पुरानी यादें भूल कर नववर्ष का किया उत्साह से स्वागत
- युवाओं में रहा उत्साह
- पर्यटन स्थलों में रही भीड़
- हुए धार्मिक आयोजन
- मंदिरों में रही भीड़
मंडला महावीर न्यूज 29. वक्त ठहरता नहीं है, टिक-टिक करती घड़ी की सुईयों की तरह वर्ष 2025 भी अपनी मस्तानी चाल चलकर आखिरकार विदा हो गया है। उसके चेहरे पर खुशी भी थी, तो गम भी। खुशी इस बात की कि उसे अपने लम्बे सफर से मुक्ति मिली, मायूसी-तनाव का दामन छूटा। गम इसलिए कि साल जैसा भी रहा, उसका हमसफर रहा। उससे लिपटा रहा सुख-दुख, ऊंच-नीच, अच्छा -बुरा सब कु छ साथ-साथ हुआ। अब भरे मन से वर्ष 2025 को अलविदा कहना पड़ा।
साल बदला, कैलेण्डर बदल गया, दीवारों की पुरानी कील पर नया कैलेण्डर, नए अरमानों, नई ख्वाहिशों के साथ लटक गया। 2025 बदलकर 2026 हो गया। अब 2025 की यादों को भूलकर 2026 से कुछ अच्छे की उम्मीदें है। जिससे पुराने साल की यादों को भूल सके। जिलेवासियों ने नववर्ष का जोरदार स्वागत किया। शहर में कई स्थानों में युवा वर्गो ने नववर्ष के स्वागत के लिये विशेष तैयारियां कर रखी थी। लोग नववर्ष का जश्न मनाए। हालाकि कोई नव वर्ष में कोई बड़े आयोजन नहीं किये गए। सादगी के साथ नववर्ष का स्वागत किया गया। धार्मिक स्थलों में भक्तों का हुजूम देखा गया। मुख्यालय के नजदीक सूर्यकुण्ड धाम में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां चल रही अंखड रामधुन में भक्तों की सहभागीता देखी गई। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में लोग सूर्यकुण्ड पहुंचे।
घुघरा में भी रही लोगों की भीड़
इधर नववर्ष की धूम सुदूर ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में भी देखने को मिली और कही नर्मदा के रमणीय स्थलों जैसे सहस्त्रधारा में भी लोगों का हुजूम देखने को मिला। जहां लोग पूजन के साथ-साथ पिकनिक का भी आनंद लिया। प्रकृति की घनी वादियों के बीच परिवार व साथियों के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। शायद ही कोई ऐसा रमणीक स्थल होगा जहां पहली जनवरी को पिकनिक मनाने टोली न पहुंचा हो। कई टोलियां पिकनिक के दौरान गीतों की धुन पर जमकर थिरकते देखे गये। इसके साथ ही निवास क्षेत्र के घुघरा जल प्रपात पर भी नए वर्ष में लोगों की भीड़ देखी गई यहां लोग झरने का लुत्फ उठाते हुए परिवार सहित पर्यटक पहुंचे।
मंदिर में माथा टेक कर किया नववर्ष का स्वागत
नए साल के आगाज पर बड़ी संख्या में युवा धार्मिक स्थलों में पहुंचे। सुबह से ही मंदिरों में श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। गुरुद्वारों में भी लोगों ने अरदास कर दुआ मांगी। प्रसिद्ध मंदिरों, नर्मदा नदी में सुबह पांच बजे से ही भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। मंदिर समितियों की तरफ से भी इंतजाम किए गए थे। सुबह आठ बजे के आसपास काफी भीड़ एकत्र हो गई थी। माथा टेकने वालों में अधिकतर युवा थे। सूर्यकुण्ड धाम, शीतला मंदिर, गुरुद्वारा, आईटीआई दुर्गा मंदिर, सिद्धबाबा टेकरी, नर्मदा घाटों में खासी भीड़ रही। माथा टेककर आने वाले कई लोगों ने अमन चैन की प्रार्थना की।










