मकर संक्रांति पर स्थानीय अवकाश घोषित करने की उठी मांग
नर्मदा जयंती पर रविवार होने के कारण एसोसिएशन ने 14 जनवरी को छुट्टी देने का दिया तर्क
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में मकर संक्रांति के पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से 14 जनवरी को स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा से आग्रह किया है कि मकर संक्रांति जिलेवासियों के लिए श्रद्धा का बड़ा केंद्र है, अत: इस दिन शासकीय अवकाश होना आवश्यक है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर और जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा साल भर में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए जाते हैं, जिनमें से एक अवकाश प्रतिवर्ष नर्मदा जयंती पर दिया जाता है। चूंकि इस वर्ष नर्मदा जयंती रविवार को पड़ रही है, इसलिए उस अवकाश का लाभ कर्मचारियों और शिक्षकों को नहीं मिल पाएगा। एसोसिएशन का सुझाव है कि इस वर्ष नर्मदा जयंती के बदले 14 जनवरी मकर संक्रांति को स्थानीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
त्योहार से वंचित रह जाते हैं शिक्षक और छात्र
एसोसिएशन की जिला महिला विंग अध्यक्ष श्रीमती मीना साहू सहित अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि मकर संक्रांति पर जिले के सभी नर्मदा तटों पर तिल स्नान और पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। जगह-जगह मेलों का आयोजन भी होता है। अवकाश न होने के कारण शासकीय कर्मचारी और शिक्षक अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं कर पाते। स्कूली बच्चे भी इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व में सम्मिलित होने से वंचित रह जाते हैं।
भविष्य के लिए भी सुझाव
एसोसिएशन के विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती संजूलता सिंगौर, कमोद पावले, अनुराग जैन, कमलेश मरावी और अन्य ने संयुक्त रूप से मांग की है कि न केवल इस वर्ष, बल्कि आगामी वर्षों में भी मकर संक्रांति की महत्ता को देखते हुए इसे स्थानीय अवकाश की सूची में स्थायी रूप से शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए।









