प्रशासन के बेदखली आदेश बेअसर
तीन बार वारंट जारी होने के बाद भी 70 वर्षीया वृद्धा न्याय को मोहताज
- बिछिया तहसील में तीन-तीन आदेशों के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
- न्याय की आस में जनसुनवाई पहुंची फांफा बाई
- शासकीय रास्ते पर कुंजबिहारी साहू का अवैध कब्जा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों और बार-बार जारी होने वाले बेदखली वारंटों की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिछिया तहसील के अहमदपुर अंजनिया निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला फांफा बाई साहू मंगलवार को एक बार फिर न्याय की गुहार लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचीं। मामला शासकीय रास्ते पर अवैध कब्जे और प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली से जुड़ा है।
पीडि़त वृद्धा का आरोप है कि उनके घर के सामने स्थित शासकीय रास्ते पर गांव के ही कुंजबिहारी साहू और उनके परिवार ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस मामले में नायब तहसीलदार अंजनिया और एसडीएम कोर्ट द्वारा तीन बार बेदखली आदेश और वारंट जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की अंतिम तिथि 5 जनवरी तय की थी, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मारपीट और नौकरी से निकलवाने की दे रहे धमकी
फांफा बाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि अवैध कब्जाधारी न केवल रास्ता रोकने पर आमादा है, बल्कि विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज भी करता है। इतना ही नहीं अनावेदक पक्ष द्वारा वृद्धा के पुत्र रामप्रसाद को उसकी नौकरी से हटवा देने की धमकियां भी दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताडि़त है।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
बार-बार दफ्तरों के चक्कर काट रही बुजुर्ग महिला को अब प्रशासन ने 7 जनवरी को कब्जा हटाने का मौखिक आश्वासन दिया है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।









