ऋणमुक्तेश्वर भगवान के दर्शन से मिलती है सभी ऋणों से मुक्ति
- नर्मदा पुराण में इस मंदिर का है उल्लेख, नीचे तल पर स्वयं शंभू ऋण मुक्तेश्वर भगवान का शिवलिंग
- नर्मदा परिक्रमा मार्ग में ऋणमुक्तेश्वर के दर्शन के बाद आगे बढ़ते है परिक्रमावासी
- राजा ह्दय शाह ने करीब 500 साल पहले कराया गया था निर्माण
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर रायपुर नेशनल हाईवे 30 पर ग्राम पंचायत पीपरपानी के खड़देवरी गांव में स्थित शिव मंदिर काफी प्रसिद्ध है। नर्मदा के उत्तरी तट पर यह शिव मंदिर है। नर्मदा पुराण में भी इस स्थल का उल्लेख दिया हुआ है। मान्यता है कि यहां पूजन अर्चन दर्शन करने से पूर्व जन्मों के किसी भी तरह के ऋणों से मुक्ति मिल जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मनुष्य जन्म लेता है तो कर्मानुसार उसकी मृत्यु तक कई तरह के ऋण, पाप और पुण्य उसके साथ चलते हैं।
बताया गया कि शास्त्रों के अनुसार तीन तरह के ऋण होते है, जिसमें देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण। इसके साथ ही कहीं-कहीं ब्रम्हा ऋण का भी उल्लेख मिलता है। इन ऋणों को उतारने के बाद ही मनुष्य पाप, संकटों से छुटकारा पा सकता है। वहीं मंडला जिले के ग्राम खड़देवरी के स्वयंभू भगवान शिव के दर्शन मात्र से इन ऋणों से छुटकारा पाया जा सकता है। जिसके चलते यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
जानकारी अनुसार लगभग 500 साल पहले राजा हृदय शाह ने इस मंदिर का निर्माण कराया था, समय के साथ यह मंदिर जर्जर हो गया, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा इस मंदिर को अधीनस्थ किया गया है। विभाग द्वारा इसका संरक्षण व विकास कराया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मंदिर में श्रद्धालु अपनी बीमारी लाचारी को दूर करने मन्नत लेकर आते है, तो स्वयं शंभू भगवान उनकी मन्नत की पूर्ति करते हैं लेकिन कपट भावना से कोई व्यक्ति भोलेनाथ से कोई इच्छा पूर्ति की मांग करने आता है तो वह इस मंदिर पर नहीं पहुंच पाता।
बताया गया कि यहां शिवलिंग की स्थापना कहीं बाहर से लाकर नहीं की गई है बल्कि यहां जो शिवलिंग है वह स्वयंभू है, मतलब आज जहां शिवलिंग स्थापित है उसी स्थान से यह शिवलिंग जमीन के अंदर से अपने आप निकला था। पुराणों में इन्हें ऋणमुक्तेश्वर कहा गया है। यह मंदिर दो भागों में बना हुआ है। ऊपरी भाग में हाथ से बनी हुई प्रतिमाएं दीवारों पर अंकित है। जिसमें लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश व हनुमान जी की प्रतिमा है। वहीं नीचे तल पर स्वयं शंभू ऋण मुक्तेश्वर भगवान का शिवलिंग है। यहां नर्मदा परिक्रमा मार्ग होने से परिक्रमावासी भी यहां नर्मदा स्नान कर भगवान ऋणमुक्तेश्वर के दर्शन कर आगे प्रस्थान करते हैं।
बड़ी संख्या में दशर्न करने पहुंचते है नर्मदा परिक्रमावासी
ऋण मुक्तेश्वर शिवमंदिर मंडला से रायपुर नेशनल हाईवे 30 पर ग्राम खड़देवरी ग्राम पंचायत पीपरपानी में बना हुआ है। जिसे गांव के अंदर से जाकर नर्मदा तट पर पहुंचना पड़ता है। आने वाले समय में यह मंदिर एक पर्यटन के हिसाब से दार्शनिक स्थल होगा जो कि लोगों को मनोरंजन का साधन बन सकेगा। नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए यह एक शुभ स्थल है। मंडला जिले में न जाने ऐसे कितने पुराने काल के मंदिर बने हुए हैं जो आम जनता से दूर है। उसका कारण है कि मंदिरों की जानकारी ना होना।
सामान्य दिनों में भी रहती है भीड़
बताया गया कि भगवान शिव को ऋण मुक्तेश्वर भी कहा जाता है। नर्मदा तट में होने से इसका और भी महत्व बढ़ जाता है। यहां सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रृद्धालु भगवान शिव के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं वहीं महाशिवरात्रि और सावन माह में तो यहां सुबह से देर शाम तक श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब भी उन्हें मौका मिलता है वे यहां भगवान शिव के दर्शनों के लिए चले आते हैं। बताया गया कि आम दिनों में भी भक्तों का तांता ऋणमुक्तेश्वर भगवान के दर्शनों के लिए लगा रहता है। ग्राम खड़देवरी के इस मंदिर का जहां धार्मिक महत्व है वहीं नर्मदा पुराण में इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। इसके साथ ही ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह मंदिर काफी महत्व रखता है।












