 25 मार्च से आंदोलन किया जाएगा।
बताया गया कि विगत दिवस कांग्रेस विधायक नारायण पट्टा, पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने मृतक के गांव खटिया के लसरे टोला का दौरा किया। ग्रामीणों की बातों के आधार पर उन्होंने भी न्यायिक जांच की मांग की है। नक्सली एनकाउंटर के मामले में विगत दिवस शनिवार को गोड़वाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर जिले में हुए नक्सली मुठभेड़ को लेकर पत्रकारों से सवाल जबाव करते हुए फर्जी एनकाउंटर करने जिम्मेदारों पर आरोप लगाए है।
प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज बैगा आदिवासी राष्ट्रीय मानव का दर्जा दिया गया है लेकिन जिस तरह सरकार द्वारा नक्सली मुठभेड़ का रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए फर्जी एनकाउंटर किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह का अत्याचार बैगा आदिवासी नहीं सहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 25 मार्च तक जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश व्यापी आंदोलन मंडला जिले में किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश में बैठे जिम्मेदारों की होगी। प्रेसवार्ता के दौरान आदिवासी समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुमारू सिंह मरावी, देवेन्द्र मरावी, ब्रजेश धुर्वे, सेम परते, दीपक धुर्वे सहित गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गजेन्द्र जल चैम्पियन रेफरल कैंपेन में शीर्ष पंद्रह में
- 107 लोगों को बनाया जल चैम्पियन
मंडला महावीर न्यूज 29. नगर के गजेन्द्र गुप्ता वाटर एड इंडिया के जल चैम्पियन रेफरल कैंपेन में विजयी हुए हैं। वाटर एड इंडिया ने राष्ट्रीय स्तर पर जल, स्वच्छता और आरोग्य पर कार्य कर रहे दस हजार लोगों को जल चैम्पियन बनाने के लिए जल चैम्पियन रेफरल कैंपेन चलाया था। गजेन्द्र इस राष्ट्रीय कैंपेन में शीर्ष पंद्रह में रहे। वाटर एड इंडिया ने गजेन्द्र को प्रमाण पत्र और किट देकर पुरस्कृत किया। गजेन्द्र समेत 107 लोगों को जल चैम्पियन के रूप में पंजीकृत किया है। पंजीकरण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वॉटर एड इंडिया ने भागीदारी का डिजिटल बैज प्रदान किया है।
बताया गया कि जल, स्वच्छता और आरोग्य को बढ़ावा देने के प्रतिबद्धता के कारण गजेन्द्र वाटर एड इंडिया में नेशनल वाटर चैम्पियन के रूप में ऑनबोर्ड हैं। गजेन्द्र वाटर एड इंडिया के नेशनल कंसोर्टियम का हिस्सा हैं जो भारत के ग्यारह राज्यों में जल, स्वच्छता और आरोग्य पर कार्य कर रहे लोगों को कंसोर्टियम में जोड़ेने का कार्य कर रहे हैं। गजेन्द्र तीन दशक से नर्मदा एवं उसके सहायक और सह-सहायक नदियों के संरक्षण के लिए नर्मदा त्रिवेणी संगम सामाजिक एवं धार्मिक विकास समिति, परम्परागत,जड़ी-बूटी एवं वैकल्पिक चिकित्सा विकास परिषद एवं अनुसंधान केन्द्र, नेहरु युवा केन्द्र, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद और नर्मदा समग्र के साथ मिलकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।
वॉटरएड इंडिया सभी के लिए स्वच्छ जल, अच्छे शौचालय और अच्छी स्वच्छता तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वाटरएड समुदाय रणनीति का उद्देश्य विशेषज्ञों का एक समूह बनाना है, जिसे जल चैंपियंस कहा जाता है। ये विशेषज्ञ जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य मुद्दों को बढ़ावा देने और अपने समुदायों में बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। इसका प्राथमिक उद्देश्य है कि इसमें सक्रिय रूप से योगदान करने के लिए व्यक्तियों को सशक्त बनाकर सुरक्षित जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बढ़ाना है। जल चैम्पियन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने और जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य संसाधनों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में स्थानीय क्षमता विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।
