रामनगर में बाल विवाह के विरुद्ध शंखनाद
- कार्यशाला में ग्रामीणों ने ली बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ
- बाल विवाह कराने पर होगी 2 साल की जेल और भारी जुर्माना
- प्रशासन ने दी चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए शासन द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत शनिवार को ग्राम पंचायत रामनगर में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से अवगत कराना था।
कड़े कानूनों की दी गई जानकारी
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक श्रीमती मधुलिका उपाध्याय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। शासन के नियमानुसार विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होना दंडनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाल विवाह कराने, उसमें शामिल होने या सहयोग करने वालों को 2 वर्ष तक का कारावास और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इस दौरान उन्होंने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों पर भी विस्तृत प्रकाश डाला।
हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार
कार्यक्रम में संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई, जिनमें महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 इन नंबरों के माध्यम से ग्रामीण किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना गुप्त रूप से प्रशासन को दे सकते हैं।
उपस्थित प्रतिभागियों को दिलाई शपथ
कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने बाल विवाह न करने और अपने क्षेत्र में न होने देने की सामूहिक शपथ ली। कार्यक्रम में आईईसी सामग्री का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता आरती वरकड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।









