सिन्दूरासुर वध के प्रसंग पर झूम उठे भक्त

सिद्धेश्वर धाम में गणेश पुराण के पांचवें दिन उमड़ा जनसैलाब

  • सिन्दूरासुर वध के प्रसंग पर झूम उठे भक्त
  • कथावाचक पंडित ललित नारायण मिश्रा ने सुनाया राजा वरेण्य को मिले गणेश गीता के ज्ञान का वृत्तांत

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला के सुरंगदेवरी स्थित सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र श्री सिद्धेश्वर धाम में आयोजित नौ दिवसीय श्री गणेश पुराण कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा के पांचवें दिन भगवान श्री गणेश के चरित्र का वर्णन सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।सिन्दूरासुर वध और सिन्दूर अर्पण का महत्व सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित ललित नारायण मिश्रा ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान गणेश के गजानन अवतार और सिन्दूरासुर वध का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ब्रह्मा जी से वरदान पाकर अहंकारी सिन्दूरासुर ने तीनों लोकों में आतंक मचाया था। जब भगवान श्री गणेश ने उसका वध किया, तो असुर के रक्त से प्रभु का शरीर सिन्दूरी वर्ण का हो गया। इसी प्रसंग के साथ कथा वाचक पंडित ललित नारायण ने बताया कि गणेश जी को सिन्दूर क्यों प्रिय है और कैसे सिन्दूर अर्पण करने से भक्तों के सभी विघ्न दूर होते हैं।कथा के दौरान राजा वरेण्य के प्रसंग ने श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया। कथा वाचक पंडित ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि जब राजा वरेण्य ने अज्ञानतावश भगवान को पुत्र रूप में त्याग दिया था, तब बाद में आत्मज्ञान होने पर भगवान गणेश ने उन्हें गणेश गीता का उपदेश दिया। इस उपदेश के माध्यम से राजा को संसार की नश्वरता और निष्काम कर्म योग की शिक्षा दी गई, जिससे उनका कल्याण हुआ।

भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद 

पांचवें दिन की कथा के विश्राम के बाद आरती संपन्न हुई, जिसमें सिद्धेश्वर धाम का परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद सिद्धेश्वर धाम समिति द्वारा विशाल भंडारे महाप्रसाद का आयोजन किया गया। इस महाप्रसाद में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में कथा के प्रसंग और भी भव्य होंगे।

छटवें दिन होगी श्री गणेश और रिद्धि, सिद्धि का विवाह 

श्री गणेश पुराण के दौरान कथा वाचक पंडित ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि कथा के छटवें दिन 3 जनवरी को भगवान श्री गणेश और रिद्धि सिद्ध का विवाह कराया जाएगा। कथा वाचक ने बताया कि जिन युवक, युवतियों के विवाह में अड़चने आ रही है, वे कथा के छटवें दिन शनिवार को तीन-तीन नारियल लेकर श्री गणेश पुराण में आए।



 

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