मूलवती के प्रयास से किसानों को मिला सोलर लिफ्ट इरीगेशन

मूलवती के प्रयास से किसानों को मिला सोलर लिफ्ट इरीगेशन

  • पढ़ाई में बच्चों की रूचि बढ़ाने लगवाए डिजिटल बोर्ड
  • परिवार को बेहतर जीवन देने मूलवती ने किया संघर्ष

मंडला महावीर न्यूज 29. किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है और यह सच गाँवों में भी है। गाँव की महिलाएं, जिनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष की कोई सीमा नहीं होती, कई बार समाज में बदलाव की सच्ची नायिका बन जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के ब्लाक नारायणगंज के गांव माड़ोगढ़ की महिला मूलवती की है, जिसने इस बात को सच करके दिखाया।

कुछ कर गुजरने की चाह हो तो कोई भी चीज मुश्किल नहीं होती है। नारायणगंज के एक छोटे गांव माड़ोगढ़ निवासी मूलवती मरावी ने काफी संघर्ष करने के बाद अपना जीवन बेहतर करने के साथ गांव और वहां पढऩे वाले बच्चों के भविष्य के लिए बहुत कुछ किया। इनके इस योगदान की सराहना की जाती है। बताया गया कि मूलवती का गांव माड़ोगढ़ विकास के मामले में पिछड़ा हुआ था, और यहाँ के लोग खेती पर निर्भर थे। मूलवती का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

शुरुआत में किया संघर्ष 

मूलवती के परिवार की स्थिति बहुत ही खराब थी। उनके पति की आय बहुत कम थी और घर का खर्चा भी मुश्किल से चलता था। मूलवती ने महसूस किया कि अगर उन्हें अपने परिवार को बेहतर जीवन देना है, तो उन्हें खुद कुछ करना होगा। शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गाँव की पारंपरिक सोच और समाज की मानसिकता महिलाओं को काम करने के लिए प्रेरित नहीं करती थी। मूलवती ने अपनी सोच बदली और कुछ कर गुजरने की ठान ली। जिसमें उसे सफलता मिली।

वीपीआरपी से जुडऩे के बाद सफर हुआ शुरू

मूलवती ने अपनी जि़न्दगी में बदलाव लाने के लिए सबसे पहले समूह स्तर पर बन रही ग्राम स्तरीय गरीबी उन्मूलन परियोजना (वीपीआरपी) में अपने सभी हकदारी योजनाओं का विवरण दिया एवं आजीविका को सुद्रण करने के लिए सिंचाई में सहायता के लिए बात रखी। गांव में विद्यालय तो थे लेकिन बच्चो का विद्यालय के प्रति रूचि कम हो रही थी। जिसके कारण गाँव में बच्चों में शिक्षा का स्तर कम था। ग्राम स्तर की वीपीआरपी योजना में स्कूल के इस मुद्दे को भी मूलवती द्वारा जुड़वाया गया। जिसके बाद ग्राम में विकास की शुरूआत हुई।

मुनाफे के साथ बच्चों का भविष्य भी संवरा 

मूलवती ने अपनी आजीविका को बढ़ाने के लिए अन्य समाज सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करना शुरू किया एवं विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त किए। मूलवती ने ग्राम में आजीविका बढ़ाने के लिए विभिन्न संसाधनों पर ग्राम की महिलाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया। मूलवती की लगन और उत्साह को देखते हुए आजीविका मिशन की सहायता से ग्राम स्तर पर कार्य कर रही प्रदान संस्था द्वारा मूलवती के समूह को सोलर लिफ्ट इरीगेशन दिया गया। जिससे मूलवती एवं अन्य गांव के किसानों को साल में 3 फसल लेने में सहायता मिली। जिससे किसानों का आर्थिक विकास शुरू हो गया। ग्राम के किसानों को पहले से ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसके साथ ही गांव के स्कूल में बच्चो की रूचि बढ़ाने के लिए आजीविका मिशन ने प्रदान से अभिसरण द्वारा स्कूल में 2 डिजिटल बोर्ड लगवाए। जिससे बच्चों में पढऩे की रूचि बढऩे लगी। बच्चे अब स्कूल जाने से कतराते नहीं है, अब अपना अच्छा भविष्य संवारने प्रतिदिन शाला जाने लगे है।

उदाहरण बन गई मूलवती 

आज मूलवती न सिर्फ एक सफल किसान हैं, बल्कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता भी बन चुकी हैं। उन्होंने अपने गाँव में महिलाओं के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम कर रही है। जिससे गांव के किसान और महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी आर्थिक स्थिति को और बेहतर कर सके। मूलवती का गांव आज उनके संघर्ष और सफलता की कहानी का उदाहरण बन चुका है।



 

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