सूर्यकुण्ड धाम में हनुमान जी को भक्तों ने लगाया गुलाल
- ब्रहमुहूर्त आरती के बाद जमकर उठा रंग, गुलाल
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित सूर्यकुण्ड धाम में दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर स्थापित है, यह मंदिर जिले समेत अन्य प्रदेशों में प्रसिद्ध है। यहां वर्ष भर विविध धार्मिक आयोजन किये जाते है। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों का हुजूम सूर्यकुण्ड धाम में लगता है। हनुमान मंदिर सूर्यकुण्ड धाम में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी होली के दूसरे दिन शनिवार की अल सुबह तीन बजकर 45 मिनट में होली पर्व पर ब्रम्हमुहूर्त आरती का आयोजन किया गया। ब्रम्हमुहूर्त आरत में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। ब्रम्हमुहूर्त आरती के बाद प्रभु हनुमान जी को भक्तों ने गुलाल लगाया।
श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति द्वारा सूर्यकुण्ड धाम में वर्ष भर विविध आयोजन किए जाते है। जिसकी शुरूआत माँ नर्मदा जन्मोत्सव शुरू की जाती है। इसके बाद महानंदा नवमी, होली के दूसरे दिन होली मिलन समारोह मनाया जाता है। वैशाख पूर्णिमा में हनुमान जी को मलीदा अर्पण, श्री शनि महाराज जन्मोत्सव, जून माह में फल उत्सव मनाया जाता है। जिसमें श्री हनुमान को सभी प्रकार के फल अर्पित किए जाते है और मंदिर को फलों से सजाया जाता है। 56 भोग का अर्पण, हनुमान प्रकटोत्सव एवं नरक चौदस छोटी दीवाली को हनुमान जी का अभिषेक, पूजन व प्रसादी वितरण, विगत तीन वर्षो से लगातार रामचरित मानस पाठ किया जा रहा है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष होली पर्व के दूसरे दिन शनिवार पड़ा। वहीं सूर्यकुण्ड में प्रति मंगलवार को ब्रम्हमुहूर्त में हनुमान जी की महाआरती का आयोजन किया जाता है। जिसके अंतर्गत शनिवार को ब्रम्हमुहूर्त आरती का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महाआरती में शामिल हुए। महाआरती में जिला मुख्यालय समेत आसपास के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
एक दिन आनंद पूर्वक बीताने महिलाओं के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम
- हर्राभट माल में महिलाओं का किया सम्मान
- 295 प्रतिभागियों ने लिया भाग
मंडला महावीर न्यूज 29. हर्राभट माल गांव में महिलाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में 68 ग्रामों के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सकुना मरावी, जनपद सदस्य मीना मरावी, हर्राभट माल सरपंच सुनीता उईके और सूरपन नदी घाटी फेडरेशन की महिला नेता उपस्थित रहीं। आयोजित कार्यक्रम में 295 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिनमें 225 महिलाएँ और 70 पुरुष शामिल थे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सम्मानित करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं को सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम में महिलाओं को अपनी राय व्यक्त करने और अपने दैनिक दायित्वों से मुक्त होकर एक दिन आनंद पूर्वक बीताने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन से हुई। जिसमें जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्य, सरपंच शामिल रहीं। अतिथियों और महिला प्रतिभागियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। जहाँ उन्हें मौसमी फूल पलाश की माला और हल्दी मिश्रित चावल का तिलक लगाया गया। इसके बाद एक भव्य सभा आयोजित की गई, जिसमें अलग अलग गांव के निवासियों ने भाग लिया।
