हिन्दू धर्म में नर्मदा का विशेष महत्व, धूमधाम से मनाएंगे जन्मोत्सव

हिन्दू धर्म में नर्मदा का विशेष महत्व, धूमधाम से मनाएंगे जन्मोत्सव

  • सुहागले पूजन में शामिल हुई मातृ शक्तियां
  • जिले भर में होंगे विविध धार्मिक आयोजन

मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा जयंती भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक त्यौहार है। यह अमरकंटक में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, क्योंकि यह माँ नर्मदा का जन्म स्थान है। इसके अलावा यह पूरे मप्र में बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को माँ नर्मदा का जन्म हुआ था, इसलिए यह हर साल इस दिन माँ नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भारत में 7 धार्मिक नदियाँ हैं उन्हीं में से एक है माँ नर्मदा है। हिन्दू धर्म में इसका बहुत मह्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने देवताओं को उनके पाप धोने के लिए माँ नर्मदा को उत्पन्न किया था और इसलिए इसके पवित्र जल में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते है। नर्मदा महोत्सव को हिंदुओं द्वारा पर्व के रुप में मनाया जाता है। इस वर्ष नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी।मां नर्मदा जयंती पर्व पर जिले के नर्मदा मंदिर, नर्मदा घाटो में विविध धार्मिक आयोजन किए जाएंगे हैं। इसी तारतम्य में मुख्यालय से पांच किमी दूर मां नर्मदा अंचल के दक्षिण तट में स्थित ग्राम हिरदेनगर के ऊँ श्रीं माँ रूकमणि देवी सदाव्रत आश्रम सिद्धपीठ दरबार माँ नर्मदा मंदिर में 30 वां माँ नर्मदा जन्मोत्सव महापर्व कार्यक्रम 22 जनवरी से शुरू हो गया है। जिसका समापन नर्मदा जयंती पर किया जाएगा।

जिले भर में होंगे विविध आयोजन 

नर्मदा जयंती के अवसर पर जिले के सभी नर्मदा घाटो में माँ नर्मदा को चुनरी अर्पित की जाती हैं। बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त जयंती पर्व पर नर्मदा घाट पहुंच कर पूजन, अर्चन, चुनरी भेंट करेंगे।

विधिवत शुरू हुए माँ नर्मदा जयंती के कार्यक्रम 

आचार्य संतोष महाराज ने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर दरबार में सुहागले पूजन, जप यज्ञ, रामधुन संर्कीतन, माँ नर्मदा अभिषेक, रामधुन समापन, कन्या भोज, मुण्डन संस्कार समेत विविध धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 30 वां माँ नर्मदा जन्मोत्सव महापर्व का चार दिवसीय आयोजन 22 जनवरी से 25 जनवरी तक नर्मदा जयंती के अवसर पर विविध धार्मिक आयोजन किये जाएंगे। जिसमें 22 जनवरी को जप यज्ञ किया गया। 23 जनवरी को सुहागले पूजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में मातृ शक्तियों ने सहभागिता की। इसके बाद अंखड रामधुन और कीर्तन शाम 8 बजे से शुरू की गई। 24 व 25 जनवरी को अखंड रामधुन का समापन, पूर्णाहूति, कथा पूजन पाठ, संध्या आरती वंदना, माँ नर्मदा जी का अभिषेक, पूजन, हवन, कन्या भोज, मातृ पितृ, गुरू अभिषेक पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से बच्चों के मुंडन संस्कार का कार्यक्रम अयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है। 25 जनवरी को दोपहर 02 बजे से रात्रि 9 बजे तक विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही शाम 4.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक किन्नर चांदनी दीदी द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी।



 

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