अब प्यासा नहीं रहेगा बिजौरा, पेयजल व्यवस्था हुई चाक-चौबंद

कलेक्टर की संवेदनशीलता

  • अब प्यासा नहीं रहेगा बिजौरा, पेयजल व्यवस्था हुई चाक-चौबंद
  • ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल एक्शन
  • 2 नए ट्यूबवेल, 186 नल कनेक्शन और सम्पवेल का निर्माण शुरू
  • ग्रीष्मकाल के लिए प्रशासन ने पहले ही कसी कमर

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड घुघरी के ग्राम बिजौरा में पेयजल संकट की सुगबुगाहट पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित संज्ञान लिया है। ग्रामीणों द्वारा व्यक्त की गई पेयजल संबंधी चिंताओं को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में बुधवार को विभाग के अमले ने मौके पर पहुँचकर गांव की जल आपूर्ति को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

युद्ध स्तर पर चल रहा बुनियादी ढांचा निर्माण 

ईईपीएचई मनोज भास्कर ने बताया कि जल स्रोतों को मजबूती देने के लिए गांव में 2 नए ट्यूबवेल का खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अगले दो दिनों के भीतर इनमें विद्युत मोटर स्थापित कर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही, जल भंडारण के लिए 20 हजार लीटर क्षमता का सम्पवेल भी निर्माणाधीन है, जिससे पानी का वितरण अधिक प्रभावी होगा।

स्वच्छ पेयजल के लिए 186 नल कनेक्शन 

कलेक्टर के मार्गदर्शन में ग्राम बिजौरा में अब तक कई कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिसमें जल जीवन मिशन के तहत अब तक 186 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अधिकांश आबादी को कवर करने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से जारी है। बताया गया कि बुधवार को पीएचई टीम ने ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव के 6 पारंपरिक सार्वजनिक कुओं का क्लोरीनेशन किया, जिससे ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त पानी मिले।

आगामी ग्रीष्मकाल के लिए तैयारी पूर्ण 

ग्रामीणों ने आगामी गर्मी के दिनों में जल स्तर गिरने की आशंका जताई थी। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर के निर्देशानुसार अतिरिक्त जल स्रोतों का निर्माण कर लिया गया है। वर्तमान में गांव में पानी की कोई किल्लत नहीं है और भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित कर लिए गए हैं।



 

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