हाईवे पर मौत बनकर दौड़ रहे बेलगाम हाइवा, उड़ती रेत और तेज रफ्तार बनी काल
- एक माह में दर्जनों सड़क हादसे, जिम्मेदार मौन
- क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा प्रशासन
मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे अब खूनी सड़क में तब्दील होता जा रहा है। रेत से लदे ओवरलोड हाइवा और डंपरों की धमाचौकड़ी ने आम राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि इस मार्ग पर आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, तो कई अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
महीने भर में एक दर्जन से ज्यादा हादसे
बीते एक माह के भीतर मंडला और उदयपुर के बीच करीब एक दर्जन से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। हाल ही में सड़क किनारे खड़े एक हाइवा ट्राला से बाइक सवार की टकराने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले भारी वाहनों और उनकी अनियंत्रित गति पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है।
उड़ती रेत राहगीरों को खतरा
ओवरलोड डंपरों में रेत को बिना ढके परिवहन किया जा रहा है। तेज रफ्तार के कारण इन वाहनों से रेत उड़कर पीछे चल रहे बाइक सवारों की आंखों में गिरती है। क्रॉसिंग के दौरान यह स्थिति और भी भयानक हो जाती है, जिससे संतुलन बिगडऩे के कारण बाइक सवार लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी इन चालकों की रफ्तार कम नहीं होती, जो किसी बड़ी अनहोनी को खुला निमंत्रण दे रही है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर जनता में आक्रोश
क्षेत्र की जनता का आरोप है कि परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधकर बैठा है। बेलगाम दौड़ रहे इन मौत के सौदागरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ओवरलोड वाहनों की सघन चेकिंग की जाए। रिहाइशी इलाकों में रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम हों। रेत को ढंककर परिवहन करना अनिवार्य किया जाए। स्थानीयजनों ने कहां कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन खूनी वाहनों पर नकेल नहीं कसी, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।









