ईसाई मिशनरियों के प्रभाव से मुक्त होकर दो परिवारों ने की सनातन धर्म में घर वापसी
- विहिप की पहल-प्रलोभन त्याग कर पुन: सनातनी हुए कोसमपानी के यादव परिवार
- आश्रम में हुआ हवन, पूजन
मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद क्षेत्र बिछिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमपानी के दो परिवारों ने ईसाई मिशनरियों के प्रभाव को त्याग कर पुन: अपने मूल सनातन धर्म में वापसी की है। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड बिछिया के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से इन परिवारों का शुद्धिकरण कर उन्हें सनातनी परंपरा में शामिल किया गया।
बताया गया कि बंजारी धाम के आगे श्री हनुमानलला आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुन्ना लाल यादव, उनकी धर्मपत्नी भागवती बाई, पुत्र दिनेश यादव एवं पंजू लाल यादव, उनकी पत्नी फुलझर यादव और पुत्र सुरेंद्र व नरेश यादव ने भाग लिया। विहिप पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन कराया। इसके बाद नारियल और गमछा भेंट कर सनातनी बंधुओं का आत्मीय स्वागत किया गया।
मिशनरियों के प्रलोभन का पर्दाफाश
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के भोले-भाले जनजातीय और पिछड़े वर्ग के लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र पानी के नाम पर दवाई मिश्रित जल, शिक्षा और उपचार का झूठा प्रलोभन दिया जाता है। लोगों को उनके कुलदेवता और ग्राम देवी-देवताओं की पूजा छोडऩे के लिए उकसाया जाता है। गैर-कानूनी तरीके से निजी मकानों या अवैध चर्चों में प्रार्थना सभाएं आयोजित कर धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा है।
इतिहास और गौरव की रक्षा का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जनजातीय महापुरुषों बिरसा मुंडा, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी अवंती बाई के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व में ईसाई शासकों ने छल-कपट का सहारा लिया, आज वही कार्य मिशनरी पादरियों द्वारा जादू-टोना और मनोवैज्ञानिक दबाव के माध्यम से किया जा रहा है। विहिप ने संकल्प दोहराया कि जनजातीय सनातनी गौरव की रक्षा के लिए संगठन गांव-गांव जाकर सतत कार्य करता रहेगा।










