सफलता की गूंज
कड़कनाथ पालन से आत्मनिर्भर बनीं सुडगाँव की उर्मिला मार्को
- शासन की योजना से मिला स्वरोजगार
- 40 चूजों से शुरू कर अब तक कमाया 25 हजार का लाभ
मंडला महावीर न्यूज 29| ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में शासन की योजनाएं मील का पत्थर साबित हो रही हैं। इसका ताजा उदाहरण जनपद पंचायत मोहगाँव के ग्राम सुडगाँव में देखने को मिला है, जहाँ श्रीमती उर्मिला मार्को ने कड़कनाथ कुक्कुट पालन को अपनाकर अपनी आर्थिक तस्वीर बदल दी है। उर्मिला आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई हैं।
कम निवेश, बड़ा मुनाफा
उर्मिला मार्को का चयन वर्ष 2023-24 में कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत हुआ था। योजना की कुल लागत 4,400 रुपये थी, जिसमें राहत की बात यह रही कि 75 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दिया गया। योजना के तहत उन्हें निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की गईं:
- 28 दिन के 40 कड़कनाथ चूजे।
- उच्च गुणवत्ता वाला कुक्कुट आहार।
- आवश्यक दवाइयां और कुक्कुट इकाई।
- पशुपालन विभाग द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से पालन का प्रशिक्षण।
बाजार में बढ़ती मांग का मिला लाभ
उर्मिला बताती हैं कि कड़कनाथ मुर्गी का काला मांस अपने औषधीय गुणों, कम कोलेस्ट्रॉल और उच्च प्रोटीन के लिए जाना जाता है। बाजार में इसकी विशेष मांग होने के कारण उन्हें उत्पाद बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई। घर बैठे मिले इस स्वरोजगार से उन्होंने अब तक लगभग 25,000 रुपये की आय अर्जित कर ली है।
स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम
“शासन की इस मदद से न केवल मेरी आय बढ़ी है, बल्कि अब मैं अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हूँ।” — उर्मिला मार्को, लाभार्थी
पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और उर्मिला की मेहनत का ही परिणाम है कि आज वह आत्मनिर्भरता की राह पर हैं। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और लगन का मेल हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां दी जा सकती हैं।










