भुगतान न होने से जनमन भवन का निर्माण अधर में, मजदूर और ठेकेदार परेशान
- आरईएस विभाग की लापरवाही, अधर में लटका निर्माण कार्य
- 22 लाख का काम पूरा, पर भुगतान हुआ मात्र 9 लाख
मंडला महावीर न्यूज 29. भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जनमन बैगा बहुउद्देशीय योजना मंडला जिले में विभागीय लेत-लतीफी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत चकदेही में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय भवन का कार्य भुगतान न होने के कारण पूरी तरह ठप पड़ गया है। आलम यह है कि ठेकेदार सहित निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले सप्लायर और मजदूर पिछले कई महीनों से अपने पैसे के लिए भटक रहे हैं।
जानकारी अनुसार चकदेही में इस भवन के लिए कुल 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ठेकेदार द्वारा अब तक लगभग 22 लाख रुपये की लागत से भवन का प्लास्टर और लेंटर लेवल तक का काम पूरा कर लिया गया है। लेकिन आरईएस विभाग के अधिकारियों की कथित लापरवाही के चलते अब तक केवल 9 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है। शेष राशि का बिल न बनने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है।
सप्लायरों और मजदूरों का बढ़ता दबाव
मटेरियल सप्लायर गौतम यादव ने बताया कि उन्होंने रेत, गिट्टी और सीमेंट की सप्लाई की है, जिसका बड़ा भुगतान बकाया है। ठेकेदार का कहना है कि जब तक विभाग बिल पास नहीं करता, तब तक वे सप्लायरों और सेंटिंग वालों का पैसा देने में असमर्थ हैं। इस स्थिति का सबसे बुरा असर उन मजदूरों पर पड़ रहा है जिनकी रोजी-रोटी इसी निर्माण कार्य पर टिकी थी।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से की मांग
ग्रामीणों ने आरईएस विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में योजनाओं को समय पर पूरा करने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत में अधिकारियों की लापरवाही से काम अधूरे पड़े हैं। जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश है, उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरईएस विभाग तत्काल लंबित देयकों का सत्यापन कर बिल जारी करे। मजदूरों और सामग्री सप्लायरों का भुगतान प्राथमिकता से किया जाए। जिला प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य को पुन: शुरू कराए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले में जल्द संज्ञान लिया जाए, जिससे क्षेत्र के बैगा आदिवासियों के हित में बन रहा यह भवन समय सीमा में पूर्ण हो सके।









