- नौनिहाल की जान खतरे में, अभिभावकों ने स्कूल में जड़ा ताला
- गिरती छत और टपकते पानी के बीच बच्चे संवार रहे थे अपना भविष्य
- स्कूल संचालित करने ग्राम में नहीं मिला किराया का भवन
मंडला महावीर न्यूज 29. रैनी सीजन अपने शबाव पर है, और पूरे मध्यप्रदेश में इस वर्ष अच्छी बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई क्षेत्रों का संपर्क भी आपस में टूट गया, लोग परेशान भी हुए, वहीं इसी बीच विगत दिवस मप्र के रीवा और सागर जिले में जर्जर भवन और दीवार गिरने से करीब एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई। जिसके बाद मंडला जिला प्रशासन भी सर्तक हो गया और मंडला नगरपालिका क्षेत्र में जर्जर भवनों की खोजबीन शुरू कर दी गई। इसके साथ ही विगत दिवस मंडला कलेक्टर ने निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी केन्द्र, कार्यालय आदि का संचालन न करें। उन्होंने सहायक आयुक्त जनजाति कार्यविभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीएम समेत जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जर्जर भवनों का चिन्हांकन करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
जानकारी अनुसार आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में शिक्षा और भवनों की क्या हालत है यह किसी से छुपी नही है। सरकार अपने नंबर बढ़ाने भले ही वाहवाही लूट रही हो, लेकिन धरातल पर इसकी स्थिती बिल्कुल अलग है। मंडला जिले में आज भी बच्चें अपनी जान जोखिम में डालकर पढऩे मजबूर हैं। कई बार बच्चों के माता पिताओं ने इस समस्या के बारे में स्थानीय अधिकारी, कर्मचारी, सांसद और विधायक को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उनकी समस्या का समाधान आज दिनांक तक नही किया गया है।
अभिभावकों ने स्कूल में जड़ा ताला
अभिभावकों का कहना है कि इन तस्वीरों में स्पष्ट देख सकते है कि ये आदिवासी बच्चें अपनी जान जोखिम में डालकर इस जर्जर शाला भवन में पढऩे मजबूर हैं। बच्चों के जान की हिफाजत और उनकी सुरक्षा को देखते हुए गुस्साऐ ग्रामीणों ने अपने बच्चों की जान की परवाह करतें हुए स्कूल ना भेजने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अभिभावकों ने एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पौड़ी में ताला डाल कर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और मंडला कलेक्टर को शाला भवन का निरीक्षण करने की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि यहां जब तक संबंधित अधिकारी नहीं आते है, तब तक शाला बंद ही रहेगा।
बच्चों के ऊपर गिर गया था छत का प्लास्टर
बीजाडांडी विकासखण्ड के ग्राम पौड़ी में एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पिछले कई वर्षों से संचालित है। इस माध्यमिक शाला में कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक के बच्चे पढऩे आते है। ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल भवन में पिछले कई वर्षों से पानी टपक रहा है। कई बार इसके लिए शिकवा शिकायतें की गई। इसके बाद भी ग्राम पौंडी में ना तो नया स्कूल भवन बन सका ओर ना ही इस पुराने शाला भवन की मरम्मत कराई गई। अभिभावकों ने बताया कि विगत दिवस स्कूल में रोजाना की तरह ग्राम के बच्चे पढऩे पहुंचे। कक्षा में बैठकर पढ़ाई शुरू की, उसी दौरान स्कूल की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर कक्षा में बैठे बच्चों के ऊपर गिर गया।
इस हादसे में एक बच्चों को पैर में चोट आ गई। जिसके बाद बच्चें को उपचार के लिए ले जाया गया। अब बच्चा स्वस्थ है। लेकिन इस घटना के बाद ग्राम के अभिभावकों में आक्रोश पनप गया। ग्राम के सभी लोग स्कूल पहुंचे और शासकीय माध्यमिक शाला में ताला डाल कर विरोध जताया। जिसके बाद निर्णय लिया गया कि जब तक बड़े अधिकारी इस समस्या का समाधान नही करते है तब तक हम लोग अपने बच्चों को स्कूल नही भेजेंगे। वही बच्चों का भी कहना है कि हम स्कूल नही आएंगे, तो पड़ेंगे कैसे, लेकिन माता पिता इस जर्जर स्कूल में आने से मना करतें है कहते स्कूल की छत गिर रही है, इसलिए आप लोग स्कूल मत जाओ।