इस आयोजन के लिए महिला नेताओ ने 5 गाव में टोला स्तर पर कुल 15 महिला सभाए आयोजित की। टोला सभा के बाद गांव स्तर पर ग्राम पर्यावरण समिति की 9 बैठके आयोजित की। कार्यक्रम का अजेंडा महिलाओ को बात करने के लिए जगह बनाना और सामुदायिक योगदान से कार्यक्रम को सफल बनाना है। रोज मर्रा की जिंदगी से महिलाएं आपने लिए समय निकाले और खेल का आनंद ले, इस कार्यक्रम का यही उद्देश्य है,जो सफल रहा।
महिला सशक्तिकरण पर की चर्चा
जनपद अध्यक्ष ने महिलाओं की वर्तमान स्थिति और उनके अधिकारों पर प्रकाश डाला। सरपंच और सूरपन नदी घाटी महासंघ की महिला नेत्रियों ने महिला सशक्तिकरण, पारंपरिक भोजन और संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक कार्यक्रमों में दोना, पत्तल और पारंपरिक संगीत के उपयोग, प्राकृतिक खेती में देशी बीजों के महत्व, लैंगिक समानता, गाँव के विकास में महिलाओं की भूमिका और उनके अधिकारों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किया गया। इसके साथ ही महिलाओं के संसाधनों के उपयोग, प्रबंधन और विकास में भागीदारी पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
महिला सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान किशोरी बालिकाओं द्वारा शराबखोरी पर एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा गाँव की महिलाओं ने कर्मा नृत्य और पारंपरिक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं, एकल महिलाओं और प्राकृतिक खेती करने वाली उत्कृष्ट महिला किसानों को गाँव के सम्मानित व्यक्तियों द्वारा गमछा और नारियल देकर सम्मानित किया गया।
महिलाओ को प्रथम भोजन परोस पुरुषो ने की नई पहल
आयोजित कार्यक्रम में तय किया गया कि वे छेरता भात जिसमें सभी लोग गांव से सामान एकत्र कर के सामूहिक भोजन करते है, उस को ध्यान में रखकर कार्यक्रम आयोजित कर इस परंपरा को बनाए रखा। इस दौरान छुआ, छूत और उच्च नीच के भेदभाव को दूर करके सामूहिक भोजन का आनंद लिया गया। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक भोजन के साथ हुआ। जिसमें गाँव के लोगों द्वारा तैयार किया गया चावल, दाल, भाजी और पैज दोना, पत्तल में परोसा गया। महिलाओं के सम्मान में पहले सभी महिलाओं को भोजन परोसा गया। उसके बाद पुरुषों ने भोजन ग्रहण करके समाज में एक नयी पहल शुरू की।
जिले के पत्रकारों का होली मिलन समारोह
- जिले के मीडिया कर्मी पहुंचे कार्यक्रम में
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के पत्रकारों ने मंडला जबलपुर मार्ग स्थित उत्सव रेस्टोरेंट में होली मिलन समारोह का आयोजन किया। होली मिलन समारोह में जिले के तमाम पत्रकार समेत नारायणगंज, बीजाडांडी के भी मीडिया कर्मी शामिल हुए। इसके साथ ही गोड़वाना गणतंत्र पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम भी इस आयोजन में सहभागिता दर्ज करते हुए होली की शुभकामनाएं दी।
आयोजित होली मिलन समारोह में सभी मीडिया कर्मियों ने एक दूसरों को बधाई देते हुए होली की शुभकामनाएं दी। इस दौरान पत्रकार परिषद के जिला अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि आप अपने कलम की ताकत को समझिए और जिले के विकास में अपना योगदान दीजिए।
जिला अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि कोई भी पत्रकार छोटा बड़ा नहीं होता है। हर पत्रकार अपने आप में एक योद्धा है, जो सत्य और न्याय के लिए लड़ता है। वह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो लोगों को जागरूक करता है और उन्हें सच्चाई से अवगत कराता है। पत्रकारों का काम आसान नहीं है, उन्हें कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। होली मिलन समारोह में जिले के तमाम पत्रकार बंधु मौजूद रहे।
