चार हजार रसोइयों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर को सौंपा 6 सूत्रीय मांग पत्र
- मानदेय में देरी और काम से हटाए जाने का विरोध
- रसोइयों ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइयों की स्थानीय समस्याएं अब विकराल रूप ले चुकी हैं। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए रसोइयों ने कलेक्टर के नाम एक ध्यानाकर्षण आवेदन प्रस्तुत किया है। रसोइयों का कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे जिले के लगभग चार हजार रसोईये प्रभावित हो रहे हैं।
रसोइयों ने अपने आवेदन में प्रशासन के समक्ष छह प्रमुख बिंदु रखते हुए मांग की है कि कम दर्ज संख्या या अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर वर्षों से सेवा दे रहे रसोइयों को काम से अलग न किया जाए। रसोइयों का मानदेय अक्सर कई महीनों तक लंबित रहता है। मांग की गई है कि हर महीने की 10 तारीख तक उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित हो। वहीं कुछ संस्था प्रधानों द्वारा मध्याह्न भोजन के अलावा अन्य निजी या स्कूल के कार्य कराने का दबाव बनाया जाता है, जिस पर तत्काल रोक लगे।
ड्रेस खरीदी में मनमानी
ज्ञापन में आगे बताया कि विद्यालयों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण रसोइयों को दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। परिसर में ही पानी के इंतजाम किये जाए। कुछ समूहों द्वारा रसोइयों को सदस्य न होने के आधार पर हटाने की धमकी दी जाती है, जिसे रोकने की अपील की गई है। रसोइयों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बाजार से घटिया और महंगी ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
रसोइयों ने चेतावनी दी है कि यदि इन बुनियादी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो जाएगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन चार हजार परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ी इन मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है।










