छात्रावास में इंतजाम नहीं वार्डन की प्रताडऩ चरम पर

  • छात्रावास में इंतजाम नहीं, वार्डन की प्रताडऩ चरम पर
  • नारायणगंज के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सुखराम का मामला
  • आधी रात को मनाने पहुंचे डीपीसी, एपीसी
  • मौके पर अभिभावक और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सुखराम की छात्राओं को प्रताडि़त करने का मामला सामने आया है। यहां रविवार की रात्रि करीब नौ बजे छात्रावास की छात्राएं छात्रावास से बाहर निकलकर एक दुकान के सामने सड़क किनारे बैठ गई। छात्राओं का कहना था कि छात्रावास की वार्डन को हटाओं तब ही हम छात्रावास में जाएंगे। इनके द्वारा हमें प्रताडि़त किया जा रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि, जन शिक्षक और संबंधित अधिकारियों को लगी। तत्काल सभी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए छात्राओं को छात्रावास में लौटाया।

जानकारी अनुसार जिला शिक्षा केन्द्र के छात्रावास प्रभारी और वार्डनो की मिलीभगत से छात्राओ को मिलने वाली सुविधाओ में डाका डाला जा रहा है। छात्रावास में छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वार्डन की प्रताडऩ से तंग आने के कारण रविवार को रात्रि 9 बजे करीब दो दर्जन से अधिक छात्राएं छात्रावास छोडकर बाहर आ गई। जानकारी लगते ही वार्डन और जिले के छात्रावास प्रभारी में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे प्रभारी आधी रात तक छात्रावास में डटे रहे है और छात्राओ को बुलाकर समझाईश देते रहे। बताया गया कि आधी रात को डीपीसी अरविंद विश्वकर्मा और प्रभारी छात्रावास एपीसी शेषमणि गौतम सुखराम पहुंचे। जहां पालको से चर्चा की गई और सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया गया।

छात्रावास की छात्राओं ने बताया गया कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सुखराम में कक्षा छटवीं से दसवीं तक की करीब 200 छात्राएं है। यहां छात्रावास वार्डन बताशा मर्सकोले प्रतिनियुक्ति पर है। इसके पहले भी ये उमरडीह की वार्डन रह चुकी है। जहां अनियमिता और गड़बड़ी मिलने पर हटाया जा चुका है लेकिन इस बार दोबारा प्रतिनियुक्ति पर सुखराम में वार्डन के पद पर पदस्थ किया गया है। छात्राओं ने वार्डन पर आरोप लगाते हुए कहां कि इनके द्वारा परेशान किया जा रहा है। शासन से मिलने वाली सुविधाएं और संसाधन मुहैया नहीं कराई जाती है। छात्राओ द्वारा वार्डन से छोटी छोटी आवश्यक साम्रगी मांगे जाने पर नहीं दी जाती है और उनसे अपशब्दो का प्रयोग कर डांटा जाता है। छात्रावास में पानी के लिए बाल्टी तक इंतजाम नही है।

गुणवत्तायुक्त नहीं मिल रहा भोजन 

छात्राओं ने शिकायत में बताया कि छात्रावास में छात्राओ को भोजन गुणवत्तायुक्त और पोषणयुक्त नहीं दिया जा रहा है। छात्रावास में मीनू का पालन भी नहीं किया जाता है। विगत दिवस रक्षाबंधन पर्व के पहले छात्रावास में काफी पुरानी सोयाबीन की बड़ी बनाई गई। जिसमें कीड़े लग चुके थे। इसका भी विरोध किया गया था, लेकिन वार्डन की मनमानी के चलते कोई सुधार नहीं किया गया है। इसके साथ ही छात्राओ को नाश्ता भी नहीं दिया जाता है। ऐसे में कैसे ये छात्राएं अपना भविष्य संवारेगी। जहां उनके सुविधाओं और भोजन में ही डाका डाला जा रहा हो।

छात्राओं की जरूरतों का नहीं मिलता सामान 

छात्रावास में कक्षा छटवीं से लेकर नौंवी और दसवीं तक की करीब 200 छात्राएं है। जिसमें किशोरी छात्राओ की संख्या अधिक है। इसके बाद भी छात्रावास में स्वास्थ्य शिविर तक नहीं लगा जाता है और यहां की किशोरियों को सेनेटरी पैड तक नहीं दिया जाता है। जिससे छात्राओ को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्रावास में तेल, साबुन से लेकर अन्य साम्रगी के लिए छात्राओ को अपने हिसाब से व्यवस्था करनी पड़ती है।

छात्राओं को नहीं मिल पा रहा पर्याप्त पानी 

सुखराम छात्रवास में पीने का पानी नहीं मिलता है। यहां पानी की समस्या है, जो कई वर्षो से बनी हुई है। छात्रावास में छात्राओ को पानी के लिए टैंकर बुलवाया जाता है, जो नियमित नहीं है। अभी सप्ताह भर पहले छात्राओ को पीने तक पानी नहीं मिला है। टैंकर से लिमिट का पानी आता है। जिसमें छात्राओ को एक बाल्टी पानी में स्नान, मुंह धुलने, कपड़े धोने के लिए दिया जाता है। छात्रावास का संचालन मनमानी से किया जा रहा है।

इनका कहना है

छात्रावास की करीब 20-22 छात्राएं वार्डन के डांटने से चली गई थी। उस दौरान छात्रावास की चौकीदार एक बीमार बालिका को इलाज के बाद घर छोडऩे गई थी। जानकारी लगने पर नारायणगंज का स्टाप और मैं स्वयं छात्रावास पहुंचा। पालको व सरपंच से चर्चा की। छात्राओ से समस्याएं पूछी गई। निर्देश दिए गए है कि छात्रावास में किसी भी प्रकार अनियमिता व अव्यवस्था ना रहे। सुरक्षा को लेकर कैमरे और चौकीदारी में कोताही नहीं बरते।
अरविंद विश्वकर्मा, डीपीसी मंडला

जानकारी मिली थी कि सुखराम बालिका छात्रावास से छात्राएं छात्रावास से चली गई। काफी रात हो जाने से छात्रावास में गए नहीं है लेकिन छात्रावास देर रात काफी भीड़ रही है। पालक भी पहुंचे और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रहे। छात्राओ की समस्या व वार्डन के द्वारा परेशान किए जाने के आरोप की जांच होनी है। इसके बाद स्पष्ट हो पाएगा।
अविनाश शर्मा, शिक्षा समिति सभापति नारायणगंज

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