जन्म शताब्दी वर्ष पर 21 मार्च को कवि सम्मेलन
- पंचचौंकी महाआरती के बाद काव्यांजलि
- शाम सात बजे के बाद शुरू होगा कवि सम्मेलन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के महिष्मति घाट प्रागंण में कवि सम्मेलन का आयोजन 21 मार्च को किया जाएगा। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने बताया कि भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। काव्यांजलि माहिष्मति नगरी मंडला के द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मलेन में वरिष्ठ कवि विष्णु सक्सेना गीतकार, कवि सुदीप भोला (लपेटे में नेता फेम), कवयित्री सुमित्रा सरल श्रृंगार रस, कवि सुमित ओरछा सबरस मंच संचालक मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
यह कवि सम्मेलन 21 मार्च की शाम 7 बजे पंचचौंकी महाआरती के बाद आरंभ की जाएगी। देश के जाने माने कवियों का मंडला महिष्मति नगरी में पहली बार आगमन हो रहा है। कार्यक्रम की सम्पूर्ण तैयारियां की जा रही है। इस कवि सम्मेलन में जिलेवासियो से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने अपील की गई है।
तार का फंदा और मृत जंगली खरगोश के साथ धराया शिकारी
- शिकारी को गश्ती दल ने गढ़ी के खिरसाड़ी बीट में पकड़ा
- जंगली जानवर के शिकार के लिए लगाया था तार का फंदा
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा के जंगल में शिकारी पर नजर बनाए रखने वनकर्मी सजगता से गश्ती करते है। होली पर्व में वन्यप्राणियों के शिकार की संभावना को देखते हुए क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व रविंद्र मणि त्रिपाठी एवं उपसंचालक बफर श्रीमती अमिथा के मार्गदर्शन में होली पर्व पर विशेष गस्ती अभियान शुरू किया गया। जिससे कान्हा क्षेत्र में होने वाले शिकार पर नजर रखी जा सके।
जानकारी अनुसार विशेष गश्ती अभियान के तहत गश्ती के दौरान 14 मार्च को सुबह 6 बजे वन परिक्षेत्र गढ़ी के बीट खिरसाड़ी के कक्ष क्रमांक 94 में एक व्यक्ति को 10 मीटर तार के फंदे एवं एक मृत जंगली खरगोश के साथ गश्ती दल द्वारा पकड़ा गया। उक्त व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा बताया गया कि कल शाम को करीब 4 बजे उसने जंगली जानवर के शिकार के लिए फंदे लगाए थे जिससे कोई जानवर रात में फंसे तो सुबह आकर वह उसे ले जाकर पका कर खाए।
बताया गया कि गश्ती दल द्वारा तार फंदा, खुटी एवं मृत जंगली खरगोश के शव को बरामद कर तार का फंदा लगाकर शिकार करने वाले भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर प्रथम श्रेणी न्यायालय बैहर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायधीश द्वारा अपराधी को बैहर उप जेल भेज दिया गया। इस कार्यवाही में गुरुदयाल साहू, परिक्षेत्र अधिकारी गढ़ी, सुशील अग्निहोत्री वनरक्षक, पंकज यादव वनरक्षक, सतीश सरौते वनरक्षक एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पैसे के लोभ में पोते ने दादी की हत्या
- मोहगांव पुलिस ने हत्या के आरोपी को किया गिरफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29. विगत 13 मार्च की दरमियानी रात्रि एक बुजूर्ग महिला की उसके ही पोते ने बांस के कांवड से बार करके मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गया। अपनी दादी की हत्या में फरार आरोपी को मोहगांव पुलिस ने गिरफ्तार करके हत्या का खुलासा किया है।
