10 हजार यूनिट रक्तदान से बचाई हजारों जिंदगियां

कोया बुमकाल क्रांति सेना और केबीकेएस हेल्थ एण्ड ब्लड डोनर विंग का मानव सेवा में एक अद्वितीय उपलब्धि

  • 10 हजार यूनिट रक्तदान से बचाई हजारों जिंदगियां
  • रक्तदान बना ऐतिहासिक मील का पत्थर
  • केबीकेएस टीम, स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं की समर्पित मेहनत और मानवीय सेवा

मंडला महावीर न्यूज 29. रक्तदान जीवन दान है ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि मानव जीवन में रक्त का कोई विकल्प नहीं है। पूरे मानव समाज के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि कोया बुमकाल क्रांति सेना के केबीकेएस हेल्थ एण्ड ब्लड डोनर विंग ने 10 हजार यूनिट रक्तदान का ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, जो केबीकेएस टीम, स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं की समर्पित मेहनत और मानवीय सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतिफल है।

जानकारी अनुसार रक्तदान के इस अभियान के लिए केबीकेएस हेल्थ एण्ड ब्लड डोनेशन विंग का गठन वर्ष 2005 से किया गया था। केबीकेएस हेल्थ एण्ड ब्लड डोनेशन विंग मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र राज्यों के अलग अलग जिलों में विंग के रक्तवीर हैं, जो लगातार अपना रक्तदान कर रहे हैं। करीब 19 वर्ष से ये रक्तवीर इस महान कार्य में सहयोगी है। इतन वर्षो में ये रक्तवीर अब तक हजारों जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 10 हजार यूनिट रक्त एक ऐसा आंकड़ा है जो न केवल संख्या में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और दायित्व का प्रतीक को भी दर्शाता है।

बताया गया कि हजारों जिंदगियों को बचाने में रक्तवीरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिसमें ब्लड देने वालों में बी पॉजीटिव 185 व्यक्ति, ओ पॉजीटिव 154 व्यक्ति, ए पॉजीटिव 121 व्यक्ति, एबी पॉजीटिव 43 व्यक्ति, ए नेगेटिव 4 व्यक्ति, ओ नेगेटिव 3 व्यक्तियों ने रक्तदान करके हजारों जिंदगियां बचाई है। इस तरह मंडला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में 10 हजार यूनिट ब्लड डोनेशन के उपलक्ष्य में फल वितरण किया गया।

नि:स्वार्थ भाव से मिली उपलब्धि 

बताया गया कि केबीकेएस भुआ बिछिया मंडला कोया ब्लड डोनेशन विंग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुआ बिछिया में पीडि़त मानवता की सेवा और रक्तदान जैसे महाअभियान के जागरूकता के लिए मरीजों को फल वितरित किया गया। इस अवसर पर अनिल कुमार परते, कमल किशोर आर्मो, शंकर लाल धुर्वे, प्रदीप कुमार सिंह, अनूप धुर्वे, हीरा उद्दे, सुदर्शन धुर्वे, उज्जर मरकाम, देवेंद्र मरकाम, कमलेश मरावी, रंजीत धुर्वे, भोजराज मरावी, दीपक कूड़ापे, सुखचैन धुर्वे, कार्तिक मरावी, रितेश धुर्वे, हेमराज़ मारवी, कमल किशोर आर्मो ने कहा कि हमारा मिशन सदैव से ही समाज की सेवा करना और जरूरतमंदों की मदद करना रहा है। यह उपलब्धि हमारे रक्तदाताओं, टीम के सदस्यों और स्वयंसेवकों के बिना शर्त सेवा भावना के बिना संभव नहीं था। हम भविष्य में और भी अधिक लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रक्तदान जीवनदान सिद्ध हो सकता है 

रक्तदान के इस अभियान में न केवल स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि कई कर्मचारियों, चिकित्सको और मेडिकल स्टाफ ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रत्येक दान से उन लोगों की मदद की जा सकी, जिन्हें सर्जरी, दुर्घटनाओं, एनीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों में तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। विंग के सदस्यों ने सभी रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए समाज के हर व्यक्ति से अनुरोध किया है कि इस पुण्य कार्य में जुड़ें और रक्तदान कर अधिक से अधिक जिंदगियों को बचाने में योगदान दें। क्योंकि रक्त केवल मानव शरीर में ही मिल सकता है। मानव शरीर ही रक्त का एकमात्र स्रोत है, अन्य किसी वैकल्पिक विधि द्वारा रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता है। एक छोटी सी पहल और किया गया रक्तदान जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए यह जीवनदान सिद्ध हो सकता है। कोया ब्लड डोनेशन विंग ने लोगों से अपील की है कि रक्तदान करें, जीवन बचाएं। रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता।

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