कई बार कर चुके आवेदन, निवेदन
बीजाडांडी के एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पौड़ी में शाला भवन जर्जर अवस्था में है। यहां नौनिहालों की जान खतरें में है। यहां पढऩे वालें बच्चों को पढ़ाई करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल की छत भरभराकर गिर रही है, कक्षा के अंदर पानी भी भर रहा है। जिससे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे है। इस समस्या के लिए पालक शिक्षक संघ ने कई बार शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि और नेताओं से आवेदन निवेदन कर चुकी है, बावजूद इसके इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। पालक शिक्षक संघ और बच्चों के अभिभावकों ने एक मतेन होकर कहां कि जब तक बच्चों के पढऩे के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की जाती है, तब तक स्कूल नहीं खुलेगा।
बीआरसी और उपयंत्री पहुचे निरीक्षण में
ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही जर्जर स्कूल भवन की जानकारी स्थानीय प्रशासन को लगी, वैसे ही बीआरसी मनोज चंदेल और जनपद पंचायत बीजाडांडी के उपयंत्री सत्येंद्र बेन को ग्राम पौड़ी में एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला का निरीक्षण करने भेजा गया। जहां इनके द्वारा स्कूल भवन का निरीक्षण किया गया। जिसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने ग्राम में ही शाला लगाने के लिए भवन की तालाश की, लेकिन शाला के लिए भवन नहीं मिल सका और दोनों कर्मचारी ग्राम से चले गए।
इनका कहना है
जर्जर शाला भवन की जानकारी जिला स्तर से जो मांगी गई थी उसमे एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पौड़ी का नाम भी है, ग्रामीणों ने शाला भवन में ताला क्यों लगा दिया है इस विषय की जानकारी नहीं है इसे संज्ञान में लेकर तत्काल कार्यवाही की जावेगी।
अवधेश दुबे, बीईओ बीजाडांडी
स्कूल भवन के अंदर पानी भरा रहता है और छत भी गिर रही है, इस विषय में हम ग्रामीणों ने जन सुनवाई और अधिकारी और जनप्रतिनिधि को सूचना दी है लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ। इसलिए सभी ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर शाला भवन में ताला जड़ दिया है।

विजय कुमार धूमकेती, ग्रामीण पौड़ी
स्कूल की छत का प्लास्टर निरंतर गिर रहा है, जिससे इस भवन में दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है, इसलिए आज उक्त भवन में ताला लगाया जा रहा हैं। जब तक स्कूल में शासन प्रशासन के जिम्मेदार नहीं आएंगे तब तक स्कूल बंद रहेगा। यहां उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
स्कूल में समस्या का अंबार है, स्कूल छत गिरने से कुछ बच्चे घायल भी हो चुके है, ऐसी स्थिति में हम स्कूल में ताला लगा रहे है, यहां बच्चों की जान खतरे में है, शासन, प्रशासन, अधिकारी यहां निरीक्षण कर बच्चों के पढ़ाई के लिए कोई उचित व्यवस्था बनवाए।

जियल सिंह बरकड़े, ग्रामीण, पौंडी
स्कूल की छत गिर रही है, पानी भी कक्षा के अंदर भर रहा है, जिससे कक्षा के अंदर पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, स्कूल की छत कभी भी गिर जाती है, जिससे कक्षा के अंदर बैठने में डर लगता है, बच्चों के लिए सुरक्षित व्यवस्था होनी चाहिए।
स्कूल में कभी भी स्कूल की छत गिर जाती है, विगत दिवस एक छात्र के ऊपर छत गिर गई, जिससे वह चोटिल हो गया, अब यहां पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है, माता पिता कहते है कि यदि कुछ हो गया तो, इसलिए स्कूल आने के लिए मना कर दिए है।



















