अव्यवस्थाओं के बीच सिमटा आनंद उत्सव

अव्यवस्थाओं के बीच सिमटा आनंद उत्सव का आयोजन

  • देवरी कला ने कबड्डी और रस्साकसी में मारी बाजी
  • धरातल पर फीका पड़ा आनंद उत्सव
  • प्रचार-प्रसार के अभाव और प्रशासनिक लापरवाही से खाली रहा मैदान

मंडला महावीर न्यूज 29. मप्र शासन के निर्देशानुसार स्थानीय देवरी कला बबलिया में वर्ष 2026 के आनंद उत्सव का आयोजन किया गया। जनशिक्षा केंद्र बबलिया के प्राचार्य और कार्यक्रम प्रभारी डीके सिंगौर के संचालन में हुई इस प्रतियोगिता में देवरी कला बबलिया की टीम ने अपना दबदबा कायम किया। जहाँ एक ओर खिलाडिय़ों ने मैदान पर पसीना बहाया, वहीं दूसरी ओर आयोजन में प्रशासनिक लापरवाही और उत्साह की कमी भी चर्चा का विषय बनी रही।प्रतियोगिता के दौरान देवरी कला बबलिया और बबलिया माल की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। कबड्डी और रस्साकसी, दोनों ही रोमांचक मुकाबलों में देवरी कला बबलिया की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता होने का गौरव प्राप्त किया। इस दौरान ग्राम पंचायत देवरी कला बबलिया, बबलिया माल और डोभी के पंचगण व कुछ ग्रामीण मौजूद रहे।

अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा उत्सव 

पिछले वर्षों की तुलना में इस बार आनंद उत्सव मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण इस बार कार्यक्रम का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। जहाँ पिछले वर्षों में यह उत्सव 3 दिनों तक चलता था, वहीं इस बार इसे घटाकर मात्र 1 दिन का कर दिया गया। सूचना के अभाव में ग्राम पंचायत डोभी की टीम खेल में भाग ही नहीं ले सकी और खेल मैदान भी अधिकांश समय खाली नजर आया।

सरकार की मंशा पर फिर रहा पानी 

मप्र सरकार का उद्देश्य इन पारंपरिक खेलों कबड्डी, रस्साकसी, गिल्ली डंडा, बोरा दौड़ आदि के जरिए ग्रामीण जनभावनाओं को जोडऩा और बच्चों को प्रेरित करना है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की मनमौजी कार्यप्रणाली के कारण धरातल पर यह योजना शून्य साबित हो रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए।


 

Leave a Comment