फिजियोथेरेपी के दौरान छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को एक वर्ष का कारावास
- मंडला न्यायालय ने सुनाया फैसला
- आदिवासी महिला से बदसलूकी करने वाले आरोपी को जेल
- एससी, एसटी एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में सजा
- इलाज के नाम पर मर्यादा लांघने वाले आरोपी को न्यायालय ने दी सजा
मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट न्यायालय, जिला मंडला द्वारा छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने आरोपी सुधीर साहू 30 वर्ष, निवासी करियागांव अंजनिया को धारा 354 (क) भादस एवं एससी, एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 01 वर्ष के सश्रम कारावास और 2000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार पीडि़ता जो आंशिक रूप से लकवाग्रस्त थी, अपना उपचार कराने के लिए बिंझिया स्थित मां नर्मदा फिजियोथेरेपी सेंटर जा रही थी। 20 अगस्त 2021 को जब वह थेरेपी करवा रही थी, तब आरोपी सुधीर साहू ने चेहरे की थेरेपी करने के बहाने पीडि़ता के साथ अत्यंत आपत्तिजनक और अश्लील हरकत की। पीडि़ता के चिल्लाने पर आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने यह जानते हुए भी कि वह आदिवासी समुदाय से है, बुरी नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की।
बताया गया कि पीडि़ता की लिखित शिकायत पर थाना कोतवाली मंडला ने अपराध दर्ज कर विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने सशक्त साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने प्रस्तुत सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन एसएस ठाकुर द्वारा की गई। उनके तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने का आदेश जारी किया।