जानकारी अनुसार थाना मोहगांव अंतर्गत ग्राम रमखिरिया निवासी मृतिका बुगली बाई भारतीया का शव उसके ही घर के कमरे में मृत अवस्था में मिला था। थाना मोहगांव पुलिस को वृद्ध महिला की हत्या के आरोपी का पता चला कि उसके पोते ने ही उसकी हत्या कर फरार हो गया है। मृतिका बुगली बाई भारतीया की हत्या करने की सूचना मिलते ही मोहगांव पुलिस ने आरोपी पकडऩे टीम गठित कर पतासाजी शुरू की।
बताया गया कि मोहगांव पुलिस ने आरोपी राजेश भारतीया के विरूद्ध भारतीय न्याय विधान की धारा 103 (1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए मोहगांव थाना प्रभारी वेदराम हनोते के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपी की तालाश शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। मोहगांव पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया।
मृतिका बुगली बाई भारतीया आरोपी राजेश भारतीया की दादी थी। बताया गया कि मृतिका बुगली बाई को वृद्धा पेंशन मिलती थी। इस पेंशन को मृतिका आरोपी राजेश भारतीया के छोटे भाई सुरेश भारतीया को देती थी, जिससे आरोपी राजेश बहुत ज्यादा क्रोध में था। आरोपी राजेश का गुस्सा बढ़ गया और उसने अपनी दादी बुगली बाई की बांस के कावड़ से बार करके हत्या कर दी। आरोपी को मोहगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️
खेत में मिला वृद्ध महिला का शव
- बीजाडांडी में होली के दिन मिली लाश
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बीजाडांडी खापा माल गांव में एक खेत से करीब 70 वर्षीय महिला का शव शुक्रवार की शाम को मिला है। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस मौके पर पहुंची। जहां मौके की जांच करते हुए महिला के शव को बीजाडांडी सीएचसी भेज दिया गया। 15 मार्च शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मृतिका का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद महिला की मृत्यु का पता चल सकेगा।
जानकारी अनुसार बीजाडांडी के ग्राम खापा माल स्थित एक खेत में 70 वर्षीय बुजूर्ग महिला का शव मिला। मृतिका की पहचान कीरता बाई के रूप में की गई है। शव मिलने की सूचना के बाद बीजाडांडी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
बताया गया कि घटना के समय गांव में होली का त्योहार चल रहा था। इस कारण ग्रामीणों को घटना की ज्यादा जानकारी नहीं है। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया है।
बीजाडांडी पुलिस के मुताबिक मृत्यु के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही घटना स्थल की जांच कर मामले की छानबीन में जुटी है।
दुष्यंत कछवाहा बने श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति के अध्यक्ष
- नई कार्यकारणी को सौंपी महाआरती भंडारा समिति जिम्मेदारी
- श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति की कार्यकारणी गठित
मंडला महावीर न्यूज 29. सूर्यकुण्ड धाम जिला मुख्यालय से करीब तीन किमी दूर माँ रेवा के दक्षिण तट पर स्थित मंडला के पूर्व दिशा में ग्राम सकवाह में स्थित सूर्यकुण्ड धाम में स्थापित प्रसिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर है। मंदिर प्रागंण के समीप परिक्रमावासियों के लिए सामुदायिक भवन भी सभी के सहयोग से बनाया गया है। जहां आने वाले परिक्रमावासी यहां आराम करते है। जहां श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति सकवाह द्वारा परिक्रमावासियों की प्रतिदिन सेवा की जाती है। श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति ने बताया कि वर्ष 2013 से इस समिति की शुरू की गई है, जो आज तक निरंतर सभी के सहयोग से सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
बताया गया कि श्री सूर्यकुण्ड हनुमान जी महाआरती भंडारा समिति सकवाह, रामबाग के सुचारू संचालन के लिए नवीन कार्रकारणी का गठन किया गया है। इस भंडारा सूर्यकुण्ड धाम समिति के मनोनीत किए गए पदाधिकारियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कार्यकारणी समिति में दुष्यंत कुशवाहा को भंडारा समिति के अध्यक्ष पद पर मनोनित किया कर भंडारा समिति की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही हरिकेश दुबे उपाध्यक्ष, हरि ठाकुर उपाध्यक्ष, सुरेश हुंका कोषाध्यक्ष, बालकृष्ण यादव सह कोषाध्यक्ष, यदुनंदन कछवाहा सचिव, कैलाश कछवाहा सह सचिव, कमल किशोर कछवाहा को मीडिया प्रभारी बनाया गया है।

बताया गया कि महाआरती भंडारा समिति सूर्यकुण्ड धाम सकवाह रामबाग में सदस्य भी बनाए गए है। जिन्हें उनकी जिम्मेदारी सौंपी है। भंडारा समिति के सदस्यगण में अजय कछवाहा, प्रदीप तलेवाले, उमेश कछवाहा, राहुल कछवाहा, हरपाल कछवाहा, सुरेश कछवाहा, विनीत कछवाहा, सनित कछवाहा, मुकुल कछवाहा, रत्नेश कछवाहा, राजेंद्र नंदा, राजकुमार कछवाहा, कृष्नेश कछवाहा, रामकुमार कछवाहा, जगदीश बंजारा को सदस्य बनाया गया है। भंडारा समिति की नई कार्यकारणी के गठन पर सभी भक्तों और परिक्रमावासियों ने शुभकामनाएं दी है।
स्वर्णकार सोनी समाज का होली मिलन समारोह आयोजित
- रंग, गुलाल के साथ आयोजित हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
मंडला महावीर न्यूज 29. शनिवार को शाम चार बजे मंडला स्वर्णकार सोनी समाज द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन सराफा बाजार स्थित श्री राम मंदिर में किया गया। बताया गया कि स्वर्णकार सोनी समाज द्वारा आयोजित होली मिशन समारोह में सभी सामाजिक बंधु और मातृ शक्ति शामिल हुई। होली मिलन समारोह कार्यक्रम में गुलाल से होली खेली गई है। समाज के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये।

होली मिलन समारोह में बच्चे, युवक, युवतियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी। आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने स्वर्णकार सोनी समाज के हित में अपने-अपने विचार व्यक्त किये। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि विगत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी होली पर्व में होली मिलन समारोह मनाया गया। इस समारोह में समाज के सभी बड़े, बुजूर्ग, युवक, युवतियां, बच्चें मौजूद रही।
वर्ष 2026 तक मीजल्स रूबेला निर्मूलन का लक्ष्य
- विशेष टीकाकरण कैचअप सत्र प्रारंभ
मंडला महावीर न्यूज 29. टीकाकरण बच्चों के जीवन और उनके भविष्य की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। जिले समेत भारत भर में टीकाकरण अभियान दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है। जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि भारत शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2026 तक मीजल्स रूबेला निर्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मचारी मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे है।

बताया गया कि रविवार को खसरा दिवस मनाया गया। जिसके अंतर्गत 17 मार्च से विशेष टीकाकरण सत्र शुरू किया गया है, यह विशेष टीकाकरण केचअप सत्र 22 मार्च तक आयोजन किया जाएगा। टीकाकरण अभियान के दौरान ड्रॉप आउट व लेफ्ट-आउट बच्चों को एमआर-1 एवं एमआर-2 टीके से टीकाकृत किया जायेगा।
मीजल्स रूबेला निर्मूलन की जानकारी देते हुए टीकाकरण के विषय में बताया कि खसरा रोग देवी प्रकोप नही है, बच्चों की गंभीर जानलेवा वायरस की बीमारी है। मीजल्स रूबेला के दो बार टीके लगवाये, जिससे बच्चा सुरक्षित रहेगा। पहला एमआर टीका 9 से 12 माह एवं दूसरा टीका 16 से 24 माह में लगवायें। जिससे बच्चे को इस खसरा रोग से बचाया जा सके।



















































